17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल | छाता चीनी मिल के पुनर्जीवन की राह खुली, ड्यूल-मोड एथेनॉल प्लांट को कैबिनेट की मंजूरी | अपराध समीक्षा गोष्ठी में लंबित मामलों पर सख्त निर्देश, एसएसपी ने समयबद्ध निस्तारण पर दिया जोर | राधाष्टमी से पहले बरसाना में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण, अधिकारियों ने दिए आवश्यक निर्देश | जिला पंचायत अध्यक्ष ने यमुना में छोड़ीं 50 हजार मछली फिंगरलिंग्स | जिला पंचायत अध्यक्ष ने यमुना में छोड़ीं 50 हजार मछली फिंगरलिंग्स | ईपीएफओ की वेज सीलिंग बढ़ाकर ₹25,000: 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ | आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम | यूपीआई पर नया MDR नियम: ₹2000 से ऊपर के भुगतान पर शुल्क, ग्राहक से सीधे नहीं वसूला जाएगा ₹5 | उपभोक्ता कानून के दायरे में ही रहेंगे डॉक्टर: सुप्रीम कोर्ट | किशाऊ परियोजना: छह राज्यों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर, 232.6 मीटर ऊंचा बनेगा बांध | एनएचएआई ला रहा एआई वाली 1033 हेल्पलाइन | प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर दिल्ली में एक माह चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ | दिल्ली में 10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दशकों से अटकी परियोजनाओं का हो रहा समाधान: भजनलाल शर्मा | किशाऊ परियोजना के एमओयू पर हस्ताक्षर, पेयजल, सिंचाई और विकास के नए अवसर होंगे सृजित | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दशकों से अटकी परियोजनाओं का हो रहा समाधान: भजनलाल शर्मा | पीएम मोदी के जन्मदिन पर लव कुश रामलीला कमेटी दिव्यांगजनों को देगी कृत्रिम अंग | पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक: भारत और चीन एक-दूसरे की ताकत से सीखें, साझा विकास पर जोर | ब्रिक्स 2026: साझा घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर | 60 साल बाद बड़े पर्दे पर गूंजेगी वीर अब्दुल हमीद की शौर्यगाथा | हिंदू समाज की एकजुटता और समरसता पर राष्ट्रीय हनुमान दल का मंथन | ब्रिक्स समिट 2026: मलयेशिया के पीएम से नाश्ते की टेबल पर मिले राहुल गांधी और प्रियंका | दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं: पीएम मोदी | सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश; श्रद्धालुओं की सुविधा और शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर,बरसाना में DM-SSP की बैठक | राधाष्टमी पर बरसाना आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन निगम की बड़ी तैयारी | जिला बदर की अवधि पूरी होने से पहले गांव लौटा शातिर अभियुक्त करनवीर गिरफ्तार | ब्रज दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का टेंपो पलटा, 50 वर्षीय श्रद्धालु की मौत | ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बनी, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत | ब्रिक्स सम्मेलन: सुरक्षा परिषद में सुधारों को अब टाला नहीं जा सकता: पीएम मोदी | छह साल बाद फिर शुरू होगी भारत-चीन के बीच सीधी उड़ान | राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए चार प्रचार वाहनों को हरी झंडी | दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को विश्व चैंपियनशिप ट्रायल में उतरने की नहीं दी इजाजत | बलदेव पुलिस ने अवैध तमंचा व कारतूस के साथ युवक को किया गिरफ्तार | प्रस्तावित सीड बिल पर शिवराज का किसानों से संवाद, नकली और घटिया बीजों पर सख्ती की तैयारी | ‘राहत’ से ‘रोकथाम’ की ओर बढ़ा भारत, अमित शाह बोले- ‘जीरो कैजुअल्टी’ के साथ आपदा रोधी गांव-शहर बनाना लक्ष्य | दिल्ली हाई कोर्ट को मिलेंगे 8 नए जज, CJI सूर्यकांत की अगुवाई में कॉलेजियम ने दी मंजूरी | केंद्र ने आंध्र प्रदेश को दी रेल इंफ्रा की बड़ी सौगात, रेनिगुंटा-अरक्कोणम पर बनेगी तीसरी-चौथी रेल लाइन | नौकरी से बेदखली पर लेबर कोर्ट के फैसले को चुनौती, दिल्ली हाई कोर्ट ने महिला आयोग से मांगा जवाब | सत्य निकेतन हादसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर से किया इनकार, दिल्ली हाई कोर्ट ही जारी रखेगा सुनवाई | महाराष्ट्र अक्टूबर के आखिर तक लाएगा डेडिकेटेड केमिकल सेक्टर पॉलिसी | भारत में महिलाओं के नेतृत्व का मतलब महिलाओं के नेतृत्व वाला शासन भी है: बांसुरी स्वराज | एक मंच, 11 देश और 10 एजेंडे, ब्रिक्स समिट पर ट्रंप समेत पूरी दुनिया की नजर | ब्रिक्स बिजनेस फैसिलिटेशन मिशन फॉर एमएसएमई एंड ट्रेडर्स बने: प्रवीण खंडेलवाल | जिला स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन, शत्रुघ्न द्विवेदी समेत कई अधिकारी शामिल | राधाष्टमी मेले से पहले प्रशासन ने कसी कमर, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए तैयारियां तेज | राधाकुंड में स्नान करने पहुंचे श्रद्धालु का बैग चोरी, नकदी-मोबाइल और दस्तावेज हुए पार | जर्जर खंभे के टूटकर मकान पर गिरने के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग, 