17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
खेकड़ा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर खेकड़ा कस्बा लगातार पांच दिनों तक भक्ति, संगीत और आस्था के रंग में सराबोर नजर आएगा। सनातन धर्म ठाकुर द्वारा समिति के तत्वावधान में चार से आठ सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशाल रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर से लेकर कस्बे के प्रमुख बाजारों तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। संकीर्तन, भक्ति संगीत, भजन संध्या और भव्य श्रीकृष्ण रथयात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
मंदिर समिति की ओर से जितेन्द्र सिंघल ने बताया कि महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। पांच दिनों तक चलने वाले आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों की ओर से कार्यक्रमों को भव्य और व्यवस्थित रूप देने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
महोत्सव का शुभारंभ चार सितंबर को सनातन धर्म ठाकुर द्वारा मंदिर में शाम सात बजे जन्माष्टमी पर्व एवं संकीर्तन महोत्सव के साथ होगा। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में संकीर्तन और भजनों का आनंद लेंगे। रात आठ बजे दिल्ली की प्रसिद्ध भजन गायिका वैष्णवी गुप्ता संकीर्तन की प्रस्तुति देंगी।
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भगवान का अभिषेक, आरती और भोग-प्रसाद का आयोजन होगा। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं को मंदिर में चांदी के झूले में विराजमान चांदी के लड्डू गोपाल के मनमोहक दर्शन भी होंगे। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय होने की उम्मीद है।
पांच दिवसीय महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण छह सितंबर को निकलने वाली विशाल श्रीकृष्ण रथयात्रा होगी। रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अभी से खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार सुबह 11 बजे भगवान श्रीकृष्ण के अभिषेक, पोशाक एवं श्रृंगार के बाद रथयात्रा को बालाजी मंदिर से रवाना किया जाएगा।
रथयात्रा कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। निर्धारित मार्ग के अनुसार रथयात्रा पांडव पुलिया, छोटा बाजार, मेन बाजार, पुलिस चौकी चौराहा और जैन कॉलेज रोड होते हुए मंडी गांधी गंज पहुंचेगी। यहां शाम छह बजे के बाद रथयात्रा पुन: शुरू होगी और विभिन्न मार्गों से होते हुए सनातन धर्म ठाकुर द्वारा मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी।
रथयात्रा में देश के सुप्रसिद्ध बैंड अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा मथुरा के शहनाई वादकों की मधुर धुनें भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी। रथयात्रा में देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां, धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सजावट और खाटूश्याम महाराज का भव्य दरबार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
रथयात्रा में शामिल होने वाली धार्मिक झांकियों को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। रथयात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किए जाने की संभावना है।
रथयात्रा के दौरान बाजारों में विशेष सजावट और धार्मिक माहौल देखने को मिलेगा। बैंड की धुन, शहनाई की स्वर लहरियां, भजनों की गूंज और झांकियों के साथ निकलने वाली रथयात्रा कस्बे में उत्सव का वातावरण बनाएगी। आयोजकों को उम्मीद है कि रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
रथयात्रा के बाद भी भक्ति का यह सिलसिला जारी रहेगा। सात और आठ सितंबर को गांधी प्याऊ मेन बाजार में भक्ति संगीत एवं श्रीश्याम प्रभु का आनंदोत्सव आयोजित किया जाएगा। इन दोनों दिनों में प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
सात सितंबर को रविन्द्र जैन के शिष्य नीलम सिंह यादव और रविश मिश्रा भजनों की प्रस्तुति देंगे। उनके भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आएंगे। वहीं आठ सितंबर को पानीपत के साहिल शर्मा और पटियाला की पूजा सखी बाबा श्याम के भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगी।
भजन संध्याओं के दौरान श्रीश्याम प्रभु के भजनों के साथ धार्मिक संगीत का विशेष आयोजन होगा। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रमों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भक्तिमय वातावरण तैयार किया जाएगा, ताकि सभी लोग शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
जन्माष्टमी से शुरू होने वाले इस महोत्सव में पांच दिनों तक लगातार धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिर में संकीर्तन से लेकर मध्यरात्रि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, विशाल रथयात्रा और बाद में भजन संध्याओं तक पूरे कस्बे में धार्मिक उत्सव का माहौल रहेगा।
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ना और भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीश्याम प्रभु की भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। समिति के सदस्यों के अनुसार कार्यक्रमों में सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
पांच दिवसीय महोत्सव को लेकर मंदिर समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारियों में जुट गए हैं। रथयात्रा के लिए रथ की सजावट, झांकियों, बैंड, शहनाई वादकों और भजन गायकों से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर एवं कार्यक्रम स्थलों की सजावट भी की जाएगी।
आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। रथयात्रा के दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महोत्सव की घोषणा के बाद से कस्बे के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। लोगों को जन्माष्टमी के साथ-साथ भव्य रथयात्रा और प्रसिद्ध भजन गायकों की प्रस्तुतियों का बेसब्री से इंतजार है। आयोजकों का कहना है कि इस बार महोत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस तरह चार से आठ सितंबर तक खेकड़ा में भक्ति, संगीत और आस्था की त्रिवेणी देखने को मिलेगी। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, चांदी के झूले में लड्डू गोपाल के दर्शन, विशाल रथयात्रा, आकर्षक धार्मिक झांकियां और लगातार दो दिन होने वाली भजन संध्याएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी। पांच दिनों तक कस्बे के वातावरण में श्रीकृष्ण और बाबा श्याम की भक्ति की गूंज सुनाई देगी।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


