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- 12h ago
मथुरा। जनपद में महिला के साथ कथित दुष्कर्म करने, घटना का अश्लील वीडियो बनाए जाने और बाद में उसे गांव के कुछ लोगों को दिखाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने खेत में काम करने के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया था। आरोप है कि घटना के समय युवक ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया और बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने वीडियो गांव के कुछ लोगों को भी दिखाया, जिससे उसे सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत करने के बावजूद अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। न्याय की उम्मीद लेकर महिला अपने परिवार के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच तथा आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। परिवार ने पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कदम उठाने की गुहार लगाई है।
पीड़िता के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले वह गांव के ही एक युवक के खेतों में काम करने गई थी। महिला का आरोप है कि काम के दौरान युवक उसे कथित तौर पर एक कमरे में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया।
महिला का कहना है कि घटना के बाद यह वीडियो उसके लिए परेशानी का कारण बन गया। पीड़िता के आरोप के मुताबिक, आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी और बाद में उसे गांव के कुछ लोगों को भी दिखाया। महिला का दावा है कि इस कथित हरकत के कारण उसे सामाजिक अपमान झेलना पड़ रहा है और वह मानसिक रूप से परेशान है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाए। साथ ही, कथित वीडियो से संबंधित आरोपों की भी जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसकी निजता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के संबंध में उसने स्थानीय थाने में शिकायत की थी। इसके अलावा पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराने का दावा किया गया है। हालांकि, महिला का कहना है कि उसकी शिकायत पर अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और उसे न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी प्रभावशाली है और उसके राजनीतिक संबंध हैं। महिला का कहना है कि इसी वजह से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि, आरोपी के प्रभावशाली होने, राजनीतिक संबंधों और पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले में समय रहते निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके। परिवार ने मांग की है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
इस मामले में पीड़िता के पति ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले आरोपी ने उन्हें और उनकी पत्नी को ईशापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास रोक लिया था। पति का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
पीड़ित पति का कहना है कि आरोपी ने कानूनी कार्रवाई जारी रखने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार ने इस कथित घटना को लेकर भी पुलिस से शिकायत की है और सुरक्षा की मांग की है।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामले में दुष्कर्म के आरोपों के अलावा कथित धमकी, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी जांच आवश्यक होगी। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।
पीड़िता की शिकायत में अश्लील वीडियो बनाए जाने और उसे अन्य लोगों को दिखाए जाने का आरोप भी प्रमुख है। महिला का कहना है कि इस कथित वीडियो के कारण उसे सामाजिक अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीडियो को लेकर कथित धमकी ने उसकी चिंता और बढ़ा दी है।
ऐसे मामलों में पीड़ित की निजता की रक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी भी कथित अश्लील वीडियो को बिना अनुमति साझा करना या प्रसारित करना पीड़ित की गरिमा और निजता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए शिकायत की जांच के दौरान वीडियो से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और पीड़िता की पहचान तथा निजता की रक्षा करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि वीडियो से संबंधित आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए। यदि किसी व्यक्ति के पास कथित वीडियो मौजूद है, तो उसके प्रसार और इस्तेमाल से संबंधित तथ्यों की जांच नियमानुसार की जाए। परिवार चाहता है कि मामले में ऐसा कदम उठाया जाए जिससे कथित वीडियो का दुरुपयोग रोका जा सके और पीड़िता को आगे किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार एसएसपी कार्यालय पहुंचा। परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपनी शिकायत से अवगत कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पीड़िता चाहती है कि उसके साथ कथित रूप से हुई घटना, वीडियो बनाए जाने और उसे दिखाए जाने के आरोपों की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद है, लेकिन कथित धमकियों के कारण वे भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। पति ने भी अपनी और पत्नी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार ने पुलिस से आग्रह किया है कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले के प्रत्येक पहलू की जांच की जाए।
पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद अब पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
यह मामला महिला की सुरक्षा, निजता और शिकायत पर कार्रवाई से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है। पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों का पता लगाना जरूरी है। जांच के दौरान घटना से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायतों और कथित धमकियों की पड़ताल की जा सकती है। साथ ही, पीड़ित परिवार की सुरक्षा संबंधी शिकायत पर भी नियमानुसार विचार किया जाना चाहिए।
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि मामले में किसी तरह का दबाव या पक्षपात किए बिना कार्रवाई की जाए। परिवार को उम्मीद है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शिकायत पर संज्ञान लेकर उचित जांच सुनिश्चित करेंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
फिलहाल, मामला पीड़िता और उसके पति की शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, मुकदमा दर्ज होने की स्थिति और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
महिला ने करीब एक वर्ष पहले खेत में काम करने के दौरान दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया।
पीड़िता का दावा है कि घटना का अश्लील वीडियो बनाया गया और बाद में गांव के कुछ लोगों को दिखाया गया।
स्थानीय थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाकर परिवार एसएसपी कार्यालय पहुंचा।
महिला के पति ने ईशापुर के प्राथमिक विद्यालय के पास गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।
पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि, पुलिस का आधिकारिक पक्ष और आरोपी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