24 घंटे बाद तक नहीं बदले 5 पोल | ब्रिक्स सम्मेलन के बीच भारत आएंगे पुतिन, मोदी से होगी अहम मुलाकात; एसयू-57 से परमाणु ऊर्जा तक कई मुद्दों पर बनेगी रणनीति | ब्रिक्स सम्मेलन के बीच भारत आएंगे पुतिन, मोदी से होगी अहम मुलाकात; यूक्रेन युद्ध से लेकर एसयू-57 और परमाणु ऊर्जा तक कई मुद्दों पर नजर | प्रोटीन कोई ट्रेंड नहीं, स्वस्थ और प्रोडक्टिव आबादी की बुनियादी जरूरत: रंजीत सिंह | होरिबा इंडिया के इनोवेशन कनेक्ट में 15 उभरते टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स ने पेश किए भविष्य के समाधान | सत्य निकेतन PG हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, घायलों को 5 लाख रुपये मुआवजा; खतरनाक इमारतों पर भी होगी कार्रवाई | न्यायालय कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार, उच्च न्यायालय और सरकार के समक्ष रखी जाएंगी 13 सूत्रीय मांगें | राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जनपद न्यायाधीश ने चार प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी | धनबाद में भू-धंसान का कहर! देखते ही देखते 5-6 मकान जमींदोज, एक बच्चे की मौत, कई घायल | बिहार में बाढ़ का तांडव! 13 जिलों में 29 लाख प्रभावित, 22 हजार से ज्यादा रेस्क्यू; गंगा-कोसी के उफान से गांव-शहर बेहाल | पीएनजी चैंबर में धमाके के बाद लगी आग, कॉलोनी में मची अफरातफरी | व्यापारियों की शिकायत पर निगम की कार्रवाई, नाले के ऊपर बने अस्थायी कब्जे हटाए | लोकतांत्रिक युवा जनसंघ पार्टी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, पीड़िता की सुरक्षा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग | यूजीसी कानून में बदलाव, अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता और किसान सम्मान निधि बढ़ाने की मांग | महिला कंप्यूटर प्रशिक्षक ने प्रधानाध्यापक पर अभद्रता और गाली-गलौज का लगाया आरोप | धोखाधड़ी के मुकदमे में मांट पुलिस ने तीन वांछितों को दबोचा | तीन-चार दिन से पानी में डूबी कॉलोनी, घरों में घुसा नाले का पानी; लोगों ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप | भारत की मजबूत आर्थिक गति और उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास का संकेत: सीआईआई, बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स 66 अंक पर पहुंचा | संजीव सिंघल बने 109 वर्ष पुराने एस.डी. पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष, नई जिम्मेदारी के साथ शिक्षा और संस्कार को आगे बढ़ाने का संकल्प | 5 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म ‘तेरा साईं’, शिर्डी में साईं बाबा के आशीर्वाद के साथ हुआ रिलीज डेट का ऐलान | दिल्ली की जहरीली हवा से फेफड़ों के बाद किडनी पर भी प्रदूषण की मार, रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला कनेक्शन | डॉ. दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल, लखनऊ के मेयर से लेकर यूपी के डिप्टी सीएम और राज्यसभा तक का रहा लंबा राजनीतिक सफर | आठ हाई कोर्ट को मिले नए चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्तियां | यमुनापार दिगम्बर जैन समाज ने किया अपनी प्रतिभाओं का सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर बढ़ाया हौसला | मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर सजेगा लवकुश रामलीला का भव्य मंच, चार मंजिला सेट पर दिखेगा रामायण का दिव्य संसार | वेतन को लेकर नगर निगम के कचरा वाहन चालकों की हड़ताल, सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के आसार | वेतन के लिए सड़कों पर उतरे नगर निगम के कर्मचारी, कचरा वाहन चालकों ने रोका काम | कोसीकलां में महिला जिम और ताइक्वांडो अकादमी का शुभारंभ, बेटियों ने दिखाए आत्मरक्षा के करतब | लाड़पुर में सड़क नहीं, गड्ढों का सफर; ग्रामीण बोले- कब मिलेगा बदहाल रास्ते से छुटकारा? | कोसीकलां में पुलिस का शिकंजा, तीन वांछित आरोपी तमंचे के साथ गिरफ्तार | 50 फीट ऊंचे चिकने लट्ठे पर पहलवानों ने दिखाया दम, विजय पताका तक पहुंचने में लगी 40 मिनट की मशक्कत | मंडी चौराहे के पास दो भाइयों को घेरकर हमला, एक की हालत गंभीर | सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: इमारत ढहने से एक की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका; अमित शाह ने रद्द किया गोवा दौरा | विश्व ड्यूशेन मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी दिवस पर नई दिल्ली में निकलेगी जागरूकता रैली | सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग | सात वर्षों से लगातार निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर, अब तक दो हजार से अधिक लोगों के कराए ऑपरेशन: डॉ. योगेश जिंदल | ‘नशे को कहें ना और सपनों को कहें हां’, जयंत चौधरी की मुहिम को गांव-गांव पहुंचाएंगी पारुल चौधरी | रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों, अधिकारियों और परिवारों ने मिलकर मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव |

