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- 11h ago
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य ठाकुर ओम प्रकाश सिंह को प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति का सभापति बनाया गया है। सोमवार को उन्होंने विधान परिषद में सभापति (दर्जा प्राप्त मंत्री) के रूप में पद एवं दायित्व की शपथ ग्रहण की। विधान परिषद के सभापति ठाकुर मानवेंद्र सिंह ने उन्हें पद एवं दायित्व की शपथ दिलाई।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि उन्हें जो महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जनहित की भावना के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ा विषय है और बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
शपथ ग्रहण के बाद ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुचारु एवं जनोपयोगी बनाने से जुड़े विषयों को समिति के माध्यम से गंभीरता से लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक बिजली उपभोक्ताओं को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन पर भी समिति के स्तर पर आवश्यक चर्चा और समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिजली की उपलब्धता आज प्रत्येक परिवार, किसान, व्यापारी, उद्योग और छोटे-बड़े संस्थानों की आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे में विद्युत व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी का सीधा असर आम जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि समिति के माध्यम से विद्युत व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा करते हुए जनहित में आवश्यक सुझाव और मुद्दे सामने लाए जाएंगे।
ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समझना जरूरी है। बिजली कटौती, आपूर्ति में व्यवधान, खराब ट्रांसफार्मर, जर्जर विद्युत लाइन, बिल संबंधी शिकायतें तथा अन्य समस्याएं आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती हैं।
उन्होंने कहा कि समिति अपने दायित्व के तहत ऐसे विषयों को गंभीरता से देखेगी और जहां आवश्यकता होगी, संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेकर व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल समिति के दायित्वों का औपचारिक निर्वहन करना नहीं, बल्कि विद्युत व्यवस्था से जुड़े विषयों को जनहित के नजरिये से देखना है।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने को भी महत्वपूर्ण विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि गांवों में बिजली की उपलब्धता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
कृषि कार्यों के लिए बिजली की आवश्यकता, सिंचाई व्यवस्था, घरेलू बिजली आपूर्ति और छोटे व्यवसायों के संचालन में विद्युत की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विषयों को व्यापक दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों में लगातार बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे विकास के कारण बिजली की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में विद्युत नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करना आवश्यक है।
शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिले, इसके लिए वितरण व्यवस्था, ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइनों और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
नवनियुक्त सभापति ने कहा कि समिति से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति के सामने आने वाले विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम करते समय सभी संबंधित पक्षों की समस्याओं और सुझावों को समझना जरूरी है। उनका प्रयास रहेगा कि समिति के स्तर पर विषयों की तथ्यात्मक समीक्षा हो और आवश्यक बिंदुओं को उचित मंच पर रखा जाए।
ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर पार्टी नेतृत्व और विधान परिषद के सभापति ठाकुर मानवेंद्र सिंह का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए महत्वपूर्ण है और वे इस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सेवा का अवसर है और वे इसे पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे।
विधान परिषद में शपथ ग्रहण के दौरान समर्थकों और शुभचिंतकों में भी उत्साह देखने को मिला। ठाकुर ओम प्रकाश सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी पदाधिकारियों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी।
समर्थकों ने उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और सक्रियता से प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने में मदद मिलेगी। शुभचिंतकों ने उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति के सभापति के रूप में ठाकुर ओम प्रकाश सिंह के सामने कई महत्वपूर्ण विषय रहेंगे। प्रदेश में बिजली की मांग, आपूर्ति व्यवस्था, वितरण प्रणाली, उपभोक्ताओं की शिकायतें और विद्युत ढांचे से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहते हैं।
ऐसे में समिति की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि समिति विद्युत व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक विषयों को सामने लाएगी और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा करेगी।
ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने स्पष्ट कहा कि उनके लिए जनहित और प्रदेश की बेहतर विद्युत व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय और गंभीर प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली केवल एक सरकारी सेवा नहीं, बल्कि आम नागरिक के दैनिक जीवन और प्रदेश के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए विद्युत व्यवस्था में सुधार का सीधा लाभ आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को मिलेगा।
ठाकुर ओम प्रकाश सिंह को प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति का सभापति बनाए जाने के बाद अब उनसे विद्युत क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की उम्मीद की जा रही है। विधान परिषद के स्तर पर समिति के माध्यम से बिजली व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा को नई दिशा मिलने की संभावना है।
उनकी प्राथमिकताओं में उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनना, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों को उठाना और जनहित में आवश्यक पहल करना शामिल रहेगा।
शपथ ग्रहण के बाद ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि उन्हें मिली जिम्मेदारी उनके लिए पद से अधिक जनसेवा का अवसर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा।
मथुरा- रिपोर्टर, (चंद्र मोहन दीक्षित)।


