यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
बड़ौत। शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से देश की पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतरत्न इंदिरा गांधी के शहादत दिवस तथा भारतरत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तीनों महान विभूतियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन किया। कार्यक्रम में उनके जीवन, विचारों और देशहित में किए गए कार्यों को याद करते हुए विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और आचार्य नरेंद्र देव का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। तीनों ने अपने-अपने क्षेत्र में देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और सामाजिक विकास के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने और उनके विचारों को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बड़ौत शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामहरि पंवार ने की, जबकि संचालन जयप्रकाश सरोहा ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव एवं बागपत के निवर्तमान जिलाध्यक्ष चौधरी रामकुमार सिंह रहे।
मुख्य अतिथि चौधरी रामकुमार सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने किसानों, गरीबों, दलितों और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया। उनके नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक फैसले देखे।
उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि उस युद्ध में भारत की जीत और बांग्लादेश के निर्माण की ऐतिहासिक घटना इंदिरा गांधी के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। उन्होंने बैंकों के राष्ट्रीयकरण सहित शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, सिंचाई, नहरों और सड़क निर्माण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इन फैसलों और प्रयासों ने देश के विकास की दिशा को प्रभावित किया।
चौधरी रामकुमार सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी को उनके दृढ़ नेतृत्व और फैसलों के लिए देश-विदेश में पहचाना गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1971 के युद्ध के बाद विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' कहकर संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में इंदिरा गांधी का योगदान हमेशा याद किया जाता रहेगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यपाल पथोलिया ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जब इंदिरा गांधी ने राजनीति में कदम रखा, उस समय महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता था। शुरुआत में विरोधियों और आलोचकों ने उन्हें 'मोम की गुड़िया' कहकर संबोधित किया और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए। लेकिन इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक फैसलों और नेतृत्व के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का राजनीतिक सफर इस बात का उदाहरण है कि चुनौतियों और आलोचनाओं के बीच भी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका और नेतृत्व के संदर्भ में इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में भारतरत्न सरदार वल्लभभाई पटेल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने दोनों विभूतियों के जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय एकता और सार्वजनिक जीवन में इन महान व्यक्तित्वों की भूमिका ऐतिहासिक महत्व रखती है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे स्मरण कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के बारे में जानकारी मिलती है। उनके विचारों और आदर्शों को याद करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर पीसीसी के पूर्व सदस्य कृष्ण हरि पंवार, संजीव तोमर, महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा, मोहित कुमार, आमिर खान, बिजेंद्र शर्मा, जयप्रकाश सरोहा, मोहम्मद याकूब, अहमद रामरंग पंवार, इरशाद आलम, ब्रजमोहन शर्मा, मदन सिंह, कृष्णपाल, रविंद्र तोमर, सोमपाल और ओंकार दत्त सहित शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने तीनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


