यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 16h ago
बागपत। प्रदेश में सरकारी सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे आउटसोर्स कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक हितों को नई मजबूती मिली है। राजधानी लखनऊ के लोकभवन सभागार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इसके पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग, लोगो का अनावरण और आउटसोर्स कर्मियों को चेक भी वितरण किया गया। मानदेय वृद्धि से कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे। जनपद बागपत में करीब 6 हजार आउटसोर्स कर्मियों को इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग के लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर तथा प्रदेश की आरक्षण नीति के अनुरूप होगी। भर्ती से लेकर पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। कहा कि कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाता, उपस्थिति, भुगतान और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी माध्यम से शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति देखने और निर्धारित समय में समाधान की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे आउटसोर्स व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। निर्धारित वेतनमान के आधार पर दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आपदा, अग्निकांड, आकस्मिक चिकित्सा और आपात स्थिति में सहायता के प्रावधानों से कर्मचारी और उसके परिवार को कठिन समय में आर्थिक सहारा देने का प्रयास किया गया है। बच्चों की शिक्षा, बेटियों के विवाह और कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता जैसी सुविधाएं भी इस सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। कहा कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन और संपत्ति के रूप में देखा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के दौर में काम करने का तरीका बदल रहा है, लेकिन मानव श्रम का सम्मान हमेशा बना रहेगा।
बागपत में कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों में मानदेय वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की घोषणाओं को लेकर उत्साह रहा। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के बारे में जो कदम उठाया है, उससे सम्मान के साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिली है। कहा कि सरकार हो तो योगी जैसी, जो सभी का ध्यान रख रही है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि अधिकार बढ़ने के साथ उनके कर्तव्य और जिम्मेदारी भी बढ़ी है और वे पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी सरकारी सेवाओं की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।यूपीकोस के माध्यम से उनके मानदेय, उपस्थिति, सेवा संबंधी विवरण और वैधानिक लाभों को पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने से कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी और विभागीय स्तर पर भी निगरानी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
इस अवसर पर श्रम विभाग द्वारा संचालित मातृत्व शिशु बालिका मदद, कन्या विवाह सहायता, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजनाओं के तहत नौ लाभार्थी—मीनू, दीपा, आसिफ, रेनू, अंजली, उषा, कल्लू, अशोक और इखलाख—को कुल पांच लाख 70 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इससे श्रमिक परिवारों को पारिवारिक जरूरतों के समय आर्थिक संबल मिला।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडे सहायक श्रम आयुक्त एमएल पाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ तीरथ लाल अधिशासी अधिकारी बड़ौत मनोज रस्तोगी सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


