17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। ब्रज के प्रमुख धार्मिक पर्व राधाष्टमी को लेकर बरसाना में तैयारियां तेज हो गई हैं। 18 और 19 सितंबर को बरसाना में होने वाले राधाष्टमी महोत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन के साथ-साथ परिवहन निगम ने भी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम ने 160 बसों के संचालन की तैयारी की है।
राधाष्टमी पर्व के दौरान बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क मार्ग पर यात्रियों का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन निगम ने पहले से ही बसों की व्यवस्था करने की योजना तैयार की है। निगम की ओर से श्रद्धालुओं की संख्या और यातायात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
परिवहन निगम ने 160 बसों के अलावा 40 अतिरिक्त बसों को रिजर्व रखने का निर्णय लिया है। इन बसों को जरूरत पड़ने पर तत्काल मार्गों पर उतारा जा सकेगा। इससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को समय पर बस उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
निगम अधिकारियों का कहना है कि पर्व के दौरान यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती है। ऐसे में केवल निर्धारित बसों पर निर्भर रहने के बजाय अतिरिक्त बसों को रिजर्व रखना जरूरी है। भीड़ के हिसाब से इन बसों का इस्तेमाल किया जाएगा।
मथुरा डिपो के केंद्र प्रभारी जयप्रकाश शुक्ला ने बताया कि राधाष्टमी पर्व पर बरसाना और आसपास के धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संख्या में बसों की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यदि बरसाना जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है तो बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार रिजर्व बसों को भी तत्काल संचालन में शामिल किया जाएगा, जिससे बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भीड़ को कम किया जा सके।
राधाष्टमी के दौरान बरसाना में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में लोग मथुरा, गोवर्धन और कोसीकलां सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बरसाना जाते हैं। पर्व के दौरान निजी वाहनों के साथ रोडवेज बसों की संख्या बढ़ने से प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है।
इसे देखते हुए परिवहन निगम बसों के संचालन को श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुरूप रखने की तैयारी में है। कोशिश की जाएगी कि यात्रियों को बस के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
परिवहन निगम अधिकारियों के अनुसार पर्व के दौरान केवल बसों की संख्या बढ़ाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है। बसों के संचालन पर निगरानी रखी जाएगी और भीड़ के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि राधाष्टमी पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरसाना पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्था को पहले से मजबूत किया जा रहा है।
राधाष्टमी के अवसर पर बरसाना में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए परिवहन निगम की तैयारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आम दिनों की तुलना में पर्व के दौरान यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त बसें उपलब्ध रहने से श्रद्धालुओं को निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।
निगम की योजना के मुताबिक आवश्यकता पड़ने पर बसों की संख्या और फेरे दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या के आधार पर मौके पर ही निर्णय लेकर अतिरिक्त बसों को लगाया जाएगा।
परिवहन निगम की टीम राधाष्टमी के दौरान बसों की उपलब्धता और यात्रियों की भीड़ पर नजर रखेगी। यदि किसी मार्ग पर यात्रियों की संख्या अधिक होती है तो वहां अतिरिक्त बसें भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा वापसी के समय भी यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए बसों के फेरे बढ़ाए जाने की तैयारी है।
पर्व समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरसाना से मथुरा और अन्य स्थानों के लिए रवाना होंगे। ऐसे में वापसी के समय भी बसों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना निगम के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
राधाष्टमी पर्व को लेकर प्रशासन के विभिन्न विभाग अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सफाई और पेयजल व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं के आवागमन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में परिवहन निगम ने बस संचालन की योजना तैयार की है।
निगम का कहना है कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से व्यवस्थाओं में तत्काल बदलाव किया जाएगा। 160 बसों के संचालन और 40 रिजर्व बसों की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवहन निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राधाष्टमी पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और भीड़ बढ़ने की स्थिति में बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।


