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- 12h ago
मथुरा। अपनी 13 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले शनिवार को जिला महिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ ने काला दिवस मनाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नर्सिंग कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर अपनी नाराजगी जाहिर की और शासन-प्रशासन से लंबे समय से लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में नर्सेज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल से लेकर उपचार व्यवस्था में सहयोग, आपातकालीन सेवाओं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन नर्सिंग कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करते हैं। इसके बावजूद उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसी को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
9 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन जारी
संघ के अनुसार, अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर नर्सेज संघ द्वारा 9 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन के पहले चरण में नर्सिंग स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया था। इसके माध्यम से शासन और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि लगातार विरोध और मांगों को उठाने के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसी के चलते आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया।
काले कपड़े पहनकर जताया विरोध
जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ काले परिधानों में नजर आया। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान और नर्सिंग संवर्ग की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि नर्सिंग संवर्ग स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। अस्पतालों में दिन-रात मरीजों की सेवा करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं और कार्य परिस्थितियों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों को उम्मीद है कि शासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय करेगा।
13 सूत्रीय मांगों के निस्तारण की मांग
नर्सेज संघ की ओर से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। संघ का कहना है कि इन मांगों का समाधान होने से नर्सिंग कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनके कार्य से जुड़ी समस्याओं का भी निस्तारण हो सकेगा। कर्मचारियों ने शासन से मांग की कि लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से जल्द निर्णय कराया जाए।
नर्सिंग स्टाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लंबे समय तक लंबित रखना कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करता है। ऐसे में शासन को कर्मचारियों की समस्याओं को सुनकर उचित समाधान निकालना चाहिए।
प्रदेशभर में एकजुट होकर विरोध
शनिवार को प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में काले कपड़े पहनकर विरोध जताए जाने के क्रम में मथुरा के जिला महिला चिकित्सालय में भी नर्सिंग स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी की। कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि नर्सिंग संवर्ग अपनी लंबित मांगों को लेकर गंभीर है और उनके समाधान की अपेक्षा कर रहा है।
इस दौरान जिला महिला चिकित्सालय से हेमलता, आरती, मोनिका, राजवती, राजेश सहित अन्य नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा।
शासन से जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
नर्सिंग कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन से अपील की कि उनकी 13 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निस्तारण किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे अस्पतालों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते रहेंगे, लेकिन उनकी जायज समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
फिलहाल नर्सेज संघ का यह विरोध प्रदर्शन स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर कब तक सकारात्मक पहल की जाती है और नर्सिंग संवर्ग को उनकी समस्याओं से राहत मिल पाती है।
नर्सिंग स्टाफ ने एकजुट होकर स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक उनकी 13 सूत्रीय मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।


