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- 10h ago
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से उनके ग्लासगो में हुए प्रतियोगिता के अनुभवों के बारे में बातचीत की और देश का गौरव बढ़ाने के लिए उनकी सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। उन्होंने लिखा कि 7, लोक कल्याण मार्ग पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के शानदार मेडल विजेताओं की मेजबानी करके उन्हें बेहद खुशी हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों से खेलों के दौरान उनके अनुभवों के बारे में जाना और सभी खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों के साथ हुई मुलाकात का एक वीडियो भी अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर साझा किया। वीडियो की शुरुआत भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी से होती है, जिन्होंने महिलाओं के 51 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
वीडियो में साक्षी चौधरी प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर खुशी जाहिर करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के सभी मेडलिस्ट खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर बुलाया है और यह उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने के अनुभव को बेहद खास बताते हुए कहा कि पीएम मोदी बहुत विनम्र हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा, ऑलवेज चियर फोर भारत।” प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ मिलकर ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष भी किया।
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक अपने नाम किए। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
खास बात यह रही कि इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का कार्यक्रम पहले की तुलना में काफी छोटा था। प्रतियोगिता में कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे कई ऐसे खेल शामिल नहीं थे, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है।
ऐसे में सीमित खेलों में 39 पदक हासिल करना भारतीय खिलाड़ियों के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
भारतीय बॉक्सिंग टीम ने ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन किया। टीम भारत के लिए 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक लेकर लौटी।
बॉक्सिंग में खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महिला 51 किलोग्राम भार वर्ग में साक्षी चौधरी का स्वर्ण पदक भी इसी शानदार प्रदर्शन का हिस्सा रहा।
बॉक्सिंग में मिली सफलता को भारतीय खेलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी मजबूत स्थिति बनाई है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो टीम ने भी इतिहास रचा। भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक जीते।
इनमें दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे। जूडो में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से भारत की पदक तालिका को मजबूती मिली और इस खेल में देश की बढ़ती क्षमता भी सामने आई।
एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने इस स्पर्धा में कुल 10 पदक जीते, जिनमें 5 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल रहे।
एथलेटिक्स में भारत की ओर से कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया। इनमें गुलवीर सिंह का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
गुलवीर सिंह ने एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो व्यक्तिगत पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने।
गुलवीर ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया, जबकि 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।
उनकी इस उपलब्धि को भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। लंबी दूरी की दौड़ में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतना उनकी निरंतरता और फिटनेस का प्रमाण है।
खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए खेलों को लेकर युवाओं में उत्साह बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ियों की सफलता युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रधानमंत्री का संदेश “जो खेलेगा, वो खिलेगा” भी इसी भावना को दर्शाता है। सरकार लगातार युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर देती रही है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री आवास पर खिलाड़ियों से मुलाकात उनके लिए यादगार क्षण रहा। खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और प्रतियोगिता के दौरान सामने आई चुनौतियों तथा उपलब्धियों के बारे में चर्चा की।
भारत के लिए 39 पदकों के साथ समाप्त हुआ यह अभियान कई खेलों में उभरती नई प्रतिभाओं का संकेत भी देता है। बॉक्सिंग, जूडो और एथलेटिक्स में मिले पदकों ने भारतीय दल के प्रदर्शन को मजबूती दी।
प्रधानमंत्री मोदी की खिलाड़ियों के साथ यह मुलाकात केवल पदक विजेताओं के सम्मान का अवसर नहीं रही, बल्कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने का संदेश भी देती है। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत की बढ़ती मौजूदगी को भी रेखांकित करती हैं।


