17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस बार धर्मनगरी मथुरा में श्रद्धा, भक्ति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में पहली बार 500 ड्रोन का भव्य शो आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। ड्रोन के माध्यम से खुले आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग के साथ उनकी 12 प्रमुख लीलाओं को आकर्षक दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जन्माभिषेक से पहले आसमान में साकार होने वाली इन झांकियों को कई किलोमीटर के क्षेत्र से देखने की योजना है।
जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन इस बार के उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनने की उम्मीद है। मंदिरों में होने वाले धार्मिक आयोजनों, भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के बीच आसमान में ड्रोन के माध्यम से दिखाई जाने वाली कृष्ण लीलाएं श्रद्धालुओं को एक अलग तरह का अनुभव देंगी।
मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि होने के कारण जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। हर वर्ष मंदिरों में विशेष सजावट, धार्मिक अनुष्ठान, झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार इन आयोजनों में तकनीक का नया अध्याय जोड़ने की तैयारी है।
500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़कर निर्धारित आकृतियां और दृश्य तैयार करेंगे। इन आकृतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी घटनाओं और उनकी प्रमुख लीलाओं को दर्शाया जाएगा। आसमान में रोशनी और ड्रोन की समन्वित गतिविधियों के माध्यम से तैयार होने वाले दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
ड्रोन शो की खासियत यह होगी कि इसमें भगवान श्रीकृष्ण की 12 प्रमुख लीलाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। ड्रोन अलग-अलग आकृतियां बनाते हुए कथा प्रसंगों को आसमान में जीवंत करने का प्रयास करेंगे।
श्रद्धालु एक के बाद एक बनने वाली आकृतियों के माध्यम से कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े प्रसंगों को देख सकेंगे। आयोजन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ दृश्य प्रस्तुति भी प्रभावशाली हो।
बताया गया है कि ड्रोन शो का आयोजन जन्माभिषेक से पहले करने की तैयारी है। इससे जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में होने वाले मुख्य धार्मिक आयोजन से पहले श्रद्धालुओं को एक विशेष दृश्य अनुभव प्राप्त होगा।
मंदिरों में जैसे-जैसे जन्माष्टमी का उत्साह चरम पर पहुंचेगा, उसी दौरान आसमान में कृष्ण लीलाओं की झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करेंगी। धार्मिक वातावरण में तकनीकी प्रस्तुति जोड़ने का यह प्रयोग मथुरा के जन्माष्टमी उत्सव को नया स्वरूप दे सकता है।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन के अनुसार ड्रोन शो को लेकर तकनीकी और सुरक्षा संबंधी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। करीब 3 से 4 किलोमीटर के विजुअल एरिया को ध्यान में रखते हुए शो की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
इतने बड़े क्षेत्र को ध्यान में रखने का उद्देश्य यह है कि किसी एक स्थान पर श्रद्धालुओं की भीड़ केंद्रित न हो और आसपास के क्षेत्र में मौजूद बड़ी संख्या में लोग भी आसमान में होने वाली इस प्रस्तुति को देख सकें।
इसके लिए ड्रोन की उड़ान, उनके बीच समन्वय, आकृतियों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं पर विशेष तैयारी की जा रही है।
मथुरा में आयोजित होने वाला यह ड्रोन शो धार्मिक पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ब्रज की धार्मिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक तकनीकी माध्यम से कृष्ण की लीलाओं को श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास भी होगा कि धार्मिक स्थलों पर होने वाले पारंपरिक आयोजनों के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं के अनुभव को और व्यापक बनाया जा सकता है।
जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मध्यरात्रि में होने वाले जन्मोत्सव को देखने के लिए श्रद्धालु पहले से ही मथुरा पहुंचना शुरू कर देते हैं।
ऐसे में 500 ड्रोन का शो उनके लिए अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र बन सकता है। मंदिरों में दर्शन और धार्मिक आयोजनों के साथ श्रद्धालु आसमान में दिखाई देने वाली कृष्ण लीलाओं का भी आनंद ले सकेंगे।
विशेष रूप से परिवारों और बच्चों के लिए यह आयोजन आकर्षक रहने की संभावना है। कृष्ण की कथाओं को रोशनी और ड्रोन की आकृतियों के माध्यम से देखने का अनुभव पारंपरिक झांकियों से अलग होगा।
अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ड्रोन शो पहले ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। इसी क्रम में अब मथुरा में भी बड़े स्तर पर ड्रोन शो कराने की तैयारी है।
मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए यहां होने वाला आयोजन विशेष महत्व रखता है। कृष्ण जन्मभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को आसमान में प्रदर्शित करने से धार्मिक पर्यटन को एक नया अनुभव मिलने की उम्मीद है।
बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ उड़ाए जाने के कारण आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ड्रोन शो के लिए निर्धारित क्षेत्र, उड़ान मार्ग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
आयोजन स्थल और आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ड्रोन की उड़ान के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या न आए, इसके लिए भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ सुरक्षा पहलुओं को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।
मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव पहले से ही भव्य रूप में मनाया जाता है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। सड़कों और बाजारों में भी जन्माष्टमी का माहौल दिखाई देता है।
इस बार ड्रोन शो जुड़ने से उत्सव का आकर्षण और बढ़ने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को जहां एक ओर मंदिरों में पारंपरिक पूजा और जन्मोत्सव का अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर खुले आसमान में आधुनिक तकनीक से तैयार कृष्ण लीलाओं की झांकियां देखने को मिलेंगी।
मथुरा-वृंदावन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर काम किया जा रहा है। ड्रोन शो भी इसी दिशा में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
आयोजन सफल रहता है तो भविष्य में जन्माष्टमी और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर इस प्रकार के तकनीकी कार्यक्रमों को और विकसित किए जाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए ब्रज में धार्मिक अनुभव के साथ आधुनिक मनोरंजन और दृश्य प्रस्तुति का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
जन्माष्टमी की रात जब मथुरा में मंदिरों में घंटियों की आवाज, भजन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की तैयारियां चल रही होंगी, उसी समय आसमान में रोशनी से बनने वाली कृष्ण लीलाएं श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करेंगी।
500 ड्रोन के माध्यम से तैयार होने वाली आकृतियां पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान करेंगी। 3 से 4 किलोमीटर के विजुअल क्षेत्र में इसे दिखाने की तैयारी होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को दूर से भी इसका आनंद लेने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर इस बार की जन्माष्टमी मथुरा के लिए कई मायनों में खास रहने वाली है। भक्ति, परंपरा और आधुनिक तकनीक के संगम के रूप में प्रस्तावित 500 ड्रोन शो जन्माष्टमी उत्सव की भव्यता को एक नया आयाम दे सकता है। अब श्रद्धालुओं को इस बात का इंतजार है कि जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में आसमान पर भगवान श्रीकृष्ण की कौन-कौन सी लीलाएं और आकृतियां साकार होती हैं।


