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- 13h ago
नई दिल्ली। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को भारत की आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र की सुधार प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। संगठन ने केंद्र सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार को बधाई दी है। सीआईआई के अध्यक्ष आर. मुकुंदन और महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि यह निर्णय देश में आर्थिक एवं वित्तीय सुधारों को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीआईआई के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, बड़े आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए केवल नीतिगत निर्णय लेना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उनके क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण, दृढ़ विश्वास और लगातार प्रयास भी जरूरी होते हैं। उनके मुताबिक, आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश के संबंध में सरकार का फैसला इसी सोच का उदाहरण है।
सीआईआई के अध्यक्ष आर. मुकुंदन ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश से जुड़े केंद्र सरकार के फैसले को भारत की आर्थिक सुधार यात्रा में उल्लेखनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि बड़े आर्थिक सुधार दूरदर्शिता, दृढ़ विश्वास और निरंतर प्रयासों की मांग करते हैं। सरकार का यह निर्णय इन तीनों पहलुओं को प्रदर्शित करता है।
मुकुंदन ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और सुधारों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के साथ-साथ उन्हें प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना भी जरूरी है।
उनके अनुसार, आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश से संबंधित निर्णय को इसी व्यापक आर्थिक सुधार प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने इसे सरकार की सुधारोन्मुख सोच का महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
सीआईआई अध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि आर्थिक सुधारों का महत्व केवल किसी एक नीतिगत फैसले तक सीमित नहीं रहता। ऐसे निर्णय व्यापक आर्थिक और वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। इसी दृष्टिकोण से उन्होंने आईडीबीआई बैंक के संबंध में सरकार के फैसले को महत्वपूर्ण बताया।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने भी आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश के फैसले को भारत के वित्तीय क्षेत्र में सुधारों की दिशा में अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय देश में वित्तीय सुधारों की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
बनर्जी के अनुसार, इस फैसले से आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प प्रदर्शित होता है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सुधार को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की।
सीआईआई महानिदेशक ने रणनीतिक विनिवेश को वित्तीय क्षेत्र में बदलाव की व्यापक प्रक्रिया से जुड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उनके मुताबिक, देश की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे नीतिगत फैसलों का महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को भारत की वित्तीय क्षेत्र सुधार प्रक्रिया में उल्लेखनीय कदम करार दिया और इस दिशा में सरकार की पहल की प्रशंसा की।
सीआईआई अध्यक्ष आर. मुकुंदन और महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के बयानों से स्पष्ट है कि संगठन आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को भारत की आर्थिक एवं वित्तीय सुधार यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखता है। दोनों पदाधिकारियों ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की सराहना की है।
सीआईआई देश के प्रमुख उद्योग संगठनों में से एक है और आर्थिक नीतियों तथा कारोबारी माहौल से जुड़े मुद्दों पर उद्योग जगत का दृष्टिकोण सामने रखता है। ऐसे में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया इस निर्णय को लेकर उद्योग जगत के एक प्रमुख संगठन का समर्थन दर्शाती है।
हालांकि, रणनीतिक विनिवेश के व्यापक आर्थिक प्रभाव का आकलन उसके क्रियान्वयन, संबंधित शर्तों और आगे की प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। सीआईआई ने फिलहाल इस फैसले को सुधारों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है। कुल मिलाकर, आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को लेकर सीआईआई की प्रतिक्रिया यह रेखांकित करती है कि संगठन इसे भारत में आर्थिक और वित्तीय सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानता है। मुकुंदन और बनर्जी ने इस फैसले की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार की सुधारोन्मुख पहल देश की आर्थिक एवं वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


