यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 13h ago
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना, महिला सशक्तीकरण, पोषण, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे स्थानीय प्रयासों का उल्लेख किया। यह एपिसोड 27 सितंबर 2026 को प्रसारित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ के संदर्भ से की। उन्होंने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट रूप से रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को लगातार स्पष्ट किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के साथ बालाकोट एयर स्ट्राइक और हाल के ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को भारत की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। 138वें एपिसोड में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इन संदर्भों को प्रमुखता से जगह मिली।
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आंवले से जुड़ी प्रसंस्करण गतिविधियां किसानों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर पैदा कर रही हैं।
प्रतापगढ़ में आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार करने के बाद उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने की कोशिशों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार स्थानीय संसाधन और पारंपरिक उत्पाद महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है।
उन्होंने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है और करोड़ों परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव से जनगणना की शुरुआत का भी प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि जनगणना से संबंधित प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग करें और इसे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य समझें।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल को भी याद किया। उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर प्रधानमंत्री ने उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपना जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया। उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े उनके योगदान का उल्लेख किया।
यह उल्लेख ‘मन की बात’ के उस हिस्से में आया जिसमें प्रधानमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत और उससे जुड़े व्यक्तित्वों को याद किया।
प्रधानमंत्री ने गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1026 में सोमनाथ पर हुए आक्रमण के समय मोढेरा के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर को भी नुकसान पहुंचाया गया था।
प्रधानमंत्री ने मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ मोढेरा के वर्तमान स्वरूप का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा यह क्षेत्र आज सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के प्रयोग के लिए भी जाना जाता है।
इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने मोढेरा को देश के पहले सोलर विलेज के रूप में विकसित किए जाने की दिशा का उल्लेख किया। इस तरह उन्होंने इतिहास, विरासत और आधुनिक ऊर्जा तकनीक को एक साथ जोड़कर देखने की बात रखी।
‘मन की बात’ में पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने सुंदरबन के झारखाली क्षेत्र की महिलाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि कई ऐसी महिलाएं मैंग्रोव लगाने के काम से जुड़ी हैं, जिन्होंने बाघ के हमले में अपने पति को खो दिया था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन महिलाओं ने मैंग्रोव के संरक्षण और विस्तार को आजीविका के साधन से जोड़ा।
मैंग्रोव के जंगल समुद्र और नदियों से जुड़े क्षेत्रों में प्राकृतिक सुरक्षा कवच की भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन महिलाओं के प्रयासों से एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बल मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आय का साधन भी प्राप्त हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से जुड़े विषय पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवाओं ने नशे और ड्रग्स से दूर रहने का संकल्प लिया है।
उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह अभियान लंबे समय तक चलाया जाएगा और इसका उद्देश्य युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ाना है।
सितंबर को पोषण से जुड़े अभियान और गतिविधियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग राज्यों में किए जा रहे स्थानीय प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उदाहरण दिया। इस अभियान के माध्यम से लोगों को मुनगा यानी मोरिंगा को भोजन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुनगा को पोषक तत्वों से भरपूर स्थानीय खाद्य पदार्थ के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने गुजरात में मिलेट्स से बने व्यंजनों को लेकर आयोजित गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में शामिल करने से पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
महाराष्ट्र और मिजोरम में भी पोषण से संबंधित स्थानीय पहलों का प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया। मिजोरम में पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिए लोगों की सामूहिक भागीदारी को उन्होंने सराहनीय बताया। पोषण पर इन उदाहरणों की रिपोर्टिंग की स्वतंत्र पुष्टि भी 27 सितंबर की कवरेज में हुई है।
‘मन की बात’ के इस एपिसोड में एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि प्रधानमंत्री ने अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के स्थानीय प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखा। प्रतापगढ़ का आंवला, सुंदरबन के मैंग्रोव, छत्तीसगढ़ का मुनगा और मिजोरम की पोषण वाटिकाएं इसके उदाहरण रहे।
इन उदाहरणों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने स्थानीय स्तर पर नागरिकों, महिलाओं, किसानों और युवाओं की भागीदारी को रेखांकित किया। कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले छोटे-छोटे प्रयास सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में योगदान दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास का उल्लेख करने के साथ ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उसके वर्तमान स्वरूप की चर्चा की। वहीं प्रतापगढ़ के पारंपरिक आंवला उत्पादों को बाजार और रोजगार से जोड़ने की बात सामने आई।
इस तरह कार्यक्रम में एक ओर देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया गया तो दूसरी ओर आधुनिक तकनीक, स्थानीय उत्पादन, महिला उद्यमिता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को भी स्थान मिला।
प्रधानमंत्री के संबोधन में युवाओं और महिलाओं की भूमिका भी कई संदर्भों में सामने आई। नशामुक्ति अभियान में युवाओं की भागीदारी और सुंदरबन में महिलाओं द्वारा मैंग्रोव संरक्षण का उदाहरण इसके प्रमुख हिस्से रहे।
वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा आंवला उत्पाद तैयार किए जाने का उल्लेख ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता की संभावनाओं की ओर ध्यान खींचता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने अलग-अलग अभियानों और राष्ट्रीय गतिविधियों में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व बताने से लेकर नशे के खिलाफ युवाओं के संकल्प और पोषण अभियानों तक, उन्होंने नागरिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
‘मन की बात’ का 138वां एपिसोड रविवार सुबह 11 बजे प्रसारित हुआ। आकाशवाणी के अनुसार कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन नेटवर्क के साथ-साथ संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी किया गया।
‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर गांवों की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी तक कई अलग-अलग विषयों को एक साथ संबोधित किया। आधिकारिक प्रसारण रिकॉर्ड के अनुसार यह एपिसोड 27 सितंबर 2026 को प्रसारित हुआ।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


