यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 13h ago
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीतापुर रोड स्थित नैमिष नगर और आगरा एक्सप्रेस-वे स्थित वरुण विहार आवासीय योजना का भूमि-पूजन कर औपचारिक शुभारंभ करेंगे। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इन दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं का विकास लगभग 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में किया जाएगा। योजनाओं के तहत करीब 4,600 भूखंडों के लिए ऑनलाइन पंजीयन और बुकिंग की प्रक्रिया भी गुरुवार से शुरू होगी।
मुख्य कार्यक्रम आगरा एक्सप्रेस-वे स्थित ग्राम दोना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे वरुण विहार में दोपहर करीब तीन बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योजनाओं का भूमि-पूजन करने के साथ ही कई आवासीय परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम में मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहेंगे। आयोजकों के अनुसार करीब 25 हजार लोगों के कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना है।
शहरी विस्तारीकरण के तहत प्रस्तावित नैमिष नगर और वरुण विहार को लखनऊ के भविष्य के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों योजनाओं के पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां 6.50 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे राजधानी के बढ़ते आवासीय दबाव को कम करने और शहर के बाहरी क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
इन योजनाओं में आवासीय भूखंडों के साथ सड़क, पार्क, हरित क्षेत्र, मूलभूत सुविधाओं और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास की भी योजना बनाई गई है। इससे लखनऊ के विस्तार को एक नियोजित स्वरूप देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे प्रस्तावित वरुण विहार योजना में पहले चरण में दो सेक्टर लॉन्च किए जाएंगे। इनमें काशी खंड और कैलाश खंड शामिल हैं।
प्राधिकरण के अनुसार दोनों सेक्टरों में करीब 2,700 आवासीय भूखंडों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जाएगी। इच्छुक आवेदक पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कर योजना में भूखंड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
आगरा एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी के कारण इस क्षेत्र में भविष्य में आवासीय गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है। योजना के विकसित होने के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी सड़क, बाजार, व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
इसी तरह सीतापुर रोड स्थित नैमिष नगर योजना के दो सेक्टरों को भी लॉन्च किया जाएगा। इनमें ब्रह्म खंड और भूमि खंड शामिल हैं।
इन दोनों सेक्टरों में करीब 1,700 भूखंडों का ऑनलाइन पंजीयन खोला जाएगा। इस तरह नैमिष नगर और वरुण विहार में मिलाकर करीब 4,600 भूखंडों के लिए बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्राधिकरण की योजना इन क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की है। पूरी परियोजना के आकार को देखते हुए आने वाले वर्षों में यहां बड़ी आबादी के बसने की संभावना है।
नैमिष नगर और वरुण विहार केवल भूखंड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके व्यापक शहरी विकास की योजना तैयार की गई है। दोनों परियोजनाओं के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यहां 6.50 लाख से अधिक लोगों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होने का अनुमान है।
राजधानी की लगातार बढ़ती आबादी और आवास की मांग को देखते हुए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से नए आवासीय क्षेत्र विकसित होने से शहर के मौजूदा इलाकों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत विकसित किए जाने वाले अनंत नगर में अदिति अपार्टमेंट और शारदा नगर में बागेश्वरी अपार्टमेंट शामिल हैं।
इन परियोजनाओं में एक और दो बीएचके फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा मध्यम वर्ग के लिए भी अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मध्यम वर्ग की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बसंतकुंज में पार्क व्यू अपार्टमेंट, गोमती नगर विस्तार में लेक व्यू अपार्टमेंट और ऐशबाग क्षेत्र में ऐशबाग स्क्वायर का भी शिलान्यास प्रस्तावित है।
इन सभी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को मिलाकर चार हजार से अधिक फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इनमें अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
प्राधिकरण के अनुसार करीब एक हजार लोगों को फ्लैट आवंटित भी किए जा चुके हैं। आने वाले चरणों में अन्य आवासीय परियोजनाओं के आवंटन और निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए बुधवार को पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं। कार्यक्रम स्थल पर मंच और विशाल पंडाल तैयार किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कार्यक्रम स्थल पर हेलीपैड भी तैयार किया गया है। परिसर में सजावट का काम पूरा कराया गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी सुबह से देर रात तक तैयारियों का जायजा लेते रहे। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर आने-जाने वाले लोगों, पार्किंग, सुरक्षा, मंच, बैठने की व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
नैमिष नगर और वरुण विहार के चयनित सेक्टरों में भूखंडों की बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शुरू की जाएगी। इससे इच्छुक लोगों को आवेदन प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वरुण विहार के काशी खंड और कैलाश खंड में करीब 2,700 तथा नैमिष नगर के ब्रह्म खंड और भूमि खंड में करीब 1,700 भूखंड लॉन्च किए जाएंगे। यानी पहले चरण में कुल लगभग 4,600 भूखंडों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होगी।
आवेदकों को योजना से संबