17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित 3 सितंबर के मथुरा दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मार्गों को चकाचक करने की कवायद शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने सफाई, प्रकाश व्यवस्था, अतिक्रमण, सड़क किनारे जमा मलबे और सौंदर्यीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर कमान संभाल ली है।
सोमवार को नगर निगम की टीम ने नगर आयुक्त ओजस्वी राज के नेतृत्व में प्रस्तावित वीआईपी रूट का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की हकीकत देखी और जहां भी कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई से लेकर अवैध होर्डिंग, झाड़ियों, ग्रीन बेल्ट, स्ट्रीट लाइट और वॉल पेंटिंग तक की स्थिति परखी गई।
मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियां ऐसे समय में हो रही हैं जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भी बेहद करीब है। ऐसे में मथुरा-वृंदावन में वीआईपी मूवमेंट के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की दोहरी चुनौती है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ भूतेश्वर तिराहा से जन्मभूमि, डीग गेट, दरेसी रोड, होली गेट, विकास मार्केट, पुराना बस स्टैंड, टैंक चौराहा और कचहरी होते हुए वेटरनरी कॉलेज तक प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया।
इस दौरान सड़क किनारे की सफाई व्यवस्था, नालियों की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, डिवाइडर, ग्रीन बेल्ट और आसपास के क्षेत्रों में किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्यों को देखा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट पर कहीं भी अव्यवस्था नजर नहीं आनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिन स्थानों पर सड़क किनारे मलबा या अनावश्यक सामग्री मिली, वहां तत्काल सफाई कराने को कहा गया। झाड़ियों और घास की कटाई-छंटाई के साथ-साथ आवश्यकता वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रस्तावित रूट के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़क किनारे मलबा, झाड़ियां, अतिक्रमण और अनधिकृत होर्डिंग्स दिखाई दिए। इन पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के रूट पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत प्रचार सामग्री, अवैध होर्डिंग या अतिक्रमण नहीं दिखना चाहिए। जहां भी ऐसी सामग्री मौजूद है, उसे हटाने के साथ संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
नगर निगम की टीम को निर्देश दिए गए कि केवल मुख्य सड़क की सफाई तक अभियान सीमित न रहे, बल्कि सड़क के दोनों ओर के हिस्सों को भी व्यवस्थित किया जाए। सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री और अन्य अनावश्यक सामान को हटाकर पूरे मार्ग को साफ-सुथरा रखने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान को गति देने की तैयारी कर ली है। प्रस्तावित रूट पर सफाई कर्मचारियों की टीमों को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य मार्गों के साथ-साथ चौराहों, डिवाइडरों और आसपास के क्षेत्रों में भी सफाई कराई जाएगी। धूल कम करने और वातावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार पानी का छिड़काव भी किया जाएगा।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सफाई के बाद दोबारा कूड़ा या मलबा जमा न हो, इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए।
नगर आयुक्त का निरीक्षण केवल मथुरा शहर के मुख्य मार्ग तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मसानी चौराहा से मथुरा-वृंदावन मार्ग होते हुए पवन हंस हेलीपैड तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हेलीपैड के आसपास सफाई, वॉल पेंटिंग और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की स्थिति देखी गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले हेलीपैड और उसके आसपास का क्षेत्र पूरी तरह व्यवस्थित नजर आना चाहिए।
जहां वॉल पेंटिंग अधूरी मिलीं, उन्हें जल्द पूरा कराने को कहा गया। सड़क के आसपास अनावश्यक सामग्री और गंदगी हटाने के साथ हरित क्षेत्र को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
मथुरा के बाद नगर आयुक्त ने वृंदावन क्षेत्र में भी विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। पानीघाट तिराहा, सौ फुटा तिराहा, फ्लाईओवर, प्रेम मंदिर तिराहा, परिक्रमा मार्ग और जादौन पार्किंग तक व्यवस्थाओं को परखा गया।
इन क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट, प्रकाश व्यवस्था और सफाई से संबंधित कमियों को चिन्हित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कमियां निर्धारित समय से पहले दूर कर ली जाएं।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए परिक्रमा मार्ग की सफाई और प्रकाश व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता देने को कहा गया है। जहां जरूरत हो वहां अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था करने और खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व भी नजदीक है। जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे में प्रशासन के सामने एक ओर मुख्यमंत्री का वीआईपी कार्यक्रम है तो दूसरी ओर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी। इसे देखते हुए नगर निगम ने सफाई और सौंदर्यीकरण कार्यों को समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
रात के समय भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए प्रस्तावित रूट पर प्रकाश व्यवस्था की भी जांच की गई। जहां स्ट्रीट लाइट खराब हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
चौराहों, डिवाइडरों और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ही नहीं, बल्कि जन्माष्टमी के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर प्रकाश व्यवस्था मिले।
निरीक्षण के दौरान जरूरत वाले स्थानों पर व्यू कटर लगाने के निर्देश भी दिए गए। वीआईपी रूट पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े मानकों को ध्यान में रखते हुए संबंधित स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि व्यू कटर लगाने के साथ-साथ उनके आसपास सफाई और अन्य व्यवस्थाएं भी व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि पूरा मार्ग एक समान और साफ-सुथरा दिखाई दे।
मथुरा-वृंदावन में सौंदर्यीकरण के तहत बनाई जा रही वॉल पेंटिंग को भी समय से पूरा करने पर जोर दिया गया है। शहर की दीवारों पर ब्रज संस्कृति, श्रीकृष्ण की लीलाओं और धार्मिक प्रसंगों को दर्शाने वाली चित्रकारी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
निरीक्षण के दौरान जहां वॉल पेंटिंग अधूरी मिलीं, वहां संबंधित टीमों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री के दौरे और जन्माष्टमी से पहले प्रमुख मार्गों पर सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो जाए।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर रहकर कार्यों की निगरानी करें और केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर काम पूरा मानने के बजाय धरातल पर व्यवस्था सुनिश्चित करें।
सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया है। सफाई, प्रकाश, अतिक्रमण, यातायात और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को अलग-अलग न देखकर पूरे रूट को एक समग्र योजना के तहत व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर नगर निगम की सक्रियता का असर अब मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मार्गों पर दिखाई देने लगा है। सफाई कर्मचारियों की टीमें सक्रिय हैं, झाड़ियों की कटाई-छंटाई शुरू हो गई है और सड़क किनारे दिखाई देने वाले मलबे व अनधिकृत सामग्री को हटाने का काम तेज कर दिया गया है।
जन्माष्टमी से पहले यदि अभियान इसी गति से जारी रहता है तो मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री के दौरे के बहाने शहर के प्रमुख मार्गों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण को लंबे समय तक बेहतर रखने की चुनौती भी नगर निगम के सामने रहेगी।
फिलहाल प्रशासन की पूरी नजर 3 सितंबर के दौरे और जन्माष्टमी की तैयारियों पर है। लक्ष्य साफ है—मुख्यमंत्री के स्वागत से पहले मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मार्ग चमकें, व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखें और ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित वातावरण मिले।


