यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 13h ago
नई दिल्ली। सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकार की भावना से लालकिला मैदान गुरुवार को एक विशेष आयोजन का साक्षी बना। लवकुश रामलीला कमेटी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों के लिए विशेष निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग और विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
शिविर का उद्देश्य केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को उनकी दैनिक गतिविधियों में अधिक सक्षम बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना रहा। आयोजन के दौरान चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र के 458 दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और अन्य जरूरतमंद लोग पहुंचे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थाओं की टीमों ने लाभार्थियों की जांच की तथा उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की।
लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की सहायता करना सामूहिक जिम्मेदारी है, जिन्हें सामान्य जीवन जीने के लिए विशेष संसाधनों की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, दिव्यांगजनों को केवल सहानुभूति या सहायता की आवश्यकता नहीं है, बल्कि ऐसे साधनों की जरूरत है जो उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने में मदद कर सकें।
उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं और सहायक उपकरणों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, ताकि जरूरतमंद लोगों को अलग-अलग जगहों पर भटकना न पड़े।
अर्जुन कुमार के मुताबिक, आधुनिक तकनीक से तैयार कृत्रिम अंग और अन्य उपकरण दिव्यांगजनों की गतिशीलता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। इस तरह के शिविर समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र के 458 दिव्यांगजनों को शिविर में विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। लाभार्थियों की आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र और अन्य उपकरण वितरित किए गए।
आयोजकों के अनुसार, उपकरणों का चयन लाभार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकता और उनकी शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसका उद्देश्य उन्हें आने-जाने, दैनिक कार्य करने और सामाजिक गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करना है।
सहायक उपकरण किसी दिव्यांग व्यक्ति के लिए केवल एक वस्तु नहीं होते, बल्कि कई मामलों में वे उसकी गतिशीलता, आत्मविश्वास और रोजमर्रा के जीवन में भागीदारी को बेहतर बनाने का माध्यम बनते हैं। इसी दृष्टिकोण के साथ शिविर में उपकरण वितरण को सेवा गतिविधि का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
शिविर में अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित कृत्रिम अंग और कैलिपर्स भी उपलब्ध कराए गए। आयोजकों के अनुसार, इनमें जापानी तकनीक से तैयार 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स शामिल थे।
मॉड्यूलर तकनीक का उद्देश्य उपकरणों को लाभार्थी की जरूरत के अनुसार अधिक उपयोगी बनाना है। आधुनिक कृत्रिम अंग दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ाने और दैनिक जीवन की गतिविधियों को आसान बनाने में उपयोगी हो सकते हैं।
शिविर में ट्राईसाइकिल समेत अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। इन उपकरणों की मदद से ऐसे लाभार्थियों को अपने आवागमन में सुविधा मिल सकती है, जिन्हें सामान्य साधनों के इस्तेमाल में कठिनाई होती है।
मेगा हेल्थ कैंप में केवल उपकरण वितरण पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान के लिए चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। आयोजकों का कहना है कि किसी भी सहायता कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लाभार्थी की वास्तविक जरूरत की पहचान करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य जांच और उपकरण वितरण को एक साथ जोड़ा गया।
तारा संस्थान की ओर से शिविर में निःशुल्क नेत्र जांच की विशेष व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों की आंखों की जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार चश्मे वितरित किए गए।
जिन मरीजों में मोतियाबिंद जैसी समस्या पाई गई, उन्हें आगे के उपचार और ऑपरेशन के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। इससे जरूरतमंद मरीजों को प्रारंभिक जांच के बाद आगे की चिकित्सा सुविधा तक पहुंच बनाने में सहायता मिली।
लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर को इस तरह तैयार किया गया था कि जरूरतमंद लोगों को एक ही स्थान पर प्रारंभिक जांच और आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके।
कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि एलप्स संस्थान की ओर से जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए। इसके अतिरिक्त ट्राईसाइकिल सहित अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
श्रवण यंत्र उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें सुनने में कठिनाई होती है। वहीं ट्राईसाइकिल और गतिशीलता से जुड़े उपकरण दिव्यांगजनों को आवागमन में सहायता प्रदान करते हैं।
आयोजकों के अनुसार, अलग-अलग प्रकार के उपकरणों का वितरण इस उद्देश्य से किया गया कि लाभार्थियों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुरूप सहायता मिल सके।
लवकुश रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित शिविर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नारायण सेवा संस्थान उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स का सहयोग रहा।
