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- 11h ago
बागपत। निजी स्कूलों में लगातार बढ़ रही फीस, क्षेत्र में हो रही बिजली कटौती, किसानों की विभिन्न समस्याओं, आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान और शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने के विरोध में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। धरने पर बैठे पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
धरने के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आम जनता लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से परेशान है। इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित विभागों के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन शिकायतों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि अधिकारियों की ओर से समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके चलते लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए धरना-प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है।
राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा लगातार फीस में बढ़ोतरी की जा रही है। फीस के साथ-साथ विभिन्न मदों में लिए जाने वाले शुल्क के कारण अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर परिवार की मूल आवश्यकता है, लेकिन लगातार बढ़ती फीस के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखना चुनौती बनता जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि निजी स्कूलों की फीस और अन्य शुल्कों की व्यवस्था की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अभिभावकों से मनमाने ढंग से शुल्क वसूले जाने पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए। संगठन ने प्रशासन से स्कूलों की फीस संरचना की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने में किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बड़ी संख्या में आवारा पशु खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान दिन-रात मेहनत और अपनी पूंजी लगाकर फसल तैयार करते हैं, लेकिन आवारा पशुओं के झुंड खेतों में पहुंचकर फसल को बर्बाद कर देते हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि आवारा पशुओं को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्ययोजना तैयार किए जाने की आवश्यकता है। केवल कागजों में व्यवस्थाएं किए जाने से किसानों की समस्या दूर नहीं होगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर आवारा पशुओं को पकड़ने तथा गोशालाओं में उचित व्यवस्था कराने की मांग की।
किसानों का कहना है कि फसलों को बचाने के लिए उन्हें रात में खेतों पर निगरानी करनी पड़ती है। इससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होने के साथ ही परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। संगठन ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
धरने में क्षेत्र में हो रही बिजली कटौती का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में बेवजह बिजली की आंख-मिचौली जारी है। बार-बार बिजली आने-जाने से जहां घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है, वहीं किसानों के लिए भी सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि खेती के लिए बिजली बेहद महत्वपूर्ण है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ता है। वहीं गर्मी के मौसम में लगातार बिजली कटौती से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग से क्षेत्रवार आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने, अनावश्यक कटौती पर रोक लगाने और बिजली संबंधी शिकायतों का तत्काल समाधान किए जाने की मांग की।
धरने के दौरान बिनौली क्षेत्र के एक स्कूल में बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ किए जाने का आरोप भी लगाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि किसी विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था से संबंधित गंभीर अनियमितता है तो संबंधित विभाग को जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने संगठन के जिला उपाध्यक्ष को दो बाइक सवारों द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
जिलाध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी पदाधिकारी या आम नागरिक को धमकी मिलती है और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो इससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव से पीछे हटने वाला नहीं है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन से कानून के दायरे में रहकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायतें रखी गईं, लेकिन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर जनता की समस्याएं सुननी चाहिए और उनके समाधान की समयबद्ध व्यवस्था करनी चाहिए।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। उन्होंने कहा कि धरना किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं बल्कि जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने कहा कि संगठन ने फीस वृद्धि, किसानों की समस्याओं, आवारा पशुओं, बिजली कटौती, स्कूल से जुड़े मामले और संगठन के पदाधिकारी को कथित धमकी सहित कई मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। इन सभी मामलों में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन को संबंधित विभागों को निर्देश देकर धरने में उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना होगा। जब तक अधिकारियों की ओर से मौके पर आकर समस्याओं के समाधान का ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष करता रहेगा और किसानों, अभिभावकों तथा आम जनता की समस्याओं को प्रशासन के सामने लगातार उठाता रहेगा।
धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से सभी मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। कलेक्ट्रेट परिसर में धरना जारी रहने के कारण पूरे मामले पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर संगठन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


