17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही कृष्ण नगरी मथुरा एक बार फिर उत्सव के रंग में रंगने लगी है। भगवान श्रीकृष्ण के 5253वें जन्मोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए नगर निगम ने शहर की साज-सज्जा का काम तेज कर दिया है। मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए करीब 25 प्रमुख चौराहों और तिराहों को रंगीन कपड़ों और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया जा रहा है।
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते ही अब जन्माष्टमी की तैयारियों की झलक दिखाई देने लगी है। कहीं चौराहों पर रंगीन कपड़ों की सजावट की जा रही है तो कहीं विद्युत झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों की तैयारियां चल रही हैं। नगर निगम की टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर सजावट और प्रकाश व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं।
जन्माष्टमी के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की संभावना है। ऐसे में नगर निगम का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश करते ही कृष्ण जन्मोत्सव की भव्यता और ब्रज की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का एहसास हो।
मथुरा के प्रमुख डीग गेट चौराहे पर सोमवार सुबह से जन्माष्टमी की सजावट का काम शुरू कर दिया गया। नगर निगम की टीमों ने यहां रंगीन कपड़ों से चौराहे को आकर्षक रूप देने की शुरुआत की।
डीग गेट मथुरा के प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल है और यहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में इस स्थान को जन्माष्टमी की सजावट के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, डीग गेट के बाद शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और तिराहों पर भी सजावट का काम तेजी से कराया जाएगा। निर्धारित स्थानों पर सजावटी कपड़े, झालरें और विद्युत उपकरण लगाए जाएंगे।
जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन के करीब 25 प्रमुख चौराहों और तिराहों को सजाने की तैयारी है। इन स्थानों को इस तरह सजाया जा रहा है कि शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को हर तरफ कृष्ण जन्मोत्सव का माहौल नजर आए।
चौराहों पर रंगीन कपड़ों के साथ आकर्षक डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं। रात के समय इन्हें विद्युत रोशनी से जगमगाने की योजना है। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार प्रमुख मार्गों और धार्मिक क्षेत्रों में भी प्रकाश व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
नगर निगम की टीमें लगातार मौके पर पहुंचकर काम की प्रगति देख रही हैं, ताकि जन्माष्टमी से पहले सभी प्रमुख स्थानों पर सजावट का काम पूरा किया जा सके।
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा की रातें भी खास नजर आएंगी। नगर निगम की ओर से प्रमुख स्थानों पर रंगीन विद्युत लाइटें लगाने की तैयारी की जा रही है। शाम ढलने के बाद जब ये लाइटें जलेंगी तो प्रमुख चौराहे और मार्ग रोशनी से जगमगाते दिखाई देंगे।
रोशनी के जरिए शहर के धार्मिक वातावरण को और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए यह सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
मथुरा आने वाले श्रद्धालु दिन में मंदिरों के दर्शन के साथ रात में शहर की सजावट का भी आनंद ले सकेंगे।
नगर निगम की योजना केवल चौराहों को सजाने तक सीमित नहीं है। उद्देश्य यह है कि मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश करते ही जन्माष्टमी की भव्यता महसूस हो।
प्रमुख मार्गों पर सजावट के साथ साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। धार्मिक स्थलों तक जाने वाले रास्तों पर भी व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन चाहता है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ब्रज की धार्मिक पहचान के साथ स्वच्छ और व्यवस्थित मथुरा नजर आए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर जन्माष्टमी के दौरान विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। ऐसे में शहर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भी चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा सजावट के साथ अन्य नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नगर निगम की ओर से चौराहों को आकर्षक बनाने के साथ शहर की प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। जिन प्रमुख स्थानों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है।
खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने और जरूरत वाले स्थानों पर नई लाइटें लगाने की तैयारी है। जन्माष्टमी के दौरान रात में श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहने के कारण प्रकाश व्यवस्था को सुरक्षा और सुविधा दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण शहर में सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इसे देखते हुए नगर निगम प्रमुख मार्गों, चौराहों और धार्मिक क्षेत्रों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
सजावट के साथ यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि चौराहों और सड़कों पर कूड़ा जमा न हो। श्रद्धालुओं की भीड़ वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई कराने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती पर भी जोर दिया जा रहा है।
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि आगामी 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मथुरा आगमन को देखते हुए नगर निगम की ओर से शहर की साज-सज्जा का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि करीब 25 प्रमुख चौराहों और तिराहों को सजाने के साथ-साथ प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य जरूरी तैयारियां समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित टीमों को काम में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा गया है।
जन्माष्टमी का पर्व करीब आते ही मथुरा के प्रमुख बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण और लड्डू गोपाल की पोशाक, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और झूले सजने लगे हैं।
घरों और मंदिरों में सजने वाली झांकियों के लिए लोग खरीदारी कर रहे हैं। बच्चों के लिए राधा-कृष्ण की पोशाकों की मांग भी बढ़ रही है। मिठाई की दुकानों पर भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां शुरू होने लगी हैं।
मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां चल रही हैं। मंदिरों की सजावट, फूल बंगला, विद्युत सज्जा और भगवान के विशेष श्रृंगार को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय होने वाले विशेष पूजन और आरती को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है। इस दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
जन्माष्टमी से पहले शुरू हुई यह सजावट धीरे-धीरे पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंगती नजर आएगी। प्रमुख चौराहों पर रंगीन सजावट, रात में चमकती विद्युत लाइटें और मंदिरों में होने वाले धार्मिक आयोजन मथुरा को अलग ही स्वरूप देंगे।
जैसे-जैसे जन्माष्टमी का दिन करीब आएगा, वैसे-वैसे ब्रज में श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह दोनों बढ़ेंगे। शहर की गलियों से लेकर मंदिरों तक कृष्ण भक्ति का रंग गहराता जाएगा।
कृष्ण जन्मभूमि की नगरी एक बार फिर अपने कान्हा के स्वागत के लिए तैयार हो रही है। 25 प्रमुख चौराहों की रंगीन सजावट और रोशनी के बीच इस बार भी मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव भव्य और दिव्य नजर आने की उम्मीद है। हर ओर बस एक ही इंतजार है—कब आधी रात को कान्हा जन्म लें और 'नंद के घर आनंद भयो' के जयघोष से पूरी कृष्ण नगरी गूंज उठे।


