17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित मथुरा-वृंदावन दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और जन्माष्टमी पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों को चिह्नित करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा के साथ-साथ जन्माष्टमी पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, पार्किंग और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए मथुरा पुलिस के अलावा कई जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है। पुलिस के मुताबिक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और जन्माष्टमी पर्व के दौरान करीब 1500 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।
इसके लिए आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, वाराणसी, इटावा, झांसी, मैनपुरी और फिरोजाबाद समेत कई जिलों से पुलिस बल बुलाया गया है। अतिरिक्त बल को आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग जोन, सेक्टर और प्रमुख धार्मिक एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को 12 जोन और 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इसके अलावा सात सुपर जोन बनाए गए हैं। प्रत्येक सुपर जोन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
जोन और सेक्टर स्तर पर एएसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और उपनिरीक्षकों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को केवल कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि मुख्यमंत्री के संभावित आवागमन मार्ग, प्रमुख चौराहे, धार्मिक स्थल, बाजार, पार्किंग क्षेत्र, प्रवेश और निकास मार्ग तथा भीड़ एकत्र होने वाले स्थान भी पुलिस की निगरानी में रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कार्यक्रम स्थल पर विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल के आसपास आने-जाने वाले मार्गों की भी समीक्षा की जा रही है। हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक मुख्यमंत्री के संभावित आवागमन मार्ग को भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
कार्यक्रम स्थल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ प्रवेश और निकास व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जाएगा। स्थानीय पुलिस के अलावा अतिरिक्त बल को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा और वृंदावन में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारिकाधीश मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
ऐसे में पुलिस के सामने वीआईपी सुरक्षा के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की दोहरी जिम्मेदारी होगी। पुलिस ने प्रमुख प्रवेश मार्गों से लेकर मंदिरों के आसपास तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है।
भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल कराया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार कुछ मार्गों पर यातायात का डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है।
जन्माष्टमी पर मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से कड़ी रहेगी। प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर भी नजर रखी जाएगी।
भीड़ के बीच जेबकतरी, छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों ने अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं कि भीड़ के बीच किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रमुख भीड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की तैयारी की जा रही है।
ड्रोन के जरिए भीड़ की स्थिति, यातायात का दबाव और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। किसी क्षेत्र में अचानक भीड़ बढ़ने या यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी मिल सकेगी।
पुलिस कंट्रोल रूम से भी विभिन्न क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है।
जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था को लेकर रहती है। लाखों श्रद्धालुओं के वाहनों के पहुंचने से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
प्रमुख चौराहों, तिराहों और भीड़ वाले स्थानों पर यातायात पुलिस और टीएसआई की तैनाती की जाएगी। यातायात को नियंत्रित करने के साथ ही वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी जोर दिया जाएगा।
पुलिस की कोशिश रहेगी कि बाहरी जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर के भीतर अनावश्यक रूप से प्रवेश न करना पड़े और उन्हें निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
जन्माष्टमी के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण पार्किंग भी पुलिस-प्रशासन के लिए अहम मुद्दा रहेगा। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है।
पार्किंग स्थलों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी, ताकि अव्यवस्था और जाम की स्थिति पैदा न हो। जरूरत पड़ने पर वाहनों की आवाजाही को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की तैयारी की है। ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। भीड़ में किसी प्रकार की अफवाह फैलने की स्थिति में तत्काल सूचना तंत्र सक्रिय किया जाएगा।
अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि किसी भी छोटी घटना को समय रहते नियंत्रित किया जाए, जिससे वह बड़ी समस्या का रूप न ले सके।
जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। मंदिरों और भीड़ वाले क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर नजर रखेंगी।
महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए जाएंगे। भीड़ के बीच महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं को आगे साझा न करें। किसी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।
श्रद्धालुओं से यह भी अपील की जाएगी कि वे निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें तथा पुलिसकर्मियों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी निगरानी की जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से अलग-अलग क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
किसी क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने पर संबंधित जोन और सेक्टर में तैनात पुलिस अधिकारियों को तत्काल अलर्ट किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बल और यातायात पुलिस को मौके पर भेजा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल, संभावित हेलीपैड, मुख्यमंत्री के आवागमन मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है।
अधिकारियों की ओर से अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही, जन्माष्टमी के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराना पुलिस की प्राथमिकता होगी। दूसरी ओर जन्माष्टमी के कारण शहर में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहेगी। ऐसे में पुलिस के सामने वीआईपी मूवमेंट और आम श्रद्धालुओं की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था इस तरह तैयार की जा रही है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा न आए और श्रद्धालुओं को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। जोनल और सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों पर लगातार पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर संचालित होगी। जमीन पर पुलिस बल की तैनाती के साथ तकनीकी माध्यमों से निगरानी की जाएगी। यातायात पुलिस, स्थानीय पुलिस और बाहरी जिलों से आए पुलिस बल के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती, 12 जोन, 19 सेक्टर और सात सुपर जोन में सुरक्षा का विभाजन, ड्रोन निगरानी और यातायात प्रबंधन की तैयारियों के साथ पुलिस ने जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन को सुरक्षित रखने का पूरा खाका तैयार किया है।


