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नई दिल्ली। आर्टिस्ट्स एंड एंटरटेनमेंट क्रिकेट लीग (एईसीएल) अपने बहुप्रतीक्षित आठवें सीजन के साथ एक बार फिर क्रिकेट और मनोरंजन की दुनिया को एक मंच पर लाने के लिए तैयार है। इस बार लीग का आयोजन पहले से कहीं बड़े स्तर पर किया जा रहा है। एईसीएल सीजन-8 के सभी मुकाबले 28 सितंबर से 3 अक्टूबर तक नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले जाएंगे। देश के प्रतिष्ठित खेल स्थलों में शामिल इस स्टेडियम में मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकारों और प्रोफेशनल्स को क्रिकेट खेलते देखना दर्शकों के लिए भी खास अनुभव होगा।
छह दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से एंटरटेनमेंट और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार, परफॉर्मर और प्रोफेशनल्स मैदान पर उतरेंगे। इस बार कुल 12 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। लीग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए आयोजकों को उम्मीद है कि आठवां सीजन अब तक के सबसे बड़े और सफल संस्करणों में शामिल होगा।
एईसीएल के मालिक आशीष माथुर ने आगामी सीजन को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में टूर्नामेंट का आयोजन लीग को एक नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि जेएलएन स्टेडियम जैसे प्रतिष्ठित मैदान में खेलने का अनुभव अपने आप में खास है।
माथुर के मुताबिक, देश में क्रिकेट को लेकर लोगों की भावनाएं बेहद मजबूत हैं। मनोरंजन और इवेंट इंडस्ट्री में काम करने वाले बहुत से कलाकार बचपन में क्रिकेट खेलते रहे हैं, लेकिन प्रोफेशनल जिंदगी और व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें खेल से दूर होना पड़ा। एईसीएल ऐसे ही लोगों को दोबारा मैदान पर उतरने और अपने क्रिकेट के जुनून को जीने का मौका देता है।
उन्होंने कहा कि लीग का उद्देश्य केवल क्रिकेट मुकाबले आयोजित करना नहीं है, बल्कि कलाकारों और मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों को फिटनेस, खेल भावना और आपसी जुड़ाव का मंच देना भी है।
एईसीएल के आठवें सीजन में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। इन टीमों में देश के अलग-अलग हिस्सों से एंटरटेनमेंट और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल होंगे। कलाकारों के अलावा परफॉर्मर, इवेंट प्रोफेशनल और मनोरंजन जगत से जुड़े अन्य लोग भी मैदान पर अपना हुनर दिखाएंगे।
हर टीम अपने खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरेगी और मुकाबलों में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। टूर्नामेंट में क्रिकेट का प्रतिस्पर्धात्मक रोमांच होने के साथ-साथ मनोरंजन और सेलिब्रिटी ग्लैमर का तड़का भी देखने को मिलेगा।
एईसीएल की खासियत यह रही है कि मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोग अपने बेहद व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद लीग का हिस्सा बनने के लिए समय निकालते हैं। शूटिंग, इवेंट और अन्य पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच क्रिकेट के लिए समय निकालना इस बात को दर्शाता है कि खेल के प्रति उनका जुनून अभी भी कायम है।
आशीष माथुर ने खिलाड़ियों की भागीदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से टीमों का आना लीग की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है। उन्होंने शादाब भैया जैसे प्रतिभागियों का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद खिलाड़ियों का टूर्नामेंट के लिए समय निकालना इस बात का प्रमाण है कि क्रिकेट भारत के लोगों के दिलों में खास जगह रखता है।
एईसीएल को केवल मनोरंजन क्रिकेट टूर्नामेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, इसके पीछे फिटनेस को बढ़ावा देने की सोच भी महत्वपूर्ण है। मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले लोगों के लिए लंबे समय तक शूटिंग और इवेंट्स के बीच अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
क्रिकेट खिलाड़ियों को सक्रिय रहने, नियमित अभ्यास करने और टीम के साथ मैदान पर समय बिताने का अवसर देता है। इस तरह लीग खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा देने का काम करती है।
एईसीएल की अवधारणा उन कलाकारों और प्रोफेशनल्स को क्रिकेट से दोबारा जोड़ने की है, जिन्होंने बचपन या युवावस्था में इस खेल को शौक के तौर पर खेला था। मैदान पर उतरते समय उनके भीतर पुराने दिनों का वही क्रिकेट जुनून दिखाई देने की उम्मीद है।
यही वजह है कि एईसीएल के मुकाबलों में केवल प्रतिस्पर्धा ही नहीं, बल्कि दोस्ती, मस्ती और टीम भावना भी देखने को मिलती है। खिलाड़ी एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं और मनोरंजन उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बीच नए संपर्क भी बनते हैं।
मनोरंजन और इवेंट इंडस्ट्री में नेटवर्किंग का काफी महत्व है। एईसीएल खिलाड़ियों को एक-दूसरे के साथ अनौपचारिक माहौल में मिलने और बातचीत करने का अवसर देता है। अलग-अलग शहरों और प्रोफेशनल बैकग्राउंड से आने वाले लोग एक ही टीम या टूर्नामेंट का हिस्सा बनकर नए संबंध विकसित कर सकते हैं।
