17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। बरसाना में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध राधाष्टमी मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राधाष्टमी पर्व पर बरसाना में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, सफाई और चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
इसी क्रम में मंगलवार को एडीएम प्रशासन अमरीश कुमार और एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बैठक में विभागवार जिम्मेदारियों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं।
बरसाना स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान राधाष्टमी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। भीड़ वाले स्थानों, प्रमुख मार्गों, मंदिर क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्तों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करते हुए उन्हें निर्धारित मार्गों से सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्र न होने पाए।
बैठक समाप्त होने के बाद एडीएम प्रशासन अमरीश कुमार और एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बरसाना के प्रमुख मार्गों, संभावित भीड़ वाले स्थानों, पार्किंग स्थलों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि मेले के दौरान किन स्थानों पर अधिक दबाव बनने की संभावना है और वहां किस तरह की व्यवस्था की आवश्यकता होगी। संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राधाष्टमी के अवसर पर बरसाना में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु राधारानी के दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए बरसाना पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ नियंत्रण की रहती है।
प्रशासन की ओर से भीड़ के दबाव वाले स्थानों को पहले से चिह्नित कर वहां आवश्यक इंतजाम करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस बल की तैनाती, निगरानी और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की स्थिति में किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो और पुलिस एवं प्रशासनिक टीमें आपसी समन्वय के साथ काम करें।
राधाष्टमी मेले के दौरान बरसाना में बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने की संभावना रहती है। इसके चलते यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने विशेष योजना तैयार करने पर जोर दिया है।
प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने, वाहनों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और श्रद्धालुओं को पैदल आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में तैयारियां की जा रही हैं।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान यातायात संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। जरूरत के अनुसार यातायात को डायवर्ट करने और वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पार्किंग स्थलों की स्थिति भी देखी। मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के निजी वाहनों और अन्य वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण पार्किंग व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाए, जिससे मुख्य मार्गों और मेला क्षेत्र में अनावश्यक जाम की स्थिति पैदा न हो।
पार्किंग स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पार्किंग व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा करने के बाद मेला स्थल तक पहुंचने में परेशानी न हो।
मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना के चलते साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। अधिकारियों ने संबंधित विभाग को मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भीड़ के दौरान जगह-जगह कूड़ा जमा न हो, इसके लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था और नियमित कूड़ा उठाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक स्थल और मेला क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध हो।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल के स्थानों को व्यवस्थित रखने और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त इंतजाम करने पर भी जोर दिया गया। मेले के दौरान पानी की कमी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग को पहले से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राधाष्टमी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्था को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने या किसी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
भीड़ के दौरान गर्मी, थकान, चोट या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए चिकित्सा टीमों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र के संवेदनशील और अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
भीड़ में जेबकतरी, चोरी और अन्य घटनाओं की आशंका को देखते हुए भी पुलिस की सक्रियता बढ़ाए जाने की जरूरत है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर सतर्कता बरतने की बात कही गई है।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। पुलिस, प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य, बिजली, जलापूर्ति, लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि मेले के दौरान किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। इसके लिए तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
एडीएम प्रशासन और एसपी ग्रामीण ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। जिन स्थानों पर व्यवस्थाओं में कमी है, उन्हें समय रहते दूर किया जाए।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि मेला शुरू होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार करने के बजाय पहले से सभी संभावित समस्याओं का आकलन कर उनका समाधान किया जाए, ताकि भीड़ बढ़ने पर किसी तरह की परेशानी न हो।
राधाष्टमी मेले को लेकर प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर सुविधाओं पर है। प्रशासन का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बरसाना पहुंचें और धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकें।
अधिकारियों के अनुसार मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ यातायात, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।
राधाष्टमी मेले की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। अधिकारियों द्वारा लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राधाष्टमी के दिन बरसाना में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन की तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि विशाल भीड़ के बीच सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर ढंग से बनाए रखा जाए।


