17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। 11 यूपी बटालियन एनसीसी मथुरा के तत्वावधान में ओडी कॉम्प्लेक्स, मथुरा में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-44 का छठा दिन कैडेट्स के लिए ज्ञान, अनुशासन, आत्मविश्वास और जागरूकता से भरपूर रहा। कमान अधिकारी कर्नल विकांत त्यागी (सेना मेडल) के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ वर्तमान समय की चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
शिविर का उद्देश्य केवल कैडेट्स को सैन्य अनुशासन सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है जो हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर सके। इसी सोच के अनुरूप छठे दिन का पूरा कार्यक्रम तैयार किया गया।
सुबह की शुरुआत निर्धारित समय पर पीटी, परेड और शारीरिक व्यायाम से हुई। प्रशिक्षकों के निर्देशन में कैडेट्स ने ड्रिल, अनुशासन और फिटनेस से जुड़े अभ्यास किए। इसके बाद सभी कैडेट्स ने योग एवं सामूहिक गतिविधियों में भाग लेकर दिनभर के प्रशिक्षण की शुरुआत की। अधिकारियों ने बताया कि नियमित शारीरिक प्रशिक्षण से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति भी बढ़ती है।
गर्ल्स कैडेट्स को सिखाए आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर
प्रथम सत्र में समविद् गुरुकुलम् मथुरा की शिक्षिका कु. मीनू ने विशेष रूप से गर्ल्स कैडेट्स को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रत्येक छात्रा और युवती को आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय संयम और आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने हाथ पकड़ने से बचने, पीछे से हमले की स्थिति में स्वयं को सुरक्षित निकालने, सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहने, आसपास उपलब्ध वस्तुओं का आत्मरक्षा में उपयोग करने तथा संकट के समय सहायता प्राप्त करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। कैडेट्स ने इन तकनीकों का अभ्यास कर उन्हें व्यवहारिक रूप से समझा।
उन्होंने यह भी बताया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का विषय नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता, सतर्कता और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता का भी नाम है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि वे अपने परिवार और समाज की अन्य बालिकाओं को भी आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करें।
साइबर अपराधों से बचने के बताए प्रभावी उपाय
इसके उपरांत कैप्टन गोविन्द शर्मा ने सभी एनसीसी कैडेट्स को साइबर सुरक्षा विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इसलिए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना उतना ही आवश्यक है जितना वास्तविक जीवन में।
उन्होंने कैडेट्स को फिशिंग ई-मेल, फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी, ऑनलाइन निवेश के झूठे प्रलोभन, फर्जी नौकरी के ऑफर, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट, क्यूआर कोड स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, ओटीपी फ्रॉड और यूपीआई धोखाधड़ी जैसी साइबर अपराधों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी कम से कम साझा करें तथा मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।
उन्होंने कैडेट्स को यह भी बताया कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए तथा साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी गई धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
अनुशासन और नेतृत्व क्षमता पर दिया गया विशेष बल
एनसीसी अधिकारियों ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे प्रभावी संस्था है। यहां मिलने वाला अनुशासन, समय की पाबंदी, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और राष्ट्र सेवा का संस्कार जीवनभर काम आता है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स समाज में अनुशासन और सेवा भावना के प्रतीक होते हैं। प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक अभियानों, रक्तदान शिविरों, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में एनसीसी कैडेट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
खेल प्रतियोगिताओं में दिखा कैडेट्स का उत्साह
सायंकालीन सत्र पूरी तरह खेल गतिविधियों के नाम रहा। कैम्प-44 में भाग ले रहे कैडेट्स के बीच वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। खेल मैदान में कैडेट्स ने जोश, अनुशासन और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया।
रस्साकशी प्रतियोगिता में कैडेट्स का उत्साह देखते ही बन रहा था, जबकि कबड्डी और फुटबॉल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती और रणनीति का परिचय दिया। वॉलीबॉल मैचों में भी शानदार तालमेल और खेल भावना देखने को मिली। अधिकारियों ने कहा कि खेल मानसिक तनाव कम करने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों के कैडेट्स ले रहे हैं प्रशिक्षण
इस संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लगभग सैकड़ों एनसीसी कैडेट्स भाग ले रहे हैं। इनमें किशोरी रमण महाविद्यालय, किशोरी रमण इंटर कॉलेज, चम्पा अग्रवाल इंटर कॉलेज, जवाहर विद्यालय मथुरा, आदर्श इंटर कॉलेज, जवाहर विद्यालय ओल, गांधी इंटर कॉलेज, जसवंत सिंह भदौरिया डिग्री कॉलेज, रतन लाल फूल कटोरी देवी गर्ल्स विद्यालय, सेंट डॉमिनिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, श्री राम दुलारी डिग्री कॉलेज, संस्कृति यूनिवर्सिटी सहित अनेक शिक्षण संस्थानों के कैडेट्स शामिल हैं।
सैन्य जीवन का मिल रहा व्यवहारिक अनुभव
शिविर में कैडेट्स को सैन्य जीवन की दिनचर्या का व्यवहारिक अनुभव भी कराया जा रहा है। उन्हें समयबद्ध जीवनशैली, परेड, ड्रिल, मैप रीडिंग, हथियारों की प्राथमिक जानकारी, प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निर्माण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सेवा और देशभक्ति जैसे विषयों पर भी लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एनसीसी अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में सेना, अर्धसैनिक बलों तथा अन्य सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार होते हैं। साथ ही वे समाज के जिम्मेदार और जागरूक नागरिक के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाते हैं।
शिविर के दौरान कैडेट्स में अनुशासन, समय की पाबंदी और सीखने की उत्सुकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अधिकारी और प्रशिक्षक भी लगातार उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं ताकि शिविर समाप्त होने तक प्रत्येक कैडेट शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से पहले से अधिक सक्षम बन सके। इस अवसर पर कैम्प एडजुटेंट कैप्टन नूतन कुमार, एनसीसी अधिकारी विश्वम्भर दयाल, लेफ्टिनेंट अभिषेक सोलंकी, डॉ. हीरालाल, सूबेदार मेजर राजविंदर सिंह सहित अन्य सैन्य अधिकारी, प्रशिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने कैडेट्स के अनुशासन, उत्साह और सीखने की लगन की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र सेवा के प्रति सदैव समर्पित रहने का संदेश दिया।


