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- 13h ago
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से पहले प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल तेज हो गई है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए बंद रखने का नोटिस जारी किया है। नोटिस में इसके पीछे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर की शाम पांच बजे इसी पार्क में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम का ऐलान किया है।
इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो जारी कर लोगों से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क पहुंचने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने में शामिल होने की अपील की थी। आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेने की घोषणा की है। ऐसे में पार्क को दो दिनों के लिए बंद रखने के फैसले ने कार्यक्रम के आयोजन और उसमें शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और समर्थन व्यक्त करने के लिए वे अपने साथ तिरंगा लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें।
एक्स पर जारी वीडियो में दीपके ने अपने संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि दोनों को तिरंगा लहराने के मामले में जेल भेजा गया है। उन्होंने लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि वे यह संदेश देना चाहते हैं कि तिरंगा फहराना अपराध नहीं है।
दीपके के इस आह्वान के बाद कार्यक्रम को लेकर लोगों का ध्यान कनॉट प्लेस की ओर गया। हालांकि, एनडीएमसी की ओर से सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखने का नोटिस जारी किए जाने के बाद आयोजन को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। पार्क बंद रखने के लिए प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले का कार्यक्रम से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम की घोषणा सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद की गई थी। दोनों को जंतर-मंतर पर हुई एक घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
उन पर कथित तौर पर अनधिकृत रूप से जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बांड की शर्तों का उल्लंघन करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं।
इन गिरफ्तारियों के बाद दीपके ने तिरंगा फहराने का कार्यक्रम घोषित करते हुए इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। उनके बयान के अनुसार, कार्यक्रम के माध्यम से वह इस संदेश को सामने रखना चाहते हैं कि तिरंगे के साथ जुड़ी गतिविधियों को अपराध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
हालांकि, गिरफ्तारी से जुड़े आरोपों और दीपके के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं। इसी तरह, दीपके द्वारा गिरफ्तारी के कारणों को लेकर दिए गए बयान को उनके दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के लिए आम जनता के प्रवेश हेतु बंद रखने का नोटिस जारी किया है। इसमें प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है।
सेंट्रल पार्क कनॉट प्लेस के बीचोंबीच स्थित एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है। यहां आमतौर पर लोग घूमने, बैठने और विभिन्न सार्वजनिक गतिविधियों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में पार्क को दो दिनों के लिए बंद रखने का फैसला स्थानीय लोगों और वहां आने वाले अन्य लोगों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या निर्धारित समय पर ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम हो पाएगा। एक ओर आयोजक ने लोगों से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की अपील की है, वहीं दूसरी ओर पार्क बंद रखने का प्रशासनिक नोटिस सामने आया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कार्यक्रम को लेकर किसी वैकल्पिक स्थल या आयोजन की नई व्यवस्था की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए कार्यक्रम के वास्तविक स्वरूप, स्थल पर प्रवेश और प्रशासन की अंतिम व्यवस्था को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
सीजेपी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की तैयारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा। अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां भी राष्ट्रीय राजधानी में पहले ही तैनात की जा चुकी हैं।
पुलिस की ओर से संभावित भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग करने और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य किसी अप्रिय घटना को रोकना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
कनॉट प्लेस राजधानी का एक प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्र है। यहां दुकानों, कार्यालयों, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों के अलावा बड़ी संख्या में आम लोग भी पहुंचते हैं। ऐसे में किसी प्रदर्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ बढ़ने पर यातायात और पैदल आवाजाही को व्यवस्थित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
जंतर-मंतर भी दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शनों का एक प्रमुख स्थल है। सीजेपी के दो पदाधिकारियों की गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रम के कारण इस क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि कनॉट प्लेस निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं है। यह बयान कार्यक्रम के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण है, क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन और भीड़ जुटाने के लिए लागू नियमों तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संभावित स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और आवाजाही के नियमन जैसे कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कार्यक्रम के लिए किसी अनुमति की स्थिति या आयोजकों को दिए गए किसी विशिष्ट निर्देश का पूरा विवरण सामने नहीं आया है।
ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आयोजक और प्रशासन के बीच कार्यक्रम को लेकर आगे क्या व्यवस्था बनती है। किसी भी स्थिति में आम लोगों को पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा बंद घोषित क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश न करने की सलाह दी जाती है।
इस कार्यक्रम को राजनीतिक समर्थन भी मिला है। आम आदमी पार्टी ने इसमें शामिल होने की घोषणा की है। पार्टी की भागीदारी की घोषणा के बाद कार्यक्रम पर राजनीतिक नजरें भी टिक गई हैं।
सीजेपी के संस्थापक दीपके ने कार्यक्रम को तिरंगे के सम्मान और उसे फहराने के अधिकार से जुड़े संदेश के रूप में पेश किया है। वहीं, पार्क बंद रखने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के घटनाक्रम ने आयोजन के प्रशासनिक पहलू को भी चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, कार्यक्रम में किसी राजनीतिक दल या संगठन की भागीदारी की घोषणा अपने आप में यह तय नहीं करती कि कार्यक्रम किस रूप में संपन्न होगा। इसकी वास्तविक स्थिति स्थल पर लागू नियमों, प्रशासनिक व्यवस्था और आयोजकों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
16 अक्टूबर की शाम पांच बजे प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम को लेकर अब तीन प्रमुख पहलुओं पर नजर रहेगी। पहला, सेंट्रल पार्क को बंद रखने के एनडीएमसी के नोटिस के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण आता है या नहीं। दूसरा, कार्यक्रम के आयोजन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच क्या स्थिति बनती है। तीसरा, आम आदमी पार्टी और अन्य संभावित प्रतिभागियों की भागीदारी किस रूप में होती है।
साथ ही, 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस पहुंचने वाले लोगों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि सेंट्रल पार्क में प्रवेश उपलब्ध है या नहीं और आसपास की आवाजाही पर क्या प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।
सीजेपी की ओर से तिरंगा फहराने के कार्यक्रम को लेकर की गई अपील, उसके दो पदाधिकारियों की न्यायिक हिरासत, एनडीएमसी का पार्क बंद रखने का नोटिस और पुलिस की सुरक्षा तैयारियां—इन सभी घटनाक्रमों ने इस आयोजन को चर्चा का विषय बना दिया है।
फिलहाल, पार्क बंद रखने के फैसले के पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। इसे प्रस्तावित कार्यक्रम से जोड़कर देखने के लिए किसी आधिकारिक पुष्टि की आवश्यकता होगी। कार्यक्रम की अंतिम स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अगले निर्देश ही यह स्पष्ट करेंगे कि 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में क्या व्यवस्था रहती है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


