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- 13h ago
नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने जीवन के एक बेहद खास और भावुक अध्याय से पर्दा उठाया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात और प्रेम कहानी की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। सोनिया गांधी ने अपनी आगामी आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ से जुड़ा एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि राजीव गांधी से उनकी पहली मुलाकात इंग्लैंड के कैम्ब्रिज स्थित एक छोटे से रेस्तरां में हुई थी। इसी मुलाकात ने आगे चलकर दोनों की जिंदगी को एक ऐसे रिश्ते में बांध दिया, जो प्यार, विश्वास, परिवार और साझा यादों से भरा रहा।
सोनिया गांधी की इस कहानी ने एक बार फिर राजीव गांधी और उनके रिश्ते के शुरुआती दिनों को चर्चा में ला दिया है। राजनीति के गलियारों में लंबे समय तक सक्रिय रहे इस दंपती की निजी जिंदगी से जुड़ा यह किस्सा उनके प्रशंसकों और इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए खास मायने रखता है।
सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पहली पोस्ट में राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां में मेरी प्रेम कहानी शुरू हुई। राजीव और मैंने प्यार, खुशी और यादों से भरी एक दुनिया बनाई। 10 नवंबर को मैं उस दुनिया को आपके साथ साझा करूंगी।”
उनकी इस पोस्ट में बीते समय की यादों के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी के अनुभवों को पाठकों के सामने रखने की झलक भी दिखाई देती है। सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा को लेकर इसलिए भी उत्सुकता है, क्योंकि इसमें उनके निजी जीवन, राजीव गांधी के साथ संबंधों और परिवार से जुड़े अनुभवों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
सोनिया गांधी ने वीडियो में बताया कि जब वह इंग्लैंड में पढ़ाई कर रही थीं, तब वहां का खाना उन्हें बहुत ज्यादा पसंद नहीं आता था। उन्हें इटैलियन खाना पसंद था और वह अक्सर ऐसे रेस्तरां की तलाश करती थीं, जहां उनकी पसंद का भोजन मिल सके।
इसी तलाश के दौरान उन्हें कैम्ब्रिज में एक ग्रीक रेस्तरां के बारे में पता चला। यह जगह यूरोपीय और भारतीय छात्रों के बीच लोकप्रिय थी। वहां अलग-अलग देशों से आए छात्र अक्सर मिलते-जुलते और अपने दोस्तों के साथ समय बिताते थे।
सोनिया गांधी के लिए यह रेस्तरां केवल खाने-पीने की जगह नहीं रहा। यहीं उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई और यहीं से उनकी जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू हुआ। उस समय शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यहां हुई एक सामान्य-सी मुलाकात आगे चलकर भारत के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक की कहानी का अहम हिस्सा बन जाएगी।
सोनिया गांधी के मुताबिक, राजीव गांधी से उनकी पहचान एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से हुई थी। पहली मुलाकात के दौरान ही उन्हें राजीव गांधी का व्यक्तित्व आकर्षित करने लगा था।
अपने अनुभव को याद करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि जब वह राजीव गांधी से पहली बार मिलीं, तो उन्हें तुरंत महसूस हुआ कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ वह अपनी जिंदगी बिताना चाहेंगी। बाद में उन्हें पता चला कि राजीव गांधी के मन में भी इसी तरह की भावना थी।
यह बात उनकी प्रेम कहानी के सबसे खास पहलुओं में से एक है। दोनों की मुलाकात किसी राजनीतिक कार्यक्रम या औपचारिक आयोजन में नहीं, बल्कि छात्रों के बीच लोकप्रिय एक रेस्तरां में हुई थी। उस समय राजीव गांधी का परिचय मुख्य रूप से एक छात्र और निजी जीवन जीने वाले युवा के रूप में था। आगे चलकर उनका नाम भारतीय राजनीति के इतिहास में दर्ज हुआ।
सोनिया गांधी ने बताया कि पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई। धीरे-धीरे वे एक-दूसरे के करीब आने लगे। दोस्तों के साथ पार्टियों में जाना, घूमना-फिरना और साथ में समय बिताना उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया था।
उन्होंने उस दौर की एक वैलेंटाइन पार्टी का भी जिक्र किया, जिसमें दोनों शामिल हुए थे। इन यादों से पता चलता है कि उनके रिश्ते की शुरुआत युवावस्था के उन सामान्य पलों से हुई, जिनमें दोस्ती, बातचीत और एक-दूसरे को समझने का मौका मिलता है।
समय के साथ दोनों का रिश्ता मजबूत होता गया। एक-दूसरे के स्वभाव, विचारों और पसंद को जानने-समझने के दौरान उनके बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता गया। सोनिया गांधी द्वारा साझा किए गए इस किस्से में सबसे दिलचस्प बात यही है कि उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत एक साधारण मुलाकात से हुई, लेकिन आगे चलकर यह रिश्ता उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में बदल गया।
