यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 13h ago
नई दिल्ली। विकसित भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा देने और नशे के खिलाफ जनजागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा – 100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत देशभर में राष्ट्रीय संकल्प समारोह का आयोजन किया गया। देश के एक हजार से अधिक स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में चार लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लेकर नशा मुक्त भारत के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।
देशव्यापी स्तर पर आयोजित इस जनभागीदारी ने अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं, उद्योग संगठनों और समुदायों ने इसमें भागीदारी की। कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह का आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ किया गया। इनमें 460 माई भारत जिलों, माई भारत के साझेदार संगठनों के 240 स्थानों तथा आध्यात्मिक संगठनों, उद्योग संघों और विश्वविद्यालय संघों की ओर से 300 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस व्यापक आयोजन ने अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के युवाओं को एक साझा मंच प्रदान किया। छोटे शहरों और कस्बों से लेकर बड़े शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थानों तक युवाओं ने नशा मुक्त जीवन के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए भागीदारी की।
चार लाख से अधिक लोगों की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह में सामूहिक संकल्प को विशेष महत्व दिया गया। कार्यक्रमों में शामिल युवाओं और नागरिकों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए शपथ ली तथा हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया।
शपथ और हस्ताक्षर गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल व्यक्तिगत स्तर पर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया, बल्कि परिवार, मित्रों और समुदाय के अन्य लोगों के बीच भी जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
आयोजनों में युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सहभागिता गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया गया। युवाओं के नेतृत्व में चर्चाएं, जागरूकता कार्यक्रम और स्थानीय स्तर की पहल आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में संवाद को बढ़ावा दिया गया।
अभियान की महत्वपूर्ण विशेषता युवाओं को केवल कार्यक्रमों का सहभागी बनाने के बजाय उन्हें जागरूकता गतिविधियों का नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभिन्न स्थानों पर युवाओं ने अपने स्तर पर संवाद, चर्चा और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया।
युवा नेतृत्व वाली इन पहलों के माध्यम से नशा मुक्ति के संदेश को स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे स्वयं स्वस्थ विकल्प अपनाने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
इस तरह अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर निरंतर जनभागीदारी और जागरूकता की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
‘नशा मुक्त युवा’ अभियान में नशे से दूरी बनाने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अभियान की परिकल्पना रोकथाम, जागरूकता, स्वास्थ्य, फिटनेस और जीवन कौशल जैसे विषयों को युवाओं से जोड़ने के लिए की गई है।
युवाओं को खेल, फिटनेस, रचनात्मक गतिविधियों, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक भागीदारी जैसे सकारात्मक विकल्पों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को ऐसी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करें।
‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा – 100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ को एक सतत युवा आंदोलन के रूप में परिकल्पित किया गया है। इसका उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ एक बार जागरूकता पैदा करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक युवाओं और समुदायों को इस विषय से जोड़कर निरंतर गतिविधियां संचालित करना है।
अभियान के प्रारंभिक चक्र को तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित किया गया है—
मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव
इस विषय के माध्यम से युवाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
फिट युवा, नशा मुक्त युवा
इस पहल के माध्यम से फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को नशे से दूर रहने के सकारात्मक विकल्प के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जीवन कौशल माह
इसके तहत युवाओं को जीवन से जुड़े आवश्यक कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, सकारात्मक सोच और जिम्मेदार व्यवहार के प्रति जागरूक करने की दिशा में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इन तीनों विषयों के माध्यम से अभियान को युवा-केंद्रित और समुदाय आधारित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के तहत 18 सितंबर को विभिन्न संस्थानों और समुदायों में गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इसके बाद 20 सितंबर को देशभर में राष्ट्रीय संकल्प समारोह के माध्यम से एक और व्यापक जनभागीदारी दर्ज की गई।
