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- 13h ago
नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की एफजेड1073 फ्लाइट के कॉकपिट में हुए हमले में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फोन पर बातचीत की। करीब नौ मिनट चली वीडियो कॉल के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को घटना की पूरी आपबीती सुनाई और बताया कि मुश्किल हालात में उन्हें हिम्मत कहां से मिली।
कैप्टन स्मित ने बताया कि जब भी वह मुश्किल परिस्थितियों में होते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। घटना के दौरान भी वह हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में इसी से उन्हें हिम्मत मिली। बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू भी आ गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस और सूझ-बूझ की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है और उनकी सेहत के लिए महामृत्युंजय जाप किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहस, सूझ-बूझ और संयम ने कई लोगों की जान बचाने में मदद की।
कैप्टन स्मित ने घटना को याद करते हुए बताया कि उस समय वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे। गंभीर चोटों के कारण वह नीचे गिर गए थे, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह उस वक्त नहीं उठे तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई, उठे और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
स्मित ने बताया कि उन्हें यह भी पता चल गया था कि विमान तेजी से नीचे आ रहा है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति संभालने की कोशिश जारी रखी।
प्रधानमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की मदद की जरूरत होने पर वह सिर्फ एक फोन कॉल दूर हैं।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित की मां गीताबेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मित की परवरिश भगवद्गीता के मूल्यों और उसकी शिक्षाओं के साथ हुई है और इसका श्रेय उनकी मां को जाता है।
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से हुई बातचीत को अपने लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी जिंदगी में ऐसा मौका आएगा, जब देश के प्रधानमंत्री स्वयं उनसे बात करेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से भी बातचीत की थी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया था कि कैप्टन स्मित और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की एफजेड1073 फ्लाइट के पायलट थे। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान उनके को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच संघर्ष हुआ और विमान तेजी से नीचे आने लगा।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति संभालने का प्रयास जारी रखा। बाद में विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान की सुरक्षित लैंडिंग की दिशा में कार्रवाई की जा सकी।
घटना के बाद कैप्टन स्मित की बहादुरी की व्यापक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस दिखाया और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित को ‘हीरो’ बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की थी। प्रधानमंत्री के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उन्होंने कहा था कि कैप्टन स्मित की बहादुरी ने 180 लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार की ओर से ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने का भी ऐलान किया गया है। घटना के बाद उनके साहस की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने सराहना की है।