50 फीट ऊंचे चिकने लट्ठे पर पहलवानों ने दिखाया दम, विजय पताका तक पहुंचने में लगी 40 मिनट की मशक्कत

  • 9 days ago

वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अगले दिन वृंदावन के ऐतिहासिक श्री रंगनाथ मंदिर में आयोजित पारंपरिक नंदोत्सव के दौरान लट्ठे का मेला श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। करीब 50 फीट ऊंचे और तेल से चिकने किए गए लट्ठे पर चढ़कर विजय पताका हासिल करने के लिए पहलवानों ने ताकत, संतुलन, धैर्य और सामूहिक रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया। ऊंचाई, फिसलन और लगातार बढ़ती चुनौती के बीच विजय पताका तक पहुंचने के लिए पहलवानों को करीब 40 मिनट तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

लट्ठे पर पहलवानों की एक-एक कोशिश के साथ मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का रोमांच बढ़ता गया। कोई पहलवान कुछ ऊंचाई तक पहुंचता तो नीचे खड़ी भीड़ जयकारों से उसका उत्साह बढ़ाती। कई बार फिसलकर नीचे आने के बाद भी पहलवानों ने हिम्मत नहीं छोड़ी और दोबारा प्रयास करते रहे।

नंदोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उल्लास के बाद नंदोत्सव को लेकर श्री रंगनाथ मंदिर में सुबह से ही धार्मिक और उत्सवी माहौल बना रहा। मंदिर में ठाकुर रंगनाथ भगवान की पूजा-अर्चना और विशेष आयोजन के बाद शोभायात्रा निकाली गई। भगवान के दर्शन और नंदोत्सव की पारंपरिक गतिविधियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जुटे।

