17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
खेकड़ा। डूंडाहैड़ा स्थित आचार्य विद्यासागर गौशाला परिसर शुक्रवार को भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया। यहां ऐलक विज्ञानसागर जी महाराज का 54वां जन्म जयंती महोत्सव श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित पिच्छिका परिवर्तन समारोह में दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर धर्मलाभ उठाया।
सुबह से ही गौशाला परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक क्रियाओं और अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जयंती महोत्सव का शुभारंभ सुबह करीब 11 बजे मुनि नमिसागर महाराज एवं क्षुल्लक पूर्णानंद महाराज के पावन सानिध्य में हुआ। संतों के मंगल सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम के कारण पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
धर्मावलंबियों ने संतों के प्रवचन एवं आशीर्वचन का लाभ लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान और संतों के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण का सौभाग्य मनीष जैन पटवारी एवं बिंदु पटवारी, राजगढ़ कॉलोनी दिल्ली को प्राप्त हुआ। ध्वजारोहण के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
इसके बाद कार्यक्रम की अन्य धार्मिक एवं औपचारिक गतिविधियां संपन्न कराई गईं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से दुबई से पहुंचीं महक जैन ने मंच का उद्घाटन किया। उनके कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह नजर आया।
मंच उद्घाटन के बाद धार्मिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया और संतों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने विभिन्न आयोजनों में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान चित्र अनावरण का आयोजन भी किया गया। चित्र अनावरण का सौभाग्य वीरेंद्र पायल सोनी, प्रीत विहार तथा अंकुर जैन एवं रितेश जैन, अरिहंत ज्वेलर्स मेरठ को प्राप्त हुआ।
इसके बाद विधि-विधान के साथ दीप प्रज्ज्वलन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन अरुण जैन एवं मोनिका जैन, मॉडल टाउन दिल्ली तथा नरेश चंद जैन पहाड़िया एवं सरिता विहार दिल्ली द्वारा किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयघोष के साथ कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
जयंती महोत्सव के दौरान संतों के पाद प्रक्षालन का धार्मिक आयोजन भी हुआ। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य अरुणा जैन, शैलेष जैन एवं बोबी हौजरी, प्रीत विहार दिल्ली को प्राप्त हुआ।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। संतों के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम में धार्मिक शास्त्र भेंट करने का भी आयोजन किया गया। सुनील जैन एवं इंदु जैन, संजय नगर गाजियाबाद ने शास्त्र भेंट किए। श्रद्धालुओं ने इसे सौभाग्य का अवसर बताते हुए धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
वहीं रेखा जैन, विश्वास नगर दिल्ली को पिच्छी भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पिच्छिका परिवर्तन समारोह जैन परंपरा का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है और इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विशेष श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
जयंती महोत्सव का प्रमुख आकर्षण पिच्छिका परिवर्तन समारोह रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में धर्मावलंबी गौशाला परिसर में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम के दौरान परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। वातावरण में धार्मिक भजन और जयघोष गूंजते रहे।
जयंती महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन, उनके त्याग, तप, संयम और समाज को दिए गए संदेशों को भी स्मरण किया। संतों के जीवन और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की प्रेरणा दी गई।
धर्मावलंबियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कार, संयम, सेवा और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। जयंती महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का भी माध्यम है।
शुक्रवार को डूंडाहैड़ा स्थित गौशाला परिसर में सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही परिसर में चहल-पहल बढ़ती गई। संतों के सानिध्य में होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ भाग लिया।
जयंती महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और परिवार की सुख-समृद्धि एवं समाज में शांति की कामना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य विद्यासागर गौशाला कमेटी और अतिशय क्षेत्र जयशांतिसागर निकेतन परिवार का विशेष योगदान रहा। कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए कार्यकर्ता लगातार सक्रिय रहे।
जयंती महोत्सव में स्थानीय जैन समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की। समाज के लोगों ने धार्मिक आयोजन में सहयोग करने के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जयंती महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन में आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला।
आयोजन को सफल बनाने में चेयरमैन प्रवीण जैन, अध्यक्ष कुलदीप जैन, महामंत्री अंकित जैन एवं कोषाध्यक्ष संजय कुमार जैन सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। स्थानीय जैन समाज के लोगों ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।
दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं ने संतों का सानिध्य प्राप्त किया और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर धर्मलाभ उठाया। पिच्छिका परिवर्तन समारोह और जयंती महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
आयोजन के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह बना रहा। लोगों ने संतों से आशीर्वाद लेकर कार्यक्रम से विदाई ली।
ऐलक विज्ञानसागर जी महाराज के 54वें जन्म जयंती महोत्सव ने डूंडाहैड़ा स्थित आचार्य विद्यासागर गौशाला परिसर को पूरे दिन भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगे रखा। बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