इन संस्थाओं के सहयोग से स्वास्थ्य जांच, नेत्र परीक्षण और सहायक उपकरणों के वितरण की व्यवस्थाएं की गईं। इस तरह सरकारी विभाग और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जरूरतमंद लोगों तक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता सामूहिक प्रयास से ही संभव होती है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से देशभर में 76 स्थानों पर सामाजिक अधिकारिता शिविर आयोजित किए गए।
उन्होंने बताया कि इन राष्ट्रव्यापी शिविरों के माध्यम से 58 हजार से अधिक दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हुए, जबकि करीब 68 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण निःशुल्क प्रदान किए गए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे उपकरण उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने के साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में भी सहायता प्रदान कर सकते हैं।
चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शिविर में 458 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने से उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली कई व्यावहारिक परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है। सांसद ने ऐसे सेवा कार्यक्रमों को जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं और सहायता को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
लालकिला मैदान में आयोजित शिविर में विभिन्न वर्गों के जरूरतमंद लोग पहुंचे। स्वास्थ्य जांच, नेत्र परीक्षण और सहायक उपकरण वितरण की एकीकृत व्यवस्था के कारण लाभार्थियों को एक ही परिसर में कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हुईं।
आयोजकों के अनुसार, समाज के ऐसे वर्गों तक पहुंचना जरूरी है, जिन्हें संसाधनों या जानकारी के अभाव में समय पर सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इस प्रकार के शिविर उनके लिए सहायता प्राप्त करने का सरल माध्यम बन सकते हैं।
दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल और श्रवण यंत्र जैसे उपकरण उनके जीवन में व्यावहारिक बदलाव ला सकते हैं। किसी व्यक्ति के लिए आवागमन आसान होना, सुनने की क्षमता में सहायता मिलना या कृत्रिम अंग के माध्यम से दैनिक गतिविधियों को पूरा कर पाना उसकी सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को प्रभावित कर सकता है।
इसी कारण सामाजिक अधिकारिता से जुड़े कार्यक्रमों में सहायक उपकरणों का वितरण महत्वपूर्ण माना जाता है। इन उपकरणों का प्रभाव केवल तत्काल सुविधा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लाभार्थी को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक गतिविधियों और पारिवारिक जीवन में अधिक सक्रिय भागीदारी का अवसर भी मिल सकता है।
लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता देना पर्याप्त नहीं है। जरूरत यह है कि उन्हें ऐसे अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, जिनके माध्यम से वे अपनी क्षमता के अनुसार आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक संवेदनशीलता इसी बात से दिखाई देती है कि जरूरतमंद व्यक्ति को सहायता किस प्रकार दी जाती है। यदि किसी व्यक्ति को ऐसा उपकरण उपलब्ध कराया जाता है जिससे उसका आवागमन आसान हो जाए या वह अपने दैनिक कार्य स्वयं कर सके, तो यह सहायता उसके आत्मविश्वास को भी बढ़ा सकती है।
शिविर में विभिन्न सामाजिक और सेवा संस्थाओं की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। सरकारी विभागों के संसाधन और सामाजिक संस्थाओं की जमीनी पहुंच एक साथ आने से जरूरतमंद लोगों तक सेवाएं पहुंचाने की क्षमता बढ़ सकती है।
नारायण सेवा संस्थान उदयपुर, तारा संस्थान और एलप्स सहित सहयोगी संस्थाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में सेवाएं उपलब्ध कराईं। इससे स्वास्थ्य जांच, नेत्र चिकित्सा और सहायक उपकरण वितरण जैसी गतिविधियों को एक ही कार्यक्रम में शामिल किया जा सका।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित इस शिविर को लवकुश रामलीला कमेटी ने सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर आयोजित किया। लालकिला मैदान में आयोजित कार्यक्रम का केंद्र दिव्यांगजन और जरूरतमंद लोग रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी सामने रखा कि सामाजिक आयोजन केवल उत्सव तक सीमित न रहकर जरूरतमंद लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष उपयोगी बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। स्वास्थ्य जांच, उपचार के लिए मार्गदर्शन और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियां इसी दिशा में एक प्रयास हैं।
लवकुश रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। कमेटी का कहना है कि दिव्यांगजनों को सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता का अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लालकिला मैदान में आयोजित यह मेगा हेल्थ कैंप इसी सोच का उदाहरण रहा, जहां एक ओर जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, वहीं दूसरी ओर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
458 दिव्यांगजनों को उपकरणों का वितरण, देशभर में 76 स्थानों पर सामाजिक अधिकारिता शिविर और 58 हजार से अधिक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाए जाने की जानकारी के साथ यह आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा की दिशा में एक व्यापक पहल के रूप में सामने आया।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


