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- 13h ago
मथुरा। आगामी त्योहारों को देखते हुए मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में पटाखों की बिक्री और भंडारण को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपाधीक्षक नगर मथुरा श्रीमती आशना चौधरी, नगर मजिस्ट्रेट मथुरा श्री अनुपम कुमार मिश्रा तथा अग्निशमन विभाग की टीम ने पटाखों की लाइसेंसधारी दुकानों और गोदामों का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इस दौरान लाइसेंस, स्टॉक, भंडारण व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पटाखा कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लाइसेंस में निर्धारित शर्तों और संबंधित सुरक्षा नियमों के अनुसार ही पटाखों का भंडारण एवं बिक्री की जाए। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पटाखों की दुकानों और गोदामों में रखे स्टॉक का सत्यापन किया। संचालकों से लाइसेंस संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया तथा यह देखा गया कि मौके पर मौजूद पटाखों की मात्रा लाइसेंस में निर्धारित सीमा के अनुरूप है या नहीं।
दुकानों के रजिस्टर और अन्य आवश्यक अभिलेखों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिया कि पटाखों की खरीद, भंडारण और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर स्टॉक का सत्यापन आसानी से किया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक पटाखों का स्टॉक रखने अथवा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी नियमानुसार की जा सकती है।
निरीक्षण के दौरान पटाखों के भंडारण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आतिशबाजी सामग्री को निर्धारित स्थान पर ही रखा जाए और भंडारण के दौरान लाइसेंस में निर्धारित क्षमता का पूरी तरह पालन किया जाए।
पटाखों को किसी ऐसे स्थान पर नहीं रखा जाना चाहिए, जहां आग लगने की स्थिति में आसपास के लोगों या संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा हो। अधिकारियों ने संचालकों को गोदामों में अनावश्यक सामान जमा नहीं करने तथा आतिशबाजी सामग्री के आसपास पर्याप्त खाली स्थान बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच के दौरान यह भी देखा गया कि आग लगने की स्थिति में बचाव के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध हैं या नहीं। अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों को चालू हालत में रखने तथा कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर दिया।
अग्निशमन विभाग की टीम ने दुकानों और गोदामों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की स्थिति का भी निरीक्षण किया। संचालकों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक निर्धारित स्थल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रहें और जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके।
इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी और रेत की व्यवस्था रखने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आग से बचाव के लिए केवल उपकरण रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को आपात स्थिति में उनका सही तरीके से उपयोग करना भी आना चाहिए।
संचालकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि अग्निशमन उपकरण ऐसी जगह रखे हों, जहां आपात स्थिति में उन्हें आसानी से निकाला जा सके। किसी भी सामान या पटाखों के ढेर के पीछे उपकरणों को नहीं रखा जाए।
अधिकारियों ने पटाखों के भंडारण और बिक्री के दौरान आसपास के क्षेत्र का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। घनी आबादी, स्कूल, अस्पताल तथा अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से पालन करने को कहा गया।
निरीक्षण टीम ने संचालकों से कहा कि पटाखों की दुकान और गोदाम के आसपास अनधिकृत रूप से लोगों की भीड़ न लगने दी जाए। आने-जाने के रास्तों को बाधित नहीं किया जाए और आपात स्थिति में बचाव एवं राहत कार्य के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रखी जाए।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित रखने और पटाखों की बिक्री के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।
पटाखों की दुकानों और गोदामों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संचालकों को धूम्रपान पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। दुकानों और भंडारण स्थलों पर माचिस, लाइटर या किसी अन्य आग पैदा करने वाली वस्तु को लापरवाही से रखने से भी बचने को कहा गया।
अधिकारियों ने कहा कि आतिशबाजी सामग्री अत्यधिक संवेदनशील होती है, इसलिए उसके आसपास किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखा जाना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी घटना का कारण बन सकती है।
दुकानदारों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी ग्राहक को दुकान के अंदर अनावश्यक रूप से पटाखों के पास जाने की अनुमति न दी जाए तथा बिक्री के दौरान सुरक्षा नियमों का ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पटाखों के परिवहन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। पटाखों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते समय निर्धारित नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन करने को कहा गया।
पटाखों को खुले, असुरक्षित अथवा ऐसे वाहन में ले जाने से बचने के निर्देश दिए गए, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। अधिकारियों ने कहा कि परिवहन के दौरान भी आतिशबाजी सामग्री की सुरक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी दुकान या गोदाम में उसके भंडारण के समय।
अधिकारियों ने पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े कर्मचारियों को भी सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए। संचालकों से कहा गया कि सभी कर्मचारियों को आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
आपात स्थिति में पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल सूचना देने के लिए आवश्यक संपर्क नंबर भी उपलब्ध रखने को कहा गया। कर्मचारियों को यह भी बताया जाए कि किसी छोटी घटना को नजरअंदाज न किया जाए और तत्काल सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएं।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान साफ किया कि त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन, निर्धारित क्षमता से अधिक स्टॉक, असुरक्षित भंडारण या अन्य अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने पटाखा कारोबारियों से अपील की कि वे किसी कार्रवाई के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी नियमों का पालन करें। सुरक्षा मानकों की अनदेखी से कारोबारी के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की जान-माल को भी खतरा हो सकता है।
आगामी त्योहारों के दौरान मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से विभिन्न स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। पटाखों की दुकानों और गोदामों का निरीक्षण इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।
अधिकारियों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी सुरक्षा मानकों को लेकर निरीक्षण जारी रखा जा सकता है। संबंधित विभागों की टीमें लाइसेंसधारी दुकानों और भंडारण स्थलों की व्यवस्थाओं की जांच कर सकती हैं।
अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध स्थिति, आग या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने आने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें। किसी घटना को छिपाने या खुद ही नियंत्रित करने की कोशिश करने के बजाय समय रहते पुलिस और अग्निशमन विभाग को जानकारी देना अधिक सुरक्षित होगा।
उन्होंने कहा कि आग से संबंधित घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों की जागरूकता और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारी पहले से रखना जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि त्योहार खुशी और उत्साह के अवसर हैं, लेकिन उत्सव के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। पटाखा कारोबारियों के साथ-साथ ग्राहकों और आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं।
प्रशासन और पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आतिशबाजी की गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखना है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके। इसके लिए लाइसेंसधारी दुकानदारों से नियमों का पालन करने और आम लोगों से भी जागरूकता बरतने की अपील की गई।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और गोदाम संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। त्योहारों के दौरान आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण में नियमों का पालन करके ही सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को पहले ही रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में पटाखों की दुकानों और गोदामों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।


