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- 13h ago
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में इस बार एक खास आकर्षण दर्शकों को देखने को मिलेगा। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम रामलीला के मंच पर निषाद राज की भूमिका निभाते नजर आएंगे। वह 14 अक्टूबर 2026 को इस महत्वपूर्ण पात्र का अभिनय करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद रामलीला को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया है। रामलीला कमेटी ने इसे अपने लिए गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि देश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ना रामलीला की लोकप्रियता को और मजबूत करता है।
सोमवार को लव कुश रामलीला परिसर में प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। भगवान श्रीराम के जन्म की खुशी में मिठाइयां बांटी गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और जय श्रीराम के जयकारों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ उत्सव में भाग लिया और रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का आनंद लिया।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि सोमवार की लीला में धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई प्रसंगों का मंचन किया गया। इनमें पुत्रेष्टि यज्ञ, प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव, नामकरण संस्कार, विश्वामित्र के यज्ञ में राक्षसों द्वारा विघ्न डालना, ताड़का वध और सुबाहु वध प्रमुख रहे। भगवान श्रीराम की आरती के साथ दिन की लीला का समापन हुआ।
लव कुश रामलीला में इस वर्ष केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का अभिनय प्रमुख आकर्षण रहने वाला है। कमेटी अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, जुएल ओराम ने अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में घोषणा की कि वह 14 अक्टूबर को रामलीला के मंच पर निषाद राज की भूमिका निभाएंगे।
निषाद राज रामायण का एक महत्वपूर्ण पात्र हैं, जो प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी आत्मीयता, मित्रता, सेवा और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान निषाद राज से उनकी भेंट और उनके बीच का आत्मीय संबंध सामाजिक समानता, मानवीय संवेदना तथा मित्रता का प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन वनवासी समाज, आदिवासी समुदाय और समस्त मानवता के प्रति सम्मान, सेवा तथा सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रामलीलाएं भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन परंपराओं की पहचान हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से परिचित होने का अवसर मिलता है।
उन्होंने निषाद राज जैसे महत्वपूर्ण पात्र की भूमिका निभाने का अवसर देने के लिए लव कुश रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। जुएल ओराम ने कहा कि ओडिशा के एक दूरस्थ क्षेत्र से आने वाले उनके जैसे व्यक्ति के लिए रामलीला के मंच पर इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले पात्र का अभिनय करना सौभाग्य की बात है।
उनके अनुसार, रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर लाने का माध्यम भी है। इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी भारतीय संस्कृति की व्यापकता और समरसता को दर्शाती है।
लव कुश रामलीला के मंच पर इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित राजनीतिक हस्तियां अलग-अलग पात्रों का अभिनय कर चुकी हैं। कमेटी के अनुसार, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, फग्गन सिंह कुलस्ते, विजय सांपला और अश्विनी चौबे सहित कई गणमान्य व्यक्ति रामलीला के विभिन्न पात्रों की भूमिका निभा चुके हैं।
इसके अलावा एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल भी इस मंच से जुड़े रहे हैं। राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों की भागीदारी के कारण लव कुश रामलीला को व्यापक पहचान मिली है।
आयोजकों का मानना है कि जब जनप्रतिनिधि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन में भाग लेते हैं, तो इससे भारतीय परंपराओं के प्रति जुड़ाव का संदेश जाता है। रामायण के पात्रों के माध्यम से समाज में मर्यादा, कर्तव्य, सेवा, त्याग और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
लव कुश रामलीला कमेटी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भी रामलीला देखने के लिए आमंत्रित किया है। कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
इस मुलाकात के दौरान नितिन नबीन ने कहा कि देशभर में रामलीलाओं का आयोजन सौहार्द, शांति और उत्साहपूर्ण वातावरण में होगा। उन्होंने रामलीला जैसे पारंपरिक आयोजनों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इस अवसर पर कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया और रामनामी पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल में अर्जुन कुमार, सुभाष गोयल, अखिल सिंघल और बृजमोहन गोयल उपस्थित रहे।
लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों को आमंत्रित करने का उद्देश्य आयोजन की पहुंच को व्यापक बनाना और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
लाल किला मैदान में चल रही लव कुश रामलीला में फिल्मी जगत की हस्तियों की भागीदारी भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। कमेटी के अनुसार, फिल्म अभिनेता राजकुमार राव मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को रामलीला का अवलोकन करेंगे और प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना करेंगे।
फिल्म अभिनेता की प्रस्तावित उपस्थिति को लेकर आयोजकों और दर्शकों में उत्साह है। रामलीला में फिल्मी हस्तियों के आने से आयोजन को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलती है और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ती है।
हालांकि, किसी अतिथि के आगमन का निर्धारित कार्यक्रम और उनका वास्तविक रूप से आयोजन में पहुंचना अलग-अलग बातें हैं। राजकुमार राव के आगमन से संबंधित अंतिम जानकारी आयोजकों की आधिकारिक पुष्टि के आधार पर देखी जानी चाहिए।
मंगलवार की रामलीला में रामायण के कई लोकप्रिय और महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। कमेटी के मुताबिक, इस दिन जनक दूत आगमन, अहिल्या उद्धार, अष्ट सखी संवाद, गिरिजा पूजन, सीता स्वयंवर, रावण-बाणासुर संवाद और लक्ष्मण-परशुराम संवाद जैसे प्रसंग दर्शकों के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे।
इन प्रसंगों में भगवान श्रीराम के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं, माता सीता के स्वयंवर और भगवान परशुराम तथा लक्ष्मण के बीच हुए संवाद को नाटकीय रूप में दिखाया जाएगा। रामलीला की पारंपरिक शैली में संवाद, अभिनय, संगीत और मंच सज्जा के माध्यम से इन घटनाओं को जीवंत किया जाता है।
सीता स्वयंवर का प्रसंग रामायण के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल है। वहीं, लक्ष्मण-परशुराम संवाद अपनी प्रभावशाली वाणी, नाटकीय टकराव और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व के कारण दर्शकों के बीच विशेष लोकप्रियता रखता है।
आयोजकों को उम्मीद है कि इन प्रसंगों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और रामभक्त पहुंचेंगे।
लव कुश रामलीला का आयोजन हर वर्ष दिल्ली में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के उद्देश्य से किया जाता है। लाल किला मैदान में आयोजित यह रामलीला रामायण के प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत कर लोगों को प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों से जोड़ती है।
इस बार केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम द्वारा निषाद राज की भूमिका निभाया जाना आयोजन का विशेष आकर्षण है। निषाद राज और भगवान श्रीराम की मित्रता को सामाजिक समानता, परस्पर सम्मान और मानवीय संबंधों की मिसाल के रूप में देखा जाता है। ऐसे पात्र का मंचन भारतीय समाज में एकता और समरसता के संदेश को और प्रभावी ढंग से सामने ला सकता है।
रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण की कथाओं, आदर्शों और नैतिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।
सोमवार को राम जन्मोत्सव के उल्लास से लेकर आने वाले दिनों में होने वाले विभिन्न प्रसंगों तक, लाल किला मैदान की लव कुश रामलीला श्रद्धा, संस्कृति और मनोरंजन का संगम बनी हुई है। अब दर्शकों की निगाहें 13 अक्टूबर को राजकुमार राव के प्रस्तावित आगमन और 14 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम द्वारा निभाई जाने वाली निषाद राज की भूमिका पर टिकी हैं।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


