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- 12h ago
मथुरा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत सोमवार को मथुरा-वृंदावन महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बाइक पर सवार होकर होलीगेट स्थित महानगर कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। कांग्रेस के अनुसार रैली में करीब 200 से 250 बाइक शामिल रहीं।
रैली के दौरान कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न मांगों से संबंधित संदेश लेकर चल रहे थे। कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। होलीगेट चौराहे सहित रास्ते में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने इस मामले में पारदर्शिता और स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। हालांकि इन राजनीतिक आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है।
महानगर कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई बाइक रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रखने के लिए मतदाता सूची में होने वाले बदलावों और उनके आधार की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित नहीं होने चाहिए और यदि किसी नाम को हटाया जाता है तो संबंधित मतदाता को उचित जानकारी और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए।
बाइक रैली के कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा की मांग रखी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव प्रक्रिया में लोगों का विश्वास महत्वपूर्ण है। पार्टी का कहना है कि SIR को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट समाधान होना चाहिए और संबंधित पक्षों को अपनी आपत्तियां रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पं. यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर सामने आ रहे सवालों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े विषय सीधे तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से संबंधित हैं, इसलिए इन पर स्पष्टता और जवाबदेही जरूरी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक माध्यमों से विरोध दर्ज कराने की अपील भी की।
पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि चुनावी व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर यदि किसी राजनीतिक दल या नागरिक को कोई आपत्ति है तो उसका समाधान पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका विरोध SIR के दौरान सामने आने वाली कथित अनियमितताओं की समीक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर है।
इसी दिन मथुरा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह आगरा पहुंचा। रिपोर्टों के अनुसार कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद पुलिस ने मुकेश धनगर और कांग्रेस नेता अनिल यादव के खिलाफ कार्रवाई की और दोनों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई।
पुलिस के अनुसार आगरा में प्रदर्शन के दौरान आवास की दीवार और मुख्य गेट पर नारे लिखे जाने तथा मौके पर विवाद की स्थिति बनने के संबंध में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज की जांच कर अन्य संभावित लोगों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू की है।
मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक करने, प्रक्रिया की समीक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसी मांगें उठाई जा रही हैं।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया को कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जाने की बात कही गई है। आयोग से जुड़े अधिकारियों ने कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों और सत्यापन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी है। इस पूरे मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
मथुरा में बाइक रैली के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने हाथों में कांग्रेस के झंडे लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। रैली के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेगी। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में SIR से जुड़े मुद्दों की समीक्षा, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग रखी। कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा रही।
पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव का सीधा प्रभाव मतदाताओं के अधिकारों पर पड़ सकता है, इसलिए प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान स्पष्ट और सार्वजनिक तरीके से किया जाना चाहिए।
SIR को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बन गया है। कांग्रेस की ओर से देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 28 सितंबर को उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मथुरा में बाइक रैली और कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन के जरिए कांग्रेस ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, वहीं आगरा की घटना के बाद पुलिस कार्रवाई ने भी इस विरोध प्रदर्शन को चर्चा में ला दिया है। आगरा प्रकरण में पुलिस ने दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है। फिलहाल मथुरा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त हुआ। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया कि SIR और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रह सकता है।