शोभायात्रा के बाद जैसे ही लट्ठे मेले की तैयारियां शुरू हुईं, लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु लट्ठे के आसपास जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए उत्साहित नजर आया।

भगवान का आशीर्वाद लेकर अखाड़े में उतरे पहलवान

लट्ठे मेले की परंपरा के तहत अंतर्यामी अखाड़े के पहलवानों ने सबसे पहले भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पहलवानों ने लट्ठे पर चढ़ने की चुनौती स्वीकार की।

पहलवानों के लिए यह केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसमें सही समय पर सही रणनीति बनाना भी बेहद जरूरी था। एक पहलवान के कंधे पर दूसरा और उसके ऊपर तीसरा पहलवान चढ़कर ऊंचाई हासिल करने की कोशिश करता रहा। कई बार पूरा समूह कुछ ऊंचाई तक पहुंचा, लेकिन लट्ठे की फिसलन के कारण संतुलन बिगड़ गया और पहलवान नीचे आ गए।

हर बार असफलता के बाद पहलवानों ने खुद को संभाला और नए उत्साह के साथ दोबारा प्रयास किया।

तेल और पानी ने बढ़ाई चुनौती

करीब 50 फीट ऊंचे लट्ठे को पहले से ही तेल और विशेष मिश्रण की मदद से चिकना किया गया था। इसके कारण उस पर पैर टिकाना और शरीर का संतुलन बनाए रखना बेहद मुश्किल हो रहा था।

पहलवान जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते, चुनौती और कठिन होती जाती। उनकी मुश्किल बढ़ाने के लिए मंदिर सेवकों की ओर से ऊपर से तेल मिश्रित पानी की बौछार भी की जाती रही। पानी पड़ते ही लट्ठे की सतह और अधिक फिसलन भरी हो जाती और पहलवानों को अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए अतिरिक्त ताकत लगानी पड़ती।

कई बार ऐसा लगा कि पहलवान विजय पताका तक पहुंचने वाले हैं, लेकिन अंतिम ऊंचाई पर पहुंचते ही संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद नीचे खड़े पहलवानों ने फिर से समूह बनाया और नई रणनीति के साथ ऊपर चढ़ने का प्रयास शुरू किया।

कंधों पर चढ़कर बनाई इंसानी मचान

लट्ठे पर अकेले चढ़ना लगभग असंभव चुनौती थी। इसे पार करने के लिए पहलवानों ने सामूहिक ताकत का सहारा लिया। नीचे कई पहलवानों ने एक-दूसरे के कंधों का सहारा लेकर आधार बनाया और उनके ऊपर दूसरे पहलवान चढ़ते गए।

इस तरह पहलवानों ने मानव मचान तैयार कर लट्ठे की ऊंचाई को कम करने की कोशिश की। जैसे-जैसे ऊपर जाने वाला पहलवान आगे बढ़ता, नीचे मौजूद साथी अपनी स्थिति मजबूत करते जाते।

दर्शकों के लिए यह पूरा दृश्य किसी रोमांचक खेल मुकाबले से कम नहीं था। जब भी पहलवान कुछ फीट ऊपर पहुंचते, नीचे से तालियों और जयकारों की आवाज तेज हो जाती।

40 मिनट तक चलता रहा रोमांच

लट्ठे पर चढ़ने का मुकाबला लगातार करीब 40 मिनट तक चलता रहा। इस दौरान कई बार पहलवान ऊपर पहुंचे और फिसलकर नीचे आए। लेकिन किसी ने प्रयास बंद नहीं किया।

भीड़ में मौजूद श्रद्धालु हर प्रयास पर उनका उत्साह बढ़ाते रहे। मंदिर परिसर में लगातार ‘जय श्री रंगनाथ’, ‘जय कन्हैया लाल की’ और भगवान के जयकारे गूंजते रहे।

जैसे-जैसे विजय पताका नजदीक आती गई, श्रद्धालुओं की उत्सुकता चरम पर पहुंच गई। अंततः लगातार प्रयास, सामूहिक रणनीति और मजबूत पकड़ के दम पर पहलवान विजय पताका तक पहुंचने में सफल हुए।

