17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
इस अवसर पर ट्रस्ट के मंत्री एवं पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और निकटता से व्यक्ति के भीतर सद्गुणों का विकास होता है तथा उसका जीवन उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होता है। गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि नानकचन्द ट्रस्ट एस्टेट की ओर से गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन प्रतिवर्ष श्रद्धा एवं सम्मान के साथ किया जाता है। भविष्य में इसे और अधिक भव्य एवं व्यापक स्वरूप देने की योजना है ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक मूल्यों से जुड़ सके।
पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि आज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु का महत्व कम नहीं हुआ है। जीवन में सफलता, संस्कार और चरित्र निर्माण के लिए गुरु का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ हैं। उनके आशीर्वाद और प्रेरणा से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल होता है।
गुरु पूर्णिमा श्रद्धा समारोह में ट्रस्ट के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी, एडवोकेट पंकज शर्मा, एडवोकेट अमित शर्मा, जितेन्द्र मोहन शर्मा, पट्टी चौधरान के वेद प्रकाश, चौधरी 84 खाप के प्रतिनिधियों तथा तरुण पाराशर सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शुभकामना संदेश भेजे। अपने संदेशों में उन्होंने गुरुजी के तप, त्याग, सेवा, स्वाध्याय, अनुशासन और सर्वहित की भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आदर्शों पर चलकर ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान सम्मान दिया गया है क्योंकि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों का संचार करते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से व्यक्ति अपने जीवन की कठिनाइयों पर विजय प्राप्त कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
समारोह के दौरान गुरु पूजन, पुष्प अर्पण एवं आशीर्वाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुजी के चरणों में नमन कर उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में भक्ति गीतों और गुरु वंदना से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर निर्भय आश्रम के पुजारी आचार्य दीपांशु, नानकचन्द ट्रस्ट के कर्मचारी, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में नैतिक मूल्यों, शिक्षा, सेवा और संस्कारों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण प्रकट करने का महान अवसर है। उन्होंने सभी से गुरु के बताए सत्य, सेवा, सदाचार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। समारोह का समापन गुरु वंदना, सामूहिक प्रार्थना और प्रसाद वितरण के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


