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- 13h ago
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलगाड़ी संख्या 11901/11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस को मथुरा स्टेशन तक विस्तारित करने की मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस विस्तार के बाद झांसी, आगरा और मथुरा के बीच यात्रियों को एक अतिरिक्त रेल सेवा का लाभ मिलेगा। ट्रेन के मथुरा तक पहुंचने से इस रेलखंड पर दैनिक यात्रियों के साथ-साथ अन्य यात्रियों के लिए भी आवागमन के विकल्प बढ़ेंगे।
रेलवे के इस फैसले से बुंदेलखंड, आगरा और ब्रज क्षेत्र के बीच रेल संपर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से मथुरा आने-जाने वाले यात्रियों को आगरा में ट्रेन बदलने की आवश्यकता कम होगी। इससे यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, स्वीकृत विस्तार के बाद रेलगाड़ी संख्या 11901 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से चलकर मथुरा तक जाएगी, जबकि 11902 मथुरा से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के लिए वापसी यात्रा करेगी। यानी अब इस ट्रेन का संचालन केवल झांसी-आगरा कैंट के बीच सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका विस्तार मथुरा तक हो जाएगा।
मथुरा तक सेवा बढ़ाए जाने से आगरा और मथुरा के बीच नियमित आवागमन करने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसके अलावा झांसी की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए मथुरा तक सीधे पहुंच उपलब्ध होगी।
ट्रेन के मथुरा तक विस्तार के बाद इसकी कुल परिचालन दूरी भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में ट्रेन की यात्रा दूरी करीब 217 किलोमीटर है, जो विस्तार के बाद बढ़कर 270 किलोमीटर हो जाएगी। इस तरह ट्रेन के मौजूदा मार्ग में लगभग 53 किलोमीटर का अतिरिक्त विस्तार होगा।
रेलवे के इस विस्तार का उद्देश्य केवल अंतिम स्टेशन को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्टेशनों को भी रेल सेवा से जोड़ना है। विस्तारित मार्ग पर यात्रियों को विभिन्न मध्यवर्ती स्टेशनों से यात्रा की सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, रेलगाड़ी संख्या 11901 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से शाम 4 बजे प्रस्थान करेगी। निर्धारित समय के अनुसार यह ट्रेन रात करीब 11 बजे मथुरा पहुंचेगी।
वापसी दिशा में रेलगाड़ी संख्या 11902 मथुरा से सुबह 5:05 बजे रवाना होगी और दोपहर करीब 12:50 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी। इससे यात्रियों को दोनों दिशाओं में यात्रा के लिए निर्धारित समय के अनुसार सुविधा मिल सकेगी।
ट्रेन के मथुरा तक विस्तार का सीधा लाभ आगरा-मथुरा रेलखंड के यात्रियों को भी मिलेगा। मथुरा धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। वहीं आगरा भी प्रमुख पर्यटन केंद्र होने के साथ-साथ आसपास के जिलों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण व्यावसायिक और शैक्षणिक केंद्र है।
ऐसे में झांसी से आगरा होते हुए मथुरा तक ट्रेन सेवा मिलने से इन क्षेत्रों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के पास एक और विकल्प उपलब्ध होगा। दैनिक यात्रियों के अलावा तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और कारोबार से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
विस्तारित सेवा के दौरान राजा की मंडी, रुनकुटा और दीन दयाल धाम जैसे स्टेशनों को भी रेल सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है। रेलवे के अनुसार, विस्तारित हिस्से में इन स्टेशनों पर वाणिज्यिक स्टॉपेज की व्यवस्था की जाएगी।
इन स्टेशनों पर ठहराव होने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा। उन्हें मथुरा, आगरा या झांसी की ओर जाने के लिए अन्य साधनों पर निर्भरता कम हो सकती है।
