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- 13h ago
नई दिल्ली। एशियाई खेलों में भारतीय गोल्फ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाली प्रणवी उर्स को उनकी शानदार सफलता के लिए अब नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली प्रणवी उर्स को भारतीय गोल्फ यूनियन (आईजीयू) की ओर से 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला गोल्फ टीम की प्रत्येक सदस्य को 3-3 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। टीम में अदिति अशोक और दीक्षा डागर सहित भारतीय महिला गोल्फरों ने देश का नाम रोशन किया।
भारतीय गोल्फ यूनियन की गवर्निंग काउंसिल ने इन नकद पुरस्कारों को मंजूरी प्रदान कर दी है। आईजीयू ने प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनकी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। संघ की ओर से कहा गया कि एशियाई खेल जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतना भारतीय गोल्फ के लिए गौरवपूर्ण क्षण है और प्रणवी की सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगी।
प्रणवी उर्स की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला गोल्फर बनी हैं। आइची-नागोया में उनकी जीत ने भारतीय महिला गोल्फ के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। इससे पहले भारतीय महिला गोल्फरों ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक का इंतजार बना हुआ था।
प्रणवी ने इस इंतजार को खत्म करते हुए शानदार प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने दबाव के बीच धैर्य बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय गोल्फ जगत में खुशी की लहर है।
भारतीय गोल्फ यूनियन के अध्यक्ष बृजिंदर सिंह ने प्रणवी उर्स को बधाई देते हुए कहा कि 2026 एशियाई खेलों में उनका स्वर्ण पदक जीतना बेहद बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रणवी की प्रतिभा, कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और गोल्फ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बृजिंदर सिंह ने कहा कि आईजीयू को प्रणवी पर बेहद गर्व है और उम्मीद है कि वह आने वाले वर्षों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए लगातार बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी। उन्होंने भारतीय महिला गोल्फ टीम की रजत पदक उपलब्धि को भी महत्वपूर्ण बताया और टीम की सभी खिलाड़ियों को बधाई दी।
एशियाई खेलों की व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रणवी उर्स तीसरी भारतीय गोल्फर हैं। उनसे पहले पुरुष वर्ग में ‘बनी’ लक्ष्मण सिंह ने 1982 दिल्ली एशियाई खेलों में और शिव कपूर ने 2002 बुसान एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया था।
अब प्रणवी उर्स ने महिला वर्ग में स्वर्ण जीतकर इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनकी उपलब्धि को भारतीय गोल्फ के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय महिला गोल्फ की मजबूत पहचान बनाने वाली अदिति अशोक का भी एशियाई खेलों में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता था। अब 2026 में भारतीय महिला गोल्फ टीम ने सामूहिक प्रदर्शन के दम पर रजत पदक हासिल किया है।
अदिति अशोक जैसी अनुभवी खिलाड़ी और प्रणवी उर्स जैसी नई पीढ़ी की प्रतिभाओं का साथ भारतीय महिला गोल्फ के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। टीम के प्रदर्शन से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भारतीय महिला गोल्फ अब एशियाई स्तर पर पदक की मजबूत दावेदार बन चुकी है।
एशियाई खेलों की टीम स्पर्धा में भी भारत का लंबा और गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। टीम स्पर्धा में यह भारत का अब तक का चौथा पदक बताया गया है।
1982 दिल्ली एशियाई खेलों में ‘बनी’ लक्ष्मण सिंह, राजीव मोहता, ऋषि नारायण और अमित लूथरा की भारतीय चौकड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद 2006 दोहा एशियाई खेलों में अनिर्बान लाहिड़ी, गगनजीत भुल्लर, चिराग कुमार और जोसेफ चकोला की टीम ने रजत पदक अपने नाम किया।
इसके बाद 2010 ग्वांगझोउ एशियाई खेलों में राशिद खान, अभिजीत चड्ढा, राहुल बजाज और अभिनव लोहान की भारतीय टीम ने एक बार फिर रजत पदक हासिल किया। अब भारतीय महिला टीम की रजत पदक उपलब्धि ने एशियाई खेलों में भारत के गोल्फ पदकों की सूची को और समृद्ध किया है।
प्रणवी उर्स का व्यक्तिगत स्वर्ण और भारतीय महिला टीम का रजत पदक देश में महिला गोल्फ के बढ़ते स्तर का प्रमाण माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला गोल्फरों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रशिक्षण, फिटनेस, तकनीकी तैयारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनुभव के कारण भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार मजबूत हुआ है।
प्रणवी की सफलता इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि इससे देश के युवा खिलाड़ियों को यह विश्वास मिलेगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय गोल्फर भी शीर्ष स्थान हासिल कर सकते हैं। एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच पर स्वर्ण पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
आईजीयू की ओर से घोषित नकद पुरस्कार खिलाड़ियों के लिए सम्मान के साथ-साथ प्रोत्साहन का भी काम करेगा। प्रणवी उर्स को 10 लाख रुपये और महिला टीम की प्रत्येक सदस्य को 3 लाख रुपये दिए जाने से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। इससे युवा खिलाड़ियों में गोल्फ को करियर के रूप में अपनाने और उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की प्रेरणा भी बढ़ सकती है।
गोल्फ एक ऐसा खेल है जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और मानसिक मजबूती की आवश्यकता होती है। ऐसे में बड़े टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और पुरस्कार मिलना खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
प्रणवी उर्स के स्वर्ण पदक ने भारतीय गोल्फ में महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को एक नई पहचान दी है। इससे पहले अदिति अशोक सहित कई भारतीय महिला गोल्फरों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा साबित की है। अब प्रणवी की स्वर्णिम सफलता ने भारतीय महिला गोल्फ को एक नई ऊंचाई दी है।
विशेषज्ञों और खेल प्रेमियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि प्रणवी आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपने इस प्रदर्शन को किस तरह बरकरार रखती हैं। एशियाई खेलों की सफलता निश्चित रूप से उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए उन्हें और मजबूत बनाएगी।
2026 एशियाई खेलों में प्रणवी उर्स का स्वर्ण पदक और भारतीय महिला टीम का रजत पदक केवल दो पदक नहीं हैं, बल्कि भारतीय गोल्फ के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी हैं। एक ओर जहां प्रणवी ने व्यक्तिगत स्पर्धा में इतिहास रचा, वहीं महिला टीम ने सामूहिक प्रदर्शन के दम पर देश को एक और पदक दिलाया।
भारतीय गोल्फ यूनियन की ओर से खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने का फैसला इन उपलब्धियों के सम्मान के साथ-साथ देश में गोल्फ के प्रति बढ़ती उम्मीदों को भी दर्शाता है। प्रणवी उर्स के ऐतिहासिक स्वर्ण ने भारतीय खेल जगत को एक और यादगार उपलब्धि दी है और अब उनके सम्मान में घोषित 10 लाख रुपये का पुरस्कार इस सफलता को और खास बना देगा।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


