17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। कान्हा की जन्मभूमि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया है। चारों ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का वातावरण नजर आ रहा है। देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा पहुंचे हैं। इसी पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे और ठाकुरजी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचते ही पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में मुख्यमंत्री को देखने और उनका अभिवादन करने को लेकर भी उत्साह दिखाई दिया। जन्मभूमि परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में शीश नवाया और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री के दर्शन-पूजन के दौरान जन्मस्थान परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रों और शंखध्वनि के बीच मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। जन्माष्टमी के अवसर पर जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की आराधना और जन्मोत्सव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने धार्मिक आयोजन को और भव्य बना दिया।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद संत-महंतों और धर्माचार्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया और ब्रजभूमि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी जानकारी ली। संतों और श्रद्धालुओं के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जन्मभूमि परिसर के साथ-साथ शहर के प्रमुख मंदिरों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। हाथों में पूजा की थाली, माथे पर तिलक और जुबां पर ‘राधे-राधे’ एवं ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों के साथ श्रद्धालु कान्हा के जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे हैं।
मथुरा की गलियां और प्रमुख मार्ग भी कृष्ण भक्ति में रंगे नजर आ रहे हैं। जगह-जगह धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है। जन्माष्टमी के चलते पूरे ब्रज में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मथुरा पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों और निगरानी व्यवस्था के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा प्रवास को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी की गई है। जन्मस्थान परिसर के आसपास सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों की विशेष निगरानी रही। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम वाले मार्गों पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है। पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिवसीय मथुरा प्रवास धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी से जहां धार्मिक आयोजन को विशेष महत्व मिला है, वहीं ब्रज क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई योजनाओं पर भी सरकार का फोकस दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री के मथुरा प्रवास के दौरान ब्रज क्षेत्र को करीब 1051 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, यातायात, पर्यटन, नागरिक सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
मथुरा-वृंदावन को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन के प्रमुख मंदिर, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव सहित ब्रज के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
सरकार की ओर से ब्रज क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने, श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम करने और धार्मिक स्थलों के आसपास आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा प्रवास विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बार की जन्माष्टमी में मथुरा में एक ओर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर है, तो दूसरी ओर विकास परियोजनाओं के जरिए ब्रज को नई दिशा देने की कवायद भी दिखाई दे रही है। जन्मभूमि पर ठाकुरजी के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विकास योजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होना इसी दोहरे स्वरूप को दर्शाता है।
ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि जन्माष्टमी के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भगवान के चरणों में प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री के जन्मस्थान पहुंचने के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक लगातार ‘जय श्रीकृष्ण’, ‘राधे-राधे’ और ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयकारे सुनाई देते रहे।
ब्रज की धरती पर जन्माष्टमी के इस पावन पर्व का अपना अलग ही महत्व है। मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। इसलिए जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा पहुंचने वाले श्रद्धालु जन्मभूमि के दर्शन को अपनी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
जन्माष्टमी के मुख्य आयोजन को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती, अभिषेक, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। जन्म के समय शंख और घंटियों की ध्वनि के साथ पूरा ब्रज एक बार फिर ‘नंद के घर आनंद भयो’ के जयघोष से गूंज उठेगा।
श्रद्धालु भगवान के जन्म का साक्षी बनने के लिए घंटों से मंदिरों के आसपास डटे हुए हैं। कई श्रद्धालु व्रत रखकर और भजन-कीर्तन करते हुए कान्हा के जन्म की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के चलते मथुरा के साथ-साथ वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। बांके बिहारी मंदिर सहित वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। गोवर्धन में गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है।
बरसाना में राधारानी की नगरी और नंदगांव में कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूरे ब्रज में जगह-जगह भंडारे, धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन हो रहे हैं।
जन्माष्टमी के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्रशासन को लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र और चिकित्सा व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई है। किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचना धार्मिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना की और ब्रज में उमड़े श्रद्धालुओं की आस्था को करीब से देखा।
एक तरफ जन्मभूमि पर कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां हैं, दूसरी तरफ ब्रज क्षेत्र को विकास की नई परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। ऐसे में मथुरा की जन्माष्टमी इस बार आस्था, संस्कृति, सुरक्षा और विकास—चारों का संगम बनती दिखाई दे रही है।
कान्हा की जन्मभूमि पर मुख्यमंत्री के दर्शन के साथ ही ब्रज में कृष्ण भक्ति का रंग और गहरा हो गया है। मंदिरों में गूंजते जयकारे, सड़कों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब और हर तरफ दिखाई देती धार्मिक सजावट मथुरा को पूरी तरह कृष्णमय बना रही है।
जन्मभूमि पर मुख्यमंत्री के दर्शन के बाद ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं की निगाहें अब उस पावन क्षण पर टिकी हैं, जब मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा और पूरा ब्रज ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठेगा।