दोनों दिनों की गतिविधियों में शपथ, हस्ताक्षर, संवाद, जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक भागीदारी को प्रमुखता दी गई। इस दो दिवसीय पहल के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को नशा मुक्त जीवन के संदेश से जोड़ने के साथ अभियान की निरंतरता का आधार तैयार किया गया।
कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी को केवल दर्शक के रूप में नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें चर्चा, जागरूकता और स्थानीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को व्यापक बनाने के लिए अभियान में विभिन्न प्रकार के संस्थानों और संगठनों को जोड़ा गया है। माई भारत के साथ साझेदार संगठन, आध्यात्मिक संगठन, उद्योग संघ, विश्वविद्यालय और स्थानीय समुदाय इस पहल में भागीदार बने।
इन संस्थाओं की भागीदारी से अभियान को अलग-अलग वर्गों और आयु समूहों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। शैक्षणिक संस्थानों में जहां विद्यार्थियों और युवाओं को जागरूकता गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं समुदाय आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है।
आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठनों की भागीदारी के माध्यम से भी नशे के खिलाफ सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ युवाओं के सामने सकारात्मक विकल्प रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस, खेल, रचनात्मक गतिविधियां और जीवन कौशल जैसे विषयों को अभियान से जोड़ने का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक दिशा में सक्रिय करना है।
युवाओं को यह समझाने पर जोर दिया जा रहा है कि स्वस्थ जीवनशैली केवल नशे से दूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शारीरिक फिटनेस, सकारात्मक सोच, बेहतर निर्णय क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी शामिल है।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह में सामूहिक शपथ और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को सामुदायिक संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया गया। एक स्थान पर एकत्रित युवाओं और नागरिकों ने नशा मुक्त जीवन के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
अभियान के आयोजकों का जोर इस बात पर है कि नशा मुक्त भारत के निर्माण की जिम्मेदारी केवल किसी एक संस्था या विभाग की नहीं हो सकती। इसके लिए परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, समुदायों और सामाजिक संस्थाओं की निरंतर भागीदारी आवश्यक है।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह इसी सामूहिक भागीदारी को सामने लाने का माध्यम बना।
अभियान में माई भारत के जिलों और साझेदार संगठनों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही। देशभर के 460 माई भारत जिलों में आयोजित कार्यक्रमों ने बड़ी संख्या में युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभियान से जोड़ा।
इसके अतिरिक्त माई भारत के साझेदार संगठनों के 240 स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे विभिन्न युवा समूहों और संस्थाओं को अभियान के साथ जोड़ने का व्यापक अवसर मिला।
स्थानीय स्तर पर युवाओं की भागीदारी के माध्यम से अभियान को समुदायों तक पहुंचाने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया गया।
नशे के खिलाफ जागरूकता को एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 100 सप्ताह का अभियान तैयार किया गया है। इसके तहत आने वाले समय में भी स्वास्थ्य, फिटनेस, जीवन कौशल, जागरूकता और युवा भागीदारी से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
अभियान की लंबी अवधि की रूपरेखा का उद्देश्य युवाओं को लगातार सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और नशे के खिलाफ जागरूकता को समुदायों में स्थायी चर्चा का विषय बनाना है।
इसके लिए संस्थानों और संगठनों को युवाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखने तथा स्थानीय स्तर पर सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय की ओर से अभियान के तहत युवाओं के नेतृत्व में सहभागिता को लगातार सुगम बनाने की बात कही गई है। युवाओं को निरंतर भागीदारी और सकारात्मक कार्रवाई के माध्यम से नशा मुक्त जीवन का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह के माध्यम से देशभर में आयोजित गतिविधियों ने यह संदेश सामने रखा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता के साथ व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
चार लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों की भागीदारी तथा एक हजार से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों ने 100 सप्ताह के अभियान की शुरुआत को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा है। आने वाले चरणों में स्वास्थ्य, फिटनेस, जीवन कौशल और सकारात्मक युवा भागीदारी पर केंद्रित गतिविधियों के जरिए इस पहल को आगे बढ़ाने की योजना है।
नशा मुक्त युवा का संदेश केवल शपथ तक सीमित न रहकर स्वस्थ विकल्पों, जागरूकता, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली के रूप में युवाओं के दैनिक जीवन का हिस्सा बने—इसी उद्देश्य के साथ 100 सप्ताह का यह अभियान देशभर में निरंतर गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