विजय पताका मिलते ही गूंज उठा मंदिर परिसर

जैसे ही पहलवानों ने विजय पताका हासिल की, मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। लंबे समय तक चले इस रोमांचक मुकाबले के सफल समापन के बाद वहां मौजूद लोगों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।

विजय पताका हासिल करना इस पारंपरिक आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण और रोमांचकारी क्षण रहा। श्रद्धालु इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद करते नजर आए।

विजेता पहलवानों का हुआ सम्मान

विजय पताका हासिल करने वाले पहलवानों का मंदिर प्रबंधन की ओर से सम्मान किया गया। उन्हें नारियल, विजय पताका और उत्तरीय भेंट किए गए। सम्मान समारोह के दौरान भी श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए।

पहलवानों के सम्मान के साथ लट्ठे मेले का मुख्य आकर्षण पूरा हुआ, लेकिन काफी देर तक मंदिर परिसर में उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा।

केवल खेल नहीं, परंपरा और आस्था का संगम

वृंदावन का लट्ठे का मेला केवल पहलवानों की ताकत आजमाने वाला आयोजन नहीं है। यह धार्मिक आस्था, लोकपरंपरा, सामूहिक सहभागिता और शौर्य का अनूठा संगम भी माना जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी परंपराएं वृंदावन के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन को अलग पहचान देती हैं।

इस आयोजन में पहलवानों की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ टीमवर्क भी दिखाई देता है। एक पहलवान की सफलता दूसरे पहलवानों के सहयोग पर निर्भर रहती है। यही वजह है कि पूरा मुकाबला सामूहिक प्रयास का रूप ले लेता है।

युवाओं में भी दिखा खास उत्साह

लट्ठे मेले को देखने के लिए बड़ी संख्या में युवा भी पहुंचे। युवाओं ने पहलवानों के करतब और उनकी रणनीति को काफी उत्सुकता से देखा। कई लोग पूरे मुकाबले के दौरान अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे।

श्रद्धालुओं का कहना था कि आधुनिक दौर में भी ऐसी पारंपरिक गतिविधियों का जीवित रहना वृंदावन की सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण है। धार्मिक आयोजनों के साथ इस तरह की परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और स्थानीय विरासत से जोड़ने का काम करती हैं।

हर प्रयास पर बढ़ता गया उत्साह

लट्ठे मेले के दौरान सबसे खास बात पहलवानों का धैर्य रहा। कई बार फिसलने और नीचे आने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। एक बार असफल होने के बाद वे फिर से समूह बनाते और नई रणनीति के साथ ऊपर चढ़ने का प्रयास करते।

नीचे खड़ी भीड़ भी उनके साथ पूरी तरह जुड़ी नजर आई। जैसे ही कोई पहलवान ऊंचाई हासिल करता, चारों ओर से जयकारे लगने लगते। फिसलकर नीचे आने पर भी लोगों ने उनका उत्साह कम नहीं होने दिया।

वृंदावन की परंपरा का जीवंत प्रदर्शन

श्री रंगनाथ मंदिर का नंदोत्सव एक बार फिर यह संदेश देता नजर आया कि वृंदावन की पहचान केवल मंदिरों और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की लोकपरंपराएं और उत्सवी आयोजन भी इसकी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

लट्ठे मेले में जहां एक ओर पहलवानों ने अपनी शारीरिक क्षमता और साहस का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी आस्था और उत्साह का परिचय दिया।

करीब 50 फीट ऊंचे चिकने लट्ठे पर विजय पताका तक पहुंचने के लिए चली 40 मिनट की यह मशक्कत देखने वालों के लिए यादगार बन गई। पहलवानों की मेहनत, श्रद्धालुओं के जयकारे और मंदिर परिसर का भक्तिमय वातावरण मिलकर नंदोत्सव को बेहद खास बना गए।

इस तरह श्री रंगनाथ मंदिर में आयोजित लट्ठे का मेला एक बार फिर भक्ति, परंपरा, शौर्य और सामूहिक उत्साह का अनूठा संगम बनकर सामने आया।




उत्तर प्रदेश न्यूज़

Link copied successfully!