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- 13h ago
मुंबई/सिद्धार्थनगर। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में बड़े स्तर पर फिल्म निर्माण की दिशा में एक ऐसा प्रयोग सामने आया है, जिसने इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फिल्म निर्मात्री विद्या मौर्य, निर्देशक चंदन सिंह और अभिनेता विष्णु मौर्य की तिकड़ी ने एक साथ 11 भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित करने का दावा किया है। लट्टू मूवीज वर्ल्ड एलएलपी प्रस्तुत इन फिल्मों की शूटिंग उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है।
मजबूत इच्छाशक्ति, लगातार मेहनत और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की जिद के साथ फिल्म निर्मात्री विद्या मौर्य ने भोजपुरी सिनेमा में एक बड़े प्रोडक्शन प्रयोग को अंजाम दिया है। उनके नेतृत्व में निर्देशक चंदन सिंह ने एक के बाद एक 11 फिल्मों का निर्देशन किया, जबकि अभिनेता विष्णु मौर्य ने इन सभी फिल्मों में केंद्रीय भूमिका निभाई।
फिल्म निर्माण की इस पूरी प्रक्रिया को कम समय में लगातार आगे बढ़ाना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण काम रहा। अलग-अलग कहानियां, किरदार, लोकेशन, कलाकार, वेशभूषा और तकनीकी जरूरतों के बीच शूटिंग का पूरा शेड्यूल तैयार कर उसे निर्धारित तरीके से पूरा करना फिल्म यूनिट के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा।
फिल्म निर्मात्री विद्या मौर्य को उनके समर्थक और फिल्म जगत से जुड़े लोग मजबूत फैसले लेने वाली निर्मात्री के रूप में देखते हैं। इसी वजह से उन्हें भोजपुरी सिनेमा की 'आयरन लेडी' कहकर संबोधित किया जा रहा है।
11 फिल्मों को एक साथ प्रोडक्शन में लाने का फैसला सामान्य फिल्म निर्माण प्रक्रिया से अलग और चुनौतीपूर्ण माना जा सकता है। एक फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद दूसरी फिल्म शुरू करने के बजाय इस प्रोजेक्ट में लगातार कई फिल्मों को समानांतर गति देने की रणनीति अपनाई गई।
विद्या मौर्य ने जिस लक्ष्य के साथ इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, उसे पूरा करने के बाद फिल्म यूनिट में भी उत्साह का माहौल है। उनके लिए यह केवल 11 फिल्मों की शूटिंग पूरी करने का मामला नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा में बड़े पैमाने पर निर्माण क्षमता को सामने रखने का प्रयास भी है।
इस पूरे प्रोजेक्ट की रचनात्मक कमान निर्देशक चंदन सिंह ने संभाली। एक के बाद एक 11 फिल्मों की शूटिंग पूरी करना निर्देशक के लिए भी बड़ी जिम्मेदारी थी।
हर फिल्म की अपनी कहानी, पात्र और परिस्थितियां हैं। ऐसे में एक फिल्म से दूसरी फिल्म के किरदार और वातावरण में बदलाव करते हुए लगातार शूटिंग करना निर्देशन टीम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहा होगा।
चंदन सिंह के निर्देशन में तैयार इन फिल्मों को अलग-अलग सामाजिक और पारिवारिक विषयों से जोड़ा गया है। फिल्मों के शीर्षकों से भी संकेत मिलता है कि परिवार, रिश्ते, बहू, ससुराल, न्याय और सामाजिक परिस्थितियां इन कहानियों के प्रमुख हिस्से हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट का एक प्रमुख आकर्षण अभिनेता विष्णु मौर्य हैं। इन सभी 11 फिल्मों में उन्होंने हीरो की भूमिका निभाई है।
भोजपुरी फिल्म निर्माण में एक ही अभिनेता द्वारा एक प्रोडक्शन सीरीज की 11 फिल्मों में लगातार केंद्रीय भूमिका निभाना इस प्रोजेक्ट की खास विशेषता के रूप में सामने आया है। फिल्म यूनिट के अनुसार विष्णु मौर्य ऐसे पहले भोजपुरी अभिनेता हैं, जिन्होंने एक साथ 11 फिल्मों की शूटिंग पूरी की है।
इन फिल्मों में उनके साथ भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियां भी दिखाई देंगी। अलग-अलग फिल्मों में अलग-अलग अभिनेत्रियों को कास्ट किया गया है, जिससे हर कहानी में कलाकारों की जोड़ी और किरदारों का अलग रंग देखने को मिलेगा।
लट्टू मूवीज वर्ल्ड एलएलपी प्रस्तुत इन 11 फिल्मों के नाम इस प्रकार हैं—
फिल्मों के शीर्षकों से स्पष्ट है कि प्रोजेक्ट में पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ सामाजिक, भावनात्मक और रहस्य आधारित कहानियों को भी शामिल किया गया है।
इन 11 फिल्मों में भोजपुरी सिनेमा की कई चर्चित अभिनेत्रियां विष्णु मौर्य के साथ दिखाई देंगी।
पहली और दूसरी फिल्म में चांदनी सिंह अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी। तीसरी फिल्म में अंजना सिंह और पल्लवी सिंह (हीरोइन चाय वाली) की मौजूदगी रहेगी। चौथी फिल्म में अंजना सिंह दिखाई देंगी।
पांचवीं फिल्म में यामिनी सिंह मुख्य भूमिका में होंगी। छठी और नौवीं फिल्म में तनुश्री नजर आएंगी। सातवीं फिल्म में पल्लवी सिंह (हीरोइन चाय वाली) दिखाई देंगी। दसवीं और ग्यारहवीं फिल्मों में वन्नू द ग्रेट अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी।
इस तरह 11 फिल्मों में अलग-अलग अभिनेत्रियों की मौजूदगी से हर फिल्म की कास्ट और स्क्रीन प्रेजेंस में विविधता देखने को मिलेगी।
पूरे प्रोजेक्ट की शूटिंग उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है। स्थानीय लोकेशन का उपयोग इन फिल्मों को वास्तविक परिवेश देने के लिए किया गया है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग से स्थानीय स्तर पर भी फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। कलाकारों और तकनीकी टीम के साथ शूटिंग यूनिट के पहुंचने से स्थानीय लोगों में भी फिल्म को लेकर उत्सुकता पैदा होती है।
सिद्धार्थनगर में 11 फिल्मों की शूटिंग पूरी होने के बाद अब इन फिल्मों के पोस्ट प्रोडक्शन और आगे की रिलीज प्रक्रिया पर दर्शकों की नजर रहेगी।
इन 11 फिल्मों को पूरा करने में एक मजबूत तकनीकी टीम ने लगातार काम किया। सभी फिल्मों के डीओपी राहुल चौधरी व प्रेम हैं।
फिल्मों के गीतों की जिम्मेदारी गीतकार राजू यादव ने संभाली है, जबकि संगीतकार आकाश पटेल ने संगीत तैयार किया है। आर्ट डायरेक्टर नियाज अंसारी ने फिल्मों के सेट और कला पक्ष को संभाला।
निर्देशन टीम में असोसिएट डायरेक्टर करिश्मा (परी) और असिस्टेंट डायरेक्टर राहुल पांडेय शामिल हैं। वहीं एडिटर नरेंद्र पाल ने संपादन की जिम्मेदारी संभाली है।
फिल्मों के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी पीआरओ रामचन्द्र यादव के पास है। प्रोडक्शन कंट्रोलर रवि शुक्ला ने प्रोडक्शन व्यवस्था संभाली।
फिल्मों के लुक और कलाकारों की वेशभूषा के लिए ड्रेस डिजाइनर नानू फैशन डिजाइनर (रेहान) जुड़े हैं। मेकअप की जिम्मेदारी सुबोध शाह और दीपक शर्मा ने संभाली है, जबकि हेयर स्टाइलिस्ट पायल शाह हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि एक ही प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले 11 अलग-अलग फिल्मों को एक साथ पूरा किया गया है। हर फिल्म की अपनी कहानी और शीर्षक है, लेकिन पूरी श्रृंखला में निर्माता, निर्देशक और मुख्य अभिनेता की टीम एक ही है।
ऐसे प्रोजेक्ट में कलाकारों की तारीखों का प्रबंधन, लोकेशन की उपलब्धता, तकनीकी टीम का समन्वय, शूटिंग शेड्यूल, कॉस्ट्यूम, मेकअप और पोस्ट प्रोडक्शन जैसी तमाम चीजों को एक साथ व्यवस्थित करना जरूरी होता है।
यही वजह है कि 11 फिल्मों की शूटिंग पूरी होने को इस प्रोडक्शन टीम की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
विद्या मौर्य के नेतृत्व में तैयार इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू महिला फिल्म निर्मात्री की सक्रिय भूमिका भी है। फिल्म निर्माण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उन्होंने बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली और 11 फिल्मों को पूरा करने का लक्ष्य सामने रखा।
उनकी टीम का कहना है कि फिल्म निर्माण में सफलता के लिए सिर्फ एक अच्छी कहानी या बड़े कलाकार ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि उसके पीछे मजबूत योजना, अनुशासन और पूरी टीम के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी होता है।
भोजपुरी सिनेमा में लगातार बदलते दर्शक वर्ग को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह की कहानियों पर फिल्में बनाने की कोशिशें होती रही हैं। 'परिवार के रखवाला', 'गूगल से तेज बहू', 'घर के रौनक', 'आंगन की दीवार', 'रहस्यमयी बहुरिया' और 'इंसाफ घर के अंदर' जैसे शीर्षक अलग-अलग सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों की ओर संकेत करते हैं।
वहीं 'हमार छठी मईया' जैसे शीर्षक में धार्मिक और सांस्कृतिक भावभूमि की झलक दिखाई देती है। इस तरह 11 फिल्मों का यह प्रोजेक्ट विषयों की विविधता को सामने लाने की कोशिश करता है।
11 फिल्मों की शूटिंग पूरी होने के बाद अब दर्शकों को इनके पोस्ट प्रोडक्शन, ट्रेलर, गीत और रिलीज से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार रहेगा। आने वाले समय में इन फिल्मों की रिलीज डेट और वितरण से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
निर्माता विद्या मौर्य, निर्देशक चंदन सिंह और अभिनेता विष्णु मौर्य की तिकड़ी ने जिस लक्ष्य के साथ इस बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, वह लक्ष्य शूटिंग पूरी होने के साथ एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में एक साथ 11 फिल्मों की शूटिंग पूरी करने वाला यह प्रोजेक्ट अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। दर्शकों की नजर इस बात पर होगी कि इन फिल्मों की कहानियां, कलाकारों की प्रस्तुतियां और निर्माण का यह अनोखा प्रयोग रिलीज के बाद किस तरह की प्रतिक्रिया हासिल करता है।
मुंबई-रिपोर्टर,(हितेश जैन)।


