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- 13h ago
मॉस्को। रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम चरण के बीच राजधानी मॉस्को और आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक शनिवार से रविवार के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में 1,600 से अधिक ड्रोन को मार गिराने या निष्क्रिय करने का दावा किया गया है। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया।
हमले का असर राजधानी के महत्वपूर्ण इलाकों के साथ-साथ मॉस्को क्षेत्र में भी दिखाई दिया। ड्रोन हमले के दौरान मॉस्को ऑयल रिफाइनरी के परिसर में आग लग गई। घटनास्थल से धुएं के ऊंचे गुबार दिखाई दिए और आपातकालीन सेवाओं को आग पर नियंत्रण पाने के लिए अभियान चलाना पड़ा। रिफाइनरी रूस की महत्वपूर्ण ईंधन आपूर्ति संरचनाओं में शामिल है और पहले भी हमलों की चपेट में आ चुकी है।
मॉस्को क्षेत्र के रामेंस्कोये जिले में एक 21 मंजिला आवासीय इमारत भी प्रभावित हुई। अधिकारियों के अनुसार इमारत की छत पर ड्रोन गिरने के बाद आग लग गई। सुरक्षा के मद्देनजर करीब 400 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया, जिनमें लगभग 70 बच्चे भी शामिल थे। कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
मॉस्को क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मकानों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं। कुछ इलाकों में अपार्टमेंट इमारतों में आग लगने की सूचना मिली, जबकि कुछ स्थानों पर निजी मकानों और व्यावसायिक परिसरों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया।
रूसी अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत और करीब 20 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में Reuters की रिपोर्ट में मृतकों की संख्या तीन बताई गई। घायलों में बच्चों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और घायलों के आंकड़ों में बदलाव दिखाई दे रहा है, क्योंकि बचाव और राहत अभियान के दौरान आंकड़े अपडेट किए जा रहे हैं।
मॉस्को शहर के भीतर रिफाइनरी और आवासीय इमारत प्रभावित होने के बावजूद अधिकारियों ने शहर में नागरिक हताहतों को लेकर अलग जानकारी दी है। हमले के विभिन्न स्थानों पर नुकसान का आकलन सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं द्वारा किया जा रहा है।
ड्रोन हमले के बाद मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। सुरक्षा कारणों से व्नुकोवो, डोमोडेदोवो, शेरेमेत्येवो और झुकोव्स्की हवाई अड्डों पर उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग पर प्रतिबंध लगाए गए। इसके चलते बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी या रद्द होने की स्थिति बनी।
इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और हवाई यातायात को सामान्य करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को लगातार स्थिति की निगरानी करनी पड़ी। रूस में ड्रोन हमलों के चलते हवाई अड्डों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाना हाल के महीनों में सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
ड्रोन हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में तीन दिवसीय संसदीय चुनाव का अंतिम दिन था। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने आरोप लगाया कि हमले का समय चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से चुना गया था। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर हुए हमले के बावजूद मतदान प्रक्रिया को बाधित नहीं होने दिया गया।
रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया जारी रही। हालांकि, हमले के चुनाव पर वास्तविक प्रभाव को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। इसलिए इस हमले के पीछे चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य संबंधी रूसी अधिकारियों के आरोप को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रविवार की रात तक देश के विभिन्न क्षेत्रों, क्रीमिया और काला सागर के ऊपर 1,110 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया। वहीं मॉस्को के मेयर ने शनिवार से अब तक 1,600 से अधिक ड्रोन को निष्क्रिय किए जाने की बात कही। इन आंकड़ों में अलग-अलग समयावधि और क्षेत्र शामिल होने के कारण दोनों आंकड़ों की सीधे तुलना सावधानी से करनी होगी।
रूस की एयर डिफेंस प्रणाली ने ड्रोन को राजधानी तक पहुंचने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इसके बावजूद कुछ ड्रोन संवेदनशील और रिहायशी इलाकों तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।
मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर हमला इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। रिफाइनरी राजधानी और आसपास के क्षेत्र के लिए ईंधन आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। Reuters के अनुसार संयंत्र ने 2024 में करीब 11.6 मिलियन टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया था।
यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से ऊर्जा ढांचे से जुड़े ठिकानों पर हमले होते रहे हैं। रूसी तेल शोधन क्षमता पर हुए हमलों ने पहले भी ईंधन आपूर्ति और कीमतों को लेकर दबाव बढ़ाया है। मॉस्को रिफाइनरी को नुकसान कितना हुआ है और उत्पादन पर इसका कितना असर पड़ेगा, इसका विस्तृत आकलन अभी सामने आना बाकी है।
हमले के शुरुआती घंटों में यूक्रेन की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। बाद की रिपोर्टों में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मॉस्को और आसपास के क्षेत्र में हमले की पुष्टि करते हुए यूक्रेन में निर्मित ड्रोन और मिसाइलों के इस्तेमाल का उल्लेख किया। हालांकि हमले के प्रत्येक लक्ष्य और नुकसान को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है।
रूस और यूक्रेन दोनों ही युद्ध के दौरान नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते रहे हैं। ऐसे में रिहायशी इमारतों और नागरिक इलाकों को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए अतिरिक्त जांच की आवश्यकता होगी।
मॉस्को पर हुआ यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को भी रेखांकित करता है। दोनों पक्ष लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन और अन्य हथियारों के माध्यम से एक-दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रूस के लिए राजधानी जैसे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में ड्रोन का पहुंचना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना है।
इस हमले के बाद मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों में एयर डिफेंस तथा सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ऊर्जा संयंत्रों, हवाई अड्डों और सरकारी परिसरों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है।
फिलहाल आपातकालीन एजेंसियां प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रही हैं। रिफाइनरी में लगी आग, रिहायशी इमारतों को हुए नुकसान और अन्य घटनास्थलों की जांच जारी है। उड़ान संचालन को भी सुरक्षा स्थिति के अनुसार सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम दिन हुए इस बड़े ड्रोन हमले ने राजधानी की सुरक्षा, ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा और युद्ध के रूस के भीतर बढ़ते प्रभाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि रिफाइनरी और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान का वास्तविक स्तर कितना है और इसका ईंधन आपूर्ति तथा सामान्य जनजीवन पर कितना प्रभाव पड़ता है।
इस बीच मॉस्को और मॉस्को क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और किसी नए ड्रोन हमले की आशंका को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है।


