17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
नई दिल्ली। प्राचीन एवं ऐतिहासिक झंडेवालान देवी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप की मनमोहक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। फूलों से सजी झांकी और बड़े मंच पर भगवान श्रीकृष्ण के चित्र की भव्य पुष्प सजावट ने मंदिर परिसर की सुंदरता को और बढ़ा दिया।
कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर सुबह से ही मंदिर में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और मंदिर में दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लग गईं। भक्तों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के दर्शन और उनके झूले के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की झांकी को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगे फूलों से की गई सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही थी। लड्डू गोपाल को सुंदर वस्त्रों और आकर्षक श्रृंगार से सजाया गया।
झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्त भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन कर उनके झूले को झुलाने और आशीर्वाद लेने के लिए उत्साहित नजर आए।
मंदिर के बड़े मंच पर भगवान श्रीकृष्ण के चित्र को भी सुंदर फूलों से सजाया गया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए दिखाई दिए।
कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। दर्शन के लिए भक्तों को कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश कराया गया। लड्डू गोपाल के झूले के पास विशेष भीड़ रही।
श्रद्धालुओं में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के प्रति विशेष आस्था देखने को मिली। कई भक्तों ने झूले के दर्शन किए और भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु भजन और भगवान श्रीकृष्ण के नाम का स्मरण करते नजर आए।
कृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य धार्मिक कार्यक्रम रात में आयोजित किया गया। रात्रि 10 बजे महिला कीर्तन मंडली द्वारा भजन-कीर्तन का शुभारंभ किया गया।
महिला कीर्तन मंडली ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। भजनों के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु भी भक्तिभाव में डूबे नजर आए।
कीर्तन का कार्यक्रम लगातार दो घंटे तक चला और रात्रि 12 बजे तक मंदिर परिसर में भक्ति की गूंज बनी रही। जैसे-जैसे जन्म का समय नजदीक आता गया, श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ता गया।
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। जन्मोत्सव के समय श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत आरती की गई। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और सभी ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भगवान की आरती में सहभागिता की।
आरती के बाद लड्डू गोपाल का विशेष अभिषेक किया गया।
रात्रि 12 बजे 12 यजमानों द्वारा विधि-विधान के साथ लड्डू गोपाल का अभिषेक किया गया। जन्मोत्सव के इस विशेष अनुष्ठान में धार्मिक विधियों का पालन किया गया।
अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। भगवान के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के अभिषेक के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।
अभिषेक के बाद भगवान को भोग अर्पित किया गया और उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
जन्मोत्सव के धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप फल, माखन-मिश्री और चरणामृत वितरित किया गया।
भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय मानी जाती है। इसलिए जन्मोत्सव के अवसर पर माखन-मिश्री का प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच विशेष रूप से वितरित किया गया।
भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। प्रसाद वितरण के दौरान भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
कृष्ण जन्मोत्सव के पूरे आयोजन के दौरान झंडेवालान देवी मंदिर का वातावरण भक्तिमय और उत्सवपूर्ण रहा। सुबह से लेकर मध्यरात्रि तक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना जारी रहा।
फूलों से सजी झांकियां, लड्डू गोपाल का आकर्षक श्रृंगार, भजन-कीर्तन, आरती, अभिषेक और प्रसाद वितरण ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।
इस बार कृष्ण जन्मोत्सव में लड्डू गोपाल का झूला विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं में बाल गोपाल को झूला झुलाने और उनके दर्शन करने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से लड्डू गोपाल के झूले के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आए। श्रद्धालुओं ने भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
झंडेवालान देवी मंदिर में आयोजित कृष्ण जन्मोत्सव धार्मिक परंपरा और श्रद्धा का सुंदर संगम दिखाई दिया। आधुनिक सजावट के साथ पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों को भी पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न किया गया।
दिनभर झांकी दर्शन और रात में भजन-कीर्तन के बाद आधी रात को भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके बाद आरती, अभिषेक और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। भक्तों ने भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन किए और अपनी श्रद्धा अर्पित की।
कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्तिमय वातावरण में लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेकर जयकारे लगाए।
कृष्ण जन्मोत्सव का यह आयोजन रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ अपने चरम पर पहुंचा। महिला कीर्तन मंडली के भजनों के बाद भगवान की आरती और लड्डू गोपाल के अभिषेक ने आयोजन को धार्मिक रूप से विशेष बना दिया।
अभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को फल, माखन-मिश्री और चरणामृत का प्रसाद वितरित किया गया। इस प्रकार प्राचीन झंडेवालान देवी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। दिनभर झांकी दर्शन से लेकर मध्यरात्रि के जन्मोत्सव तक मंदिर में भक्तों की आस्था और उत्साह बना रहा।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


