17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कान्हा के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मंदिरों, प्रमुख बाजारों, मेला क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे मथुरा शहर को 7 जोन और 33 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल को लगाया जाएगा। पुलिस के साथ 8 कंपनी पीएसी और अन्य सुरक्षा बल भी तैनात रहेंगे।
प्रशासन का प्रयास है कि जन्माष्टमी का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिरों तक पहुंचने, दर्शन करने तथा वापस लौटने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पूरे शहर को सुरक्षा की दृष्टि से 7 जोन और 33 सेक्टर में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि सेक्टर स्तर पर भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती रहेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी स्थान पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ पर तत्काल नियंत्रण करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल को तेजी से मौके पर पहुंचाना है।
पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी रखने और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जन्माष्टमी महापर्व को देखते हुए मथुरा में 8 कंपनी पीएसी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख मंदिरों, प्रवेश मार्गों, भीड़ वाले बाजारों और मेला क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मी नजर आएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। भीड़ बढ़ने की स्थिति में बैरिकेडिंग और डायवर्जन के जरिए श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल रहेगा। यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
परिसर और आसपास के क्षेत्र की निगरानी के लिए 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ की स्थिति और प्रवेश-निकास मार्गों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारी सीसीटीवी फुटेज की मदद से किसी भी असामान्य गतिविधि की पहचान कर तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे।
जमीन पर तैनात पुलिस बल के साथ आसमान से भी निगरानी की व्यवस्था की गई है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से मेला क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नजर रखी जाएगी।
ड्रोन की मदद से उन स्थानों की भी निगरानी की जा सकेगी, जहां जमीन पर मौजूद पुलिसकर्मियों के लिए एक साथ पूरे क्षेत्र पर नजर रखना मुश्किल होता है।
भीड़ के अचानक एक जगह जमा होने, मार्ग अवरुद्ध होने या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी भी निगरानी व्यवस्था के जरिए अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी।
जन्माष्टमी के अवसर पर केवल श्रीकृष्ण जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर समेत सभी प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
वृंदावन में जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग, पुलिस तैनाती और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था रहेगी।
मंदिरों के प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित तरीके से कराई जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। प्रमुख चौराहों और तिराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
भीड़ के दबाव वाले मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार यातायात डायवर्जन लागू किया जा सकता है। पुलिस का उद्देश्य है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों और स्थानीय यातायात के बीच अनावश्यक टकराव की स्थिति पैदा न हो।
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इन स्थानों पर पुलिस और यातायात कर्मियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर यातायात को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जा सकता है।
पुलिस की कोशिश रहेगी कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जाम में लंबे समय तक न फंसना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर भी नजर रखी जाएगी। प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिसकर्मी लगातार भ्रमण करते रहेंगे।
श्रद्धालुओं से भी अपील की जाएगी कि वे किसी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
जन्माष्टमी के दौरान पुलिस की नजर केवल जमीन पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रहेगी।
अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचना प्रसारित करने या धार्मिक माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले ऐसे संदेशों और वीडियो की निगरानी करेगी, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना को आगे शेयर न करें और केवल प्रशासन या पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
जन्माष्टमी पर सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित करना होगी। इसके लिए पुलिस ने भीड़ को एक स्थान पर जमा होने से रोकने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लगातार बनाए रखने की रणनीति तैयार की है।
प्रमुख मंदिरों के आसपास प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
भीड़ का दबाव बढ़ने पर पुलिस अधिकारी मौके की स्थिति के अनुसार तत्काल निर्णय ले सकेंगे।
जन्माष्टमी के दौरान परिवारों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मथुरा पहुंचते हैं। ऐसे में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष पुलिस व्यवस्था रहेगी।
भीड़ में बच्चों के बिछड़ने की स्थिति से निपटने के लिए भी पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय रहेंगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाएगी कि बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनके पास परिवार का मोबाइल नंबर या पहचान संबंधी जानकारी रखें।
मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पार्किंग व्यवस्था पर भी पुलिस की नजर रहेगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़ा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जहां वाहनों का प्रवेश संभव नहीं होगा, वहां से श्रद्धालुओं को पैदल मार्गों के जरिए मंदिरों तक पहुंचाया जाएगा। पुलिस इन पैदल मार्गों पर भीड़ का दबाव नियंत्रित करेगी।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देर रात तक चलने वाला प्रमुख धार्मिक आयोजन है। जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष दर्शन और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था केवल दिन तक सीमित नहीं रहेगी।
रात के समय भी प्रमुख मंदिरों, मार्गों, चौराहों और मेला क्षेत्रों में पुलिस बल सक्रिय रहेगा। जन्मोत्सव समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की वापसी के दौरान भीड़ प्रबंधन की चुनौती को देखते हुए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती जारी रहेगी।
एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। पूरे शहर को 7 जोन और 33 सेक्टर में विभाजित कर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पीएसी की कंपनियों के साथ निगरानी के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जन्माष्टमी के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें तथा किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या जानबूझकर धार्मिक माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि दुनिया भर के कृष्ण भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं।
ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने एक साथ सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने की चुनौती है। 7 जोन, 33 सेक्टर, 8 कंपनी पीएसी, 150 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन निगरानी के जरिए पुलिस ने इस चुनौती से निपटने की व्यापक तैयारी की है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और मथुरा आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुगम दर्शन के साथ अपने घर लौटे।


