सोना बत्रा के संघर्ष से बने‘चाख कर देखो’ के उत्पादों ने जीता मेहमानों का दिल
65 days ago
नई दिल्ली। पंजाबी संस्कृति और परंपराओं को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘सुनाखी पंजाबन’ में ‘चाख कर देखो’ के घर पर प्यार, शुद्धता और स्वच्छता से तैयार उत्पादों को मेहमानों की खूब सराहना मिली। अवनीत कौर के प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों और प्रतिभागियों ने ‘चाख कर देखो’ के विभिन्न उत्पादों का स्वाद चखा और उनकी जमकर प्रशंसा की।
‘चाख कर देखो’ की ओनर सोना बत्रा ने बताया कि उनके इस सफर की प्रेरणा उनकी मां की रसोई से मिली। उनकी मां के हाथ के खाने की हमेशा तारीफ होती थी। मां को खाना बनाते देखकर उन्होंने सीखा कि प्यार से भोजन तैयार करने और हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रखने का असली महत्व क्या होता है। सोना बत्रा का मानना है कि खाना ऐसा होना चाहिए कि उसे खाने वाला हर निवाले के साथ स्वाद और खुशी महसूस करे।
सोना बत्रा ने बताया कि उन्होंने जीवन भर अपने परिवार और आसपास के लोगों को बड़े प्यार से अपने हाथ का बना खाना खिलाया। कई बार उन्होंने अपने बनाए व्यंजन केवल प्यार और अपनापन बांटने के लिए लोगों तक पहुंचाए। उनके खाने और उसमें झलकने वाले प्यार की हमेशा दिल से सराहना होती रही। जीवन का यह सफर आसान नहीं था। पति की तबीयत ठीक न रहने के कारण सोना बत्रा परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य रहीं। दो बच्चों की परवरिश और देखभाल के साथ उन्होंने अलग-अलग नौकरियां कीं और एक पार्लर भी चलाया। तमाम जिम्मेदारियों के बावजूद खाना बनाने का उनका जुनून और लोगों को स्वादिष्ट भोजन खिलाने का प्यार कभी कम नहीं हुआ।
सोना बत्रा ने बताया कि उनके जीवन में एक दिन उस समय नया मोड़ आया, जब घर आए एक मेहमान को उन्होंने खिचड़ी के साथ अपने हाथ का बना नींबू का अचार परोसा। मेहमान को अचार का स्वाद इतना पसंद आया कि उन्होंने सोना बत्रा को अपने अचार का व्यवसाय शुरू करने की सलाह दी। यही छोटी-सी सलाह आगे चलकर ‘चाख कर देखो की शुरुआत का आधार बनी। आज ‘चाख कर देखो’ के माध्यम से 9 प्रकार के अचार, हनी चटनी, पिन्नी और कई अन्य घरेलू उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। ये उत्पाद विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी बेचे जा रहे हैं। सोना बत्रा का कहना है कि यह सफर अभी केवल शुरुआत है और भविष्य में ‘चाख कर देखो’ को स्वाद, शुद्धता और गुणवत्ता के साथ और आगे ले जाने का लक्ष्य है।
‘सुनाखी पंजाबन’ कार्यक्रम में मिली सराहना पर सोना बत्रा ने कहा कि मेहमानों के प्यार और उत्साहवर्धक शब्दों ने उनका हौसला कई गुना बढ़ा दिया है। उन्होंने अवनीत कौर सहित सभी सम्मानित अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का प्यार और विश्वास ही ‘चाख कर देखो सबसे बड़ी ताकत है।