17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर राजधानी दिल्ली में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। सदर बाजार, करोलबाग, पटेलनगर और पहाड़गंज सहित विभिन्न इलाकों में जन्माष्टमी के अवसर पर शोभायात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पटेलनगर क्षेत्र में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
शोभायात्रा में झंडेवाला देवी मंदिर की ओर से विशेष रूप से तैयार की गई झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह झांकियों के दर्शन किए और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल नजर आया।
हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी झंडेवाला देवी मंदिर की ओर से मंदिर का ध्वज, सेवादार, मां का डोला, कीर्तन मंडलियां और विभिन्न धार्मिक झांकियां शोभायात्रा में शामिल की गईं। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष के बीच निकली शोभायात्रा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा में झंडेवाला मंदिर द्वारा स्थापित ब्लड सेंटर की झांकी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस झांकी के माध्यम से रक्तदान और जरूरतमंदों की सहायता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
आयोजकों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज सेवा और जनकल्याण का संदेश भी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए ब्लड सेंटर से जुड़ी झांकी को शोभायात्रा में शामिल किया गया।
शोभायात्रा जिस मार्ग से होकर गुजरी, वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने झांकियों पर पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए स्वागत एवं सेवा की व्यवस्था की गई।
स्थानीय मंदिरों, गुरुद्वारों, मार्केट एसोसिएशन और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से भी शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण और सेवा शिविर लगाए गए। लोगों ने धार्मिक झांकियों के दर्शन किए और कलाकारों की प्रस्तुतियों को भी उत्साह के साथ देखा।
शोभायात्रा को व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने में झंडेवाला मंदिर के करीब 500 सेवादारों ने भाग लिया। सेवादारों ने यात्रा के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा।
शोभायात्रा में शामिल कीर्तन मंडलियों ने भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी। इसके चलते पूरे यात्रा मार्ग पर धार्मिक वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजनों पर झूमते और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते नजर आए।
झंडेवाला मंदिर की ओर से तैयार की गई झांकियों के अलावा अन्य सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी आकर्षक झांकियां तैयार की थीं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया।
शोभायात्रा में शामिल झांकियों को देखने के लिए रास्ते के दोनों ओर लोगों की भीड़ दिखाई दी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में शोभायात्रा को लेकर उत्साह नजर आया। कई परिवार विशेष रूप से बच्चों को लेकर झांकियां देखने पहुंचे।
आयोजन की एक खास बात यह रही कि शोभायात्रा के अंत में मंदिर की सफाई टोली भी साथ चली। जैसे-जैसे शोभायात्रा आगे बढ़ती गई, सफाई टोली यात्रा मार्ग की सफाई करती रही।
आयोजकों के अनुसार धार्मिक आयोजन के साथ स्वच्छता को जोड़ना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सफाई टोली को शोभायात्रा का हिस्सा बनाया गया, ताकि यात्रा समाप्त होने के बाद मार्ग पर गंदगी न रहे और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर झंडेवाला देवी मंदिर में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर को सजाने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और दर्शन व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। जन्माष्टमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।
शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का संदेश भी देखने को मिला। एक ओर जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और धार्मिक परंपराओं को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, वहीं ब्लड सेंटर की झांकी और सफाई टोली के जरिए सेवा और स्वच्छता का संदेश दिया गया।
आयोजकों का कहना है कि धार्मिक पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को सेवा, सहयोग, सद्भाव और स्वच्छता का संदेश देने का भी अवसर प्रदान करते हैं।
पटेलनगर में निकली शोभायात्रा इसी धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण बनी। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सेवादारों के उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मुख्य पर्व को लेकर मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