इस लिहाज से लीग को मनोरंजन उद्योग के भीतर नेटवर्किंग और सहयोग बढ़ाने वाले मंच के रूप में भी देखा जा सकता है। कई बार मैदान के बाहर बनी दोस्ती और साझेदारी भविष्य में नए प्रोजेक्ट्स का आधार बन सकती है।
एईसीएल के पिछले संस्करणों में लगातार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए आयोजकों ने इस बार इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की है। आठवें सीजन में 12 टीमों की भागीदारी और देशभर से खिलाड़ियों का आना लीग के विस्तार को दर्शाता है।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जैसे बड़े खेल परिसर में आयोजन से लीग को नई दृश्यता मिलने की उम्मीद है। आयोजक चाहते हैं कि एईसीएल केवल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोगों के बीच लोकप्रिय टूर्नामेंट न रहे, बल्कि क्रिकेट और मनोरंजन के अनोखे मेल के रूप में देशभर में अपनी पहचान बनाए।
एईसीएल की महत्वाकांक्षा केवल भारत तक सीमित नहीं है। आयोजक अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की योजना भी बना रहे हैं। आशीष माथुर ने संकेत दिया कि अगले संस्करण में लीग को दुबई ले जाने की कोशिश की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस बार आयोजन दिल्ली के जेएलएन स्टेडियम में हो रहा है और यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगली बार इसे दुबई ले जाने की योजना है। इसका उद्देश्य एईसीएल के संदेश और प्रारूप को भारत से बाहर दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना है।
यदि भविष्य में एईसीएल का आयोजन दुबई में होता है तो यह लीग के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विस्तार होगा। दुबई में भारतीय मनोरंजन जगत और प्रवासी भारतीय समुदाय की बड़ी मौजूदगी है। ऐसे में वहां एईसीएल के आयोजन से भारतीय कलाकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े मनोरंजन और इवेंट प्रोफेशनल्स को भी जोड़ने का अवसर मिल सकता है।
इससे लीग को एक अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन क्रिकेट ब्रांड के तौर पर विकसित करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
एईसीएल की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रारूप है, जिसमें क्रिकेट और मनोरंजन दोनों एक साथ दिखाई देते हैं। एक तरफ मैदान पर खिलाड़ी चौके-छक्के लगाने और अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए प्रयास करते हैं, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों को मनोरंजन जगत से जुड़े जाने-पहचाने चेहरों को खेलते हुए देखने का अवसर मिलता है।
यह संयोजन लीग को सामान्य कॉरपोरेट या स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट से अलग बनाता है। खिलाड़ियों के सेलिब्रिटी कनेक्शन के कारण मुकाबलों के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी भी बढ़ती है।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में छह दिनों तक चलने वाले मुकाबलों के दौरान दर्शकों को क्रिकेट के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलने की उम्मीद है। मैदान पर अलग-अलग टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ खिलाड़ियों की मस्ती और मनोरंजन उद्योग की मौजूदगी माहौल को खास बना सकती है।
एईसीएल के आयोजक इस सीजन को यादगार बनाने के लिए इसे व्यापक स्तर पर पेश करने की तैयारी में हैं। आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है जिसमें खेल के साथ मनोरंजन भी लगातार बना रहे।
एईसीएल जैसे आयोजन मनोरंजन उद्योग से जुड़े उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं जो अपनी पेशेवर पहचान के अलावा खेल के क्षेत्र में रुचि रखते हैं। क्रिकेट के माध्यम से नए लोगों से मिलने और उद्योग के दूसरे हिस्सों से जुड़ने का मौका मिलता है।
आने वाले समय में लीग के विस्तार के साथ इसमें नई प्रतिभाओं और नए शहरों से जुड़े खिलाड़ियों की भागीदारी भी बढ़ने की संभावना है।
28 सितंबर से 3 अक्टूबर तक दिल्ली में होने वाला एईसीएल सीजन-8 क्रिकेट प्रेमियों और मनोरंजन जगत के प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण बन सकता है। 12 टीमें, देशभर से आने वाले खिलाड़ी, बड़े सितारों की भागीदारी और जेएलएन स्टेडियम जैसा प्रतिष्ठित मैदान इस सीजन को खास बनाने के लिए तैयार हैं।
आयोजकों की कोशिश है कि आठवां संस्करण केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट बनकर न रह जाए, बल्कि फिटनेस, दोस्ती, मनोरंजन, नेटवर्किंग और खेल भावना का उत्सव बने।
एईसीएल की कहानी अब आठवें सीजन तक पहुंच चुकी है और आयोजकों की नजर इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर है। दिल्ली से शुरू होने वाला यह सीजन अगर उम्मीद के मुताबिक सफल रहता है, तो दुबई में इसके अगले अध्याय की शुरुआत हो सकती है। ऐसे में एईसीएल आने वाले वर्षों में भारत के मनोरंजन उद्योग से जुड़े क्रिकेट टूर्नामेंट के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन-स्पोर्ट्स ब्रांड के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


