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- 14h ago
मथुरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में जिलाधिकारी ने चुनाव की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 15 मतदान केंद्र और 19 मतदेय स्थल, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए भी 15 मतदान केंद्र और 19 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं। वर्तमान में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 10,642 मतदाता तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 6,683 मतदाता पंजीकृत हैं।
इस प्रकार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 17,325 पंजीकृत मतदाता हैं। प्रशासन की ओर से मतदान से संबंधित व्यवस्थाओं को इन्हीं मतदाता सूचियों और निर्धारित मतदान केंद्रों के आधार पर व्यवस्थित किया जा रहा है।
बैठक में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया कि 22 सितंबर 2026 से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। इसके साथ ही चुनाव से संबंधित प्रशासनिक तैयारियों और निगरानी व्यवस्था को भी गति दी गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना होगी। मतदान और मतगणना को लेकर जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों और चुनाव से जुड़े सभी पक्षों को निर्वाचन संबंधी नियमों का पालन करना होगा। जिला प्रशासन की भूमिका चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष वातावरण बनाए रखने, निर्धारित नियमों के अनुपालन और मतदान व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित कराने की होगी।
विधान परिषद के इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह नहीं होते। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्धारित पात्र मतदाताओं की अलग-अलग मतदाता सूचियां होती हैं। मथुरा जनपद में दोनों श्रेणियों के मतदाताओं के लिए अलग-अलग मतदान व्यवस्था तैयार की जा रही है।
प्रशासन द्वारा प्रस्तावित मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों पर चर्चा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाताओं के लिए मतदान की व्यवस्था स्पष्ट और सुचारु रहे। मतदान केंद्रों से संबंधित व्यवस्थाओं में आवश्यक सुविधाओं और प्रशासनिक तैयारियों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को चुनाव संबंधी तैयारियों की जानकारी दी गई। मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के प्रस्तावों पर उनके साथ चर्चा की गई।
ऐसी बैठकों के माध्यम से प्रशासन चुनाव प्रक्रिया से जुड़े पक्षों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर सुझाव और आपत्तियां प्राप्त करता है। चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और प्रशासन के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 10,642 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 6,683 मतदाताओं के लिए मतदान की व्यवस्था की जानी है। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या अलग होने के कारण प्रशासन को मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं उसी के अनुरूप करनी होंगी।
मतदान के दिन सुरक्षा, मतदान कर्मियों की तैनाती, आवश्यक चुनाव सामग्री, मतदाताओं की सुविधा और मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जाएगा।
23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित होने के बाद अब जिला प्रशासन के पास चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम रहेगा। मतदान केंद्रों से लेकर कार्मिक व्यवस्था और चुनाव सामग्री तक विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जाएंगी।
मतदान प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
22 सितंबर से आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों के लिए निर्धारित आचार संहिता का पालन महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन की ओर से चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और संबंधित नियमों के अनुपालन पर जोर दिया जाएगा।
जिला प्रशासन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुरूप संपन्न कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी। ऐसे में प्रशासन के सामने मतदान के साथ-साथ मतगणना संबंधी व्यवस्थाओं को भी समय से तैयार करने की जिम्मेदारी रहेगी।
मतगणना के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, चुनाव सामग्री की निगरानी और संबंधित कर्मचारियों की तैनाती जैसे कार्यों को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बैठक के माध्यम से चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। अब जिला प्रशासन मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों से जुड़ी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाते हुए चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण की तैयारियों में जुटेगा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट भी परिषद की संरचना, सदस्यों और सदन से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराती है।


