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मथुरा। जनपद में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर बनाने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को थाना पर्यटन वृंदावन स्थित पुण्डरीकाक्ष सभागार में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान एसएसपी ने थाना स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपराध समीक्षा गोष्ठी में विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज अपराधों, लंबित विवेचनाओं, शिकायतों, प्रार्थना पत्रों तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उनके निस्तारण में आ रही समस्याओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित समयसीमा के भीतर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एसएसपी ने लंबित विवेचनाओं को गंभीरता से लेते हुए विवेचकों को निर्देश दिए कि सभी मामलों की विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाए। विवेचना के दौरान साक्ष्यों का संकलन, संबंधित व्यक्तियों के बयान तथा अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को समय से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विवेचनाओं की नियमित समीक्षा की जाए, जिससे किसी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने पाए।
बैठक में शिकायतों और प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने कहा कि फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने या कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं मामलों की निगरानी करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में अपराध की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें। पुराने एवं सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी करने, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई करने तथा अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
एसएसपी ने अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि थाना क्षेत्र में नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी प्रभावी रूप से की जाए। संवेदनशील एवं अपराध की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित कर वहां पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने और आमजन से संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
गोष्ठी के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आगामी धार्मिक आयोजनों एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को देखते हुए एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की आवाजाही होती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पहले से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती, प्रमुख स्थानों पर गश्त तथा आवश्यकतानुसार यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि किसी भी आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारी मौके की स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें।
अधिकारियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं और अफवाहों पर भी सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए गए। किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सूचना के प्रसार की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आमजन को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि छोटी घटनाओं को गंभीर रूप लेने से पहले ही संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान किया जाए।
एसएसपी ने महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और संबंधित मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही थाना स्तर पर आने वाले फरियादियों के साथ पुलिसकर्मियों के व्यवहार को भी बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया।
गोष्ठी में पुलिस अधिकारियों को अपराध की रोकथाम के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए प्रभावी पुलिसिंग करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही दिखाई देनी चाहिए। प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करे।
उन्होंने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करने तथा स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी रखने के निर्देश दिए। बाजारों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने को कहा गया।
बैठक में अपराधों की रोकथाम के लिए पूर्व में किए गए प्रयासों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन क्षेत्रों में अपराध की घटनाएं अधिक सामने आती हैं, वहां विशेष निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावनाओं को पहले से पहचानकर उन्हें रोकना भी है। इसके लिए थाना स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाए और जिन मामलों में विवेचना पूरी हो चुकी है, उनमें नियमानुसार आगे की कार्रवाई समय से सुनिश्चित की जाए। पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके निस्तारण की प्रगति की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
गोष्ठी के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारु रखने, जाम की स्थिति से बचने तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान यातायात का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यकता के अनुसार डायवर्जन एवं पार्किंग व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
एसएसपी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों से कहा कि वे अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहें। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सक्रियता और अनुशासन सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनता की शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाएं। अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण और आगामी आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अपराध समीक्षा गोष्ठी के अंत में एसएसपी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने, लंबित विवेचनाओं एवं शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
पुलिस प्रशासन की ओर से आयोजित इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में अपराध नियंत्रण की स्थिति की नियमित निगरानी, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और आगामी आयोजनों के दौरान प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय रहें।


