17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
झुंझुनूं। विश्व जनसंख्या दिवस-2026 के अवसर पर मंगलवार को मंडावा मोड़ स्थित अंबेडकर भवन में परिवार कल्याण एवं जनसंख्या स्थायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में जनसंख्या स्थायित्व, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनजागरूकता अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि झुंझुनूं जिले का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में एक मजबूत और समर्पित टीम के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिले की मेडिकल डिपार्टमेंट की टीम अन्य विभागों की तुलना में अत्यंत सराहनीय कार्य कर रही है और जनसंख्या स्थायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लगातार बेहतर परिणाम दे रही है।
डॉ. गर्ग ने कहा कि जनसंख्या स्थायित्व केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के सतत विकास से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान है। यदि परिवार छोटा और स्वस्थ होगा तो बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जिससे एक समृद्ध और सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा कर्मियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों से परिवार कल्याण कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ ने अपने संबोधन में कहा कि झुंझुनूं जिले ने जनसंख्या नियंत्रण और परिवार कल्याण कार्यक्रमों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर जागरूकता फैलाने, परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि झुंझुनूं ने प्रदेश स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा कि सम्मान समारोह उन लोगों के लिए प्रेरणा का माध्यम है जो जनहित में निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत का सकारात्मक प्रभाव गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ा है और परिवार कल्याण कार्यक्रमों में जनभागीदारी भी बढ़ी है।
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रमों में जिले की उपलब्धियां पूरी चिकित्सा टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जनसंख्या स्थायित्व के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और परिवार नियोजन सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
डिप्टी सीएमएचओ एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. भंवर लाल सर्वा ने समारोह में पधारे सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थायित्व का लक्ष्य तभी सफल होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएगा।
समारोह में पंचायत समिति खेतड़ी को जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ₹2 लाख की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर, बीसीएमओ डॉ. हरीश यादव और उनकी टीम ने प्राप्त किया।
इसके अलावा जिले के उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों को भी सम्मानित किया गया। जिला चिकित्सालय/उप जिला अस्पताल नवलगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहाड़ा (खेतड़ी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाय (नवलगढ़) को बेहतर प्रदर्शन के लिए ₹50-50 हजार की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
विभिन्न पंचायत समितियों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली 12 ग्राम पंचायतों को भी ₹50-50 हजार की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों को संबंधित सरपंचों, चिकित्सा प्रभारी अधिकारियों और उनकी टीमों ने प्राप्त किया। समारोह में सम्मानित होने वाली पंचायतों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इसे अपने क्षेत्र के लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों की सामूहिक उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जनसंख्या स्थायित्व का सीधा संबंध मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आर्थिक विकास से है। छोटे परिवार से संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है और प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर मिल पाते हैं। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों की उपलब्धता, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, सुरक्षित मातृत्व अभियान और नियमित स्वास्थ्य परामर्श जैसी योजनाओं ने जिले में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है और संस्थागत प्रसव तथा टीकाकरण की दर में भी सुधार हुआ है।
समारोह में खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर, आयोजना अधिकारी पूनम कटेवा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रमोद नारनौलिया, आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह, पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांभू, सांख्यिकी अधिकारी शारदा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, कर्मचारी, आशा सहयोगिनी, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जनसंख्या स्थायित्व, परिवार कल्याण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। समारोह उत्साह, प्रेरणा और जनसेवा की भावना के साथ संपन्न हुआ।
जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने उम्मीद जताई कि सम्मानित संस्थाएं और पंचायतें भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करती रहेंगी और झुंझुनूं जिला परिवार कल्याण एवं जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
राजस्थान-रिपोर्टर,(सुरेश सैनी)।