रेल सेवा के विस्तार से केवल झांसी और मथुरा जैसे प्रमुख स्टेशनों के बीच संपर्क ही बेहतर नहीं होगा, बल्कि रास्ते में आने वाले मध्यवर्ती क्षेत्रों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। जिन यात्रियों को इन स्टेशनों के बीच छोटी या मध्यम दूरी की यात्रा करनी होती है, उनके लिए ट्रेन का विकल्प महत्वपूर्ण हो सकता है।
रेलवे का कहना है कि इस विस्तार से झांसी, आगरा और मथुरा के बीच लोगों की यात्रा सुविधा बेहतर होगी तथा विस्तारित मार्ग पर स्थित मध्यवर्ती स्टेशनों तक यात्रियों की पहुंच में सुधार होगा।
मथुरा ब्रज क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है, जबकि झांसी बुंदेलखंड का महत्वपूर्ण रेल और परिवहन केंद्र है। दोनों क्षेत्रों के बीच सीधी रेल सेवा बढ़ने से यात्रियों के लिए संपर्क का एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होगा।
मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए रेल संपर्क का विशेष महत्व है। इसी तरह झांसी और आसपास के क्षेत्रों से आगरा तथा मथुरा जाने वाले लोगों को भी नई सुविधा का लाभ मिलेगा। ट्रेन के विस्तार से इन प्रमुख शहरों के बीच यात्रा की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की संभावना है।
रेलवे नेटवर्क में किसी ट्रेन का विस्तार होने से यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा अतिरिक्त यात्रा विकल्प के रूप में मिलता है। एक ही रेलखंड पर अधिक विकल्प होने से यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार ट्रेन चुनने में मदद मिलती है।
मथुरा तक विस्तार के बाद झांसी से आने वाले यात्रियों को आगरा कैंट पर यात्रा समाप्त करने के बजाय आगे मथुरा तक जाने की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार मथुरा से झांसी की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इस सेवा का लाभ मिल सकेगा।
मथुरा-वृंदावन देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों में शामिल है। आगरा ताजमहल सहित ऐतिहासिक स्थलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जबकि झांसी का संबंध रानी लक्ष्मीबाई और बुंदेलखंड के इतिहास से है। ऐसे में इन क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क बढ़ने से पर्यटन और तीर्थाटन के लिए यात्रा विकल्पों में वृद्धि होगी।
रेल सेवा के विस्तार से उन यात्रियों को विशेष सुविधा मिल सकती है जो एक ही यात्रा में आगरा और मथुरा जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ना चाहते हैं। इसी तरह बुंदेलखंड से ब्रज क्षेत्र आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी अतिरिक्त रेल विकल्प उपलब्ध होगा।
मथुरा, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए नियमित रूप से यात्रा करते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए ट्रेन का समय और स्टेशनों पर ठहराव महत्वपूर्ण होता है। विस्तारित सेवा के कारण इन क्षेत्रों के यात्रियों को अपनी यात्रा योजना बनाने में अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है।
रेलवे द्वारा मथुरा तक ट्रेन का विस्तार किए जाने की मंजूरी के बाद अब यात्रियों की नजर इसके विस्तारित संचालन की प्रभावी तारीख और अंतिम समय-सारिणी पर रहेगी। वाणिज्यिक स्टॉपेज और परिचालन संबंधी अन्य विवरण रेलवे की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लागू किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस का मथुरा तक विस्तार इस रेलखंड पर यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। इससे ट्रेन की यात्रा दूरी 217 किलोमीटर से बढ़कर 270 किलोमीटर होगी और झांसी से मथुरा तक एक अतिरिक्त रेल सेवा उपलब्ध होगी।
झांसी से शाम 4 बजे रवाना होकर रात 11 बजे मथुरा पहुंचने वाली ट्रेन और मथुरा से सुबह 5:05 बजे चलकर दोपहर 12:50 बजे झांसी पहुंचने वाली वापसी सेवा यात्रियों को दोनों दिशाओं में यात्रा का नया विकल्प देगी। राजा की मंडी, रुनकुटा और दीन दयाल धाम जैसे स्टेशनों को प्रस्तावित वाणिज्यिक ठहराव से जोड़ने की योजना से स्थानीय यात्रियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।


