17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
बागपत। देश के विभिन्न राज्यों में राज्यपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा किसानों के मुद्दों पर मुखर आवाज उठाने वाले दिवंगत सत्यपाल मलिक की प्रथम पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव हिसावदा में विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, किसान संगठनों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। आयोजन को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं तथा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रभारी राकेश शर्मा के नेतृत्व में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिले के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से श्रद्धांजलि सभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्यपाल मलिक का सार्वजनिक जीवन किसानों, मजदूरों और आम लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए जाना जाता रहा। यही कारण है कि उनके प्रति लोगों के मन में आज भी गहरा सम्मान और आत्मीयता है।
जनसंपर्क अभियान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंघावली अहीर, खेड़ा, बसी, सुन्हेडा, तितरौदा, बुढसैनी सहित अनेक गांवों में घर-घर जाकर लोगों को श्रद्धांजलि सभा का निमंत्रण दिया। कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को बताया कि यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उनके सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक योगदान और किसानों से जुड़े कार्यों को भी याद किया जाएगा।
राकेश शर्मा ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने विभिन्न राज्यों में राज्यपाल के रूप में कार्य किया और केंद्र सरकार में मंत्री रहते हुए भी जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। वे अपने बेबाक वक्तव्यों और निर्भीक व्यक्तित्व के कारण देशभर में अलग पहचान रखते थे।
उन्होंने कहा कि सत्यपाल मलिक हमेशा किसानों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते थे और ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करते रहे। किसानों, युवाओं और आम जनता से उनका सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी पहचान था। यही कारण है कि उनकी पहली पुण्यतिथि पर केवल राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में हिसावदा पहुंचेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने सार्वजनिक जीवन में सादगी, स्पष्टवादिता और जनसेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने हमेशा अपने विचार बेबाकी से रखे और जनहित के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात कही। उनके व्यक्तित्व से नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और जनसेवा की प्रेरणा मिलती रहेगी।
जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों ने भी सत्यपाल मलिक को याद करते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र और गांव से हमेशा जुड़े रहे। उच्च पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने अपने पैतृक क्षेत्र से संपर्क बनाए रखा और समय-समय पर लोगों के सुख-दुख में शामिल होते रहे। यही आत्मीयता आज भी लोगों को उनकी ओर आकर्षित करती है।
आयोजकों के अनुसार श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ किसान संगठनों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठन, शिक्षाविद, अधिवक्ता, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होंगे। कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ-साथ उनके जीवन, राजनीतिक यात्रा और जनसेवा से जुड़े संस्मरण भी साझा किए जाएंगे।
कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, छाया, वाहन पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कांग्रेस नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके द्वारा जनहित, किसान हित तथा सामाजिक सरोकारों के लिए किए गए कार्यों को याद करें। उनका कहना है कि ऐसे व्यक्तित्वों के जीवन से समाज को प्रेरणा मिलती है और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती प्राप्त होती है।
इस दौरान रविदत्त शर्मा, देवेंद्र शर्मा, यशवीर सिंह, देवदत्त, मंगल सेन शर्मा, सतेंद्र शर्मा, अजय कुमार सोती, अंकित सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी जनसंपर्क अभियान में शामिल रहे। सभी ने लोगों से अपील की कि वे श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर दिवंगत नेता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करें और उनके सार्वजनिक जीवन से प्रेरणा लें।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