राजीव गांधी के व्यक्तित्व को याद करते हुए सोनिया गांधी ने बताया कि वह बेहद आकर्षक होने के साथ-साथ बहुत सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके मुताबिक, राजीव गांधी की यही सहजता और सौम्यता पहली मुलाकात में ही उनके दिल को छू गई थी।
किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व केवल उसके रूप-रंग से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, बातचीत और दूसरों के प्रति उसके रवैये से भी पहचाना जाता है। सोनिया गांधी की बातों से संकेत मिलता है कि राजीव गांधी की विनम्रता और सहज व्यवहार उनके प्रति आकर्षण की बड़ी वजह बने।
उन्होंने यह भी कहा कि राजीव गांधी के साथ पहली मुलाकात के वे पल आज भी उनकी यादों में ताजा हैं और वह उस मुलाकात को कभी नहीं भूल सकतीं। दशकों बाद भी उन पलों को याद करना उनके लिए खास है।
सोनिया गांधी और राजीव गांधी की पहली मुलाकात जिस रेस्तरां में हुई थी, उसका नाम ‘द वर्सिटी’ बताया गया है। यह इंग्लैंड के ऐतिहासिक विश्वविद्यालय शहर कैम्ब्रिज में स्थित है।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इस रेस्तरां की स्थापना 1928 में फ्रैंक गॉर्डी ने की थी। समय के साथ यह अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा। इसे ड्राइव-इन फास्ट-फूड रेस्तरां की परंपरा से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, अब यहां कार तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था के बजाय इनडोर बैठने की जगह और काउंटर सर्विस पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
सोनिया गांधी की कहानी के सामने आने के बाद इस रेस्तरां का ऐतिहासिक और व्यक्तिगत महत्व फिर चर्चा में आ गया है। आमतौर पर किसी शहर की पहचान उसके ऐतिहासिक भवनों, विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक विरासत से होती है, लेकिन कभी-कभी किसी जगह से जुड़ी एक निजी कहानी भी उसे लोगों की यादों में खास बना देती है।
‘द वर्सिटी’ भी अब सोनिया गांधी और राजीव गांधी की प्रेम कहानी के शुरुआती पड़ाव के रूप में याद किया जा रहा है।
सोनिया गांधी और राजीव गांधी का रिश्ता केवल दो व्यक्तियों की प्रेम कहानी तक सीमित नहीं रहा। आगे चलकर दोनों का जीवन भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन से भी गहराई से जुड़ गया।
राजीव गांधी ने बाद में देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वहीं सोनिया गांधी ने वर्षों तक कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान दोनों के जीवन में कई सुखद पल आए, तो कई कठिन दौर भी देखने को मिले।
राजीव गांधी के निधन के बाद सोनिया गांधी के जीवन में एक बड़ा बदलाव आया। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका जारी रखी और कांग्रेस की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाए रखा।
ऐसे में राजीव गांधी के साथ पहली मुलाकात की यादें उनके जीवन का एक निजी और भावनात्मक पक्ष सामने लाती हैं। यह कहानी उस दौर की है, जब दोनों की जिंदगी राजनीति की बड़ी जिम्मेदारियों से दूर, पढ़ाई, दोस्ती और भविष्य के सपनों के इर्द-गिर्द घूमती थी।
सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को आने की जानकारी दी गई है। इस पुस्तक में वह अपने निजी जीवन, राजीव गांधी के साथ अपने रिश्ते और परिवार से जुड़े अनुभव साझा करेंगी।
आत्मकथा के जरिए पाठकों को उनके जीवन के उन पहलुओं को जानने का मौका मिल सकता है, जो आमतौर पर राजनीतिक भाषणों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और समाचारों में सामने नहीं आते। राजीव गांधी के साथ रिश्ते की शुरुआत, परिवार के साथ बिताए समय और जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ों से जुड़े उनके अनुभव इस पुस्तक को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, पुस्तक में शामिल होने वाली सभी घटनाओं और विवरणों की पुष्टि उसके प्रकाशित संस्करण से ही की जा सकेगी। फिलहाल, सोनिया गांधी द्वारा जारी वीडियो ने उनकी प्रेम कहानी के शुरुआती दिनों की एक झलक जरूर सामने रखी है।
सोनिया गांधी की ओर से साझा किया गया यह किस्सा याद दिलाता है कि जीवन के कुछ महत्वपूर्ण मोड़ बेहद सामान्य परिस्थितियों में सामने आते हैं। कैम्ब्रिज के एक रेस्तरां में हुई मुलाकात से शुरू हुआ रिश्ता आगे चलकर परिवार, सार्वजनिक जीवन और भारतीय राजनीति के इतिहास से जुड़ गया।
सोनिया गांधी के शब्दों में, राजीव गांधी के साथ उन्होंने प्यार, खुशी और यादों से भरी एक दुनिया बनाई। उनकी पहली मुलाकात की याद आज भी उनके लिए उतनी ही खास है।
अब उनकी आत्मकथा के जरिए पाठकों को इस निजी दुनिया के बारे में और जानने का अवसर मिलेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि पुस्तक में सोनिया गांधी अपने जीवन के किन अन्य अनुभवों, यादों और महत्वपूर्ण घटनाओं को साझा करती हैं।
फिलहाल, कैम्ब्रिज के उस छोटे से रेस्तरां में शुरू हुई प्रेम कहानी एक बार फिर चर्चा में है, जिसने आगे चलकर सोनिया गांधी और राजीव गांधी के जीवन को हमेशा के लिए जोड़ दिया।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


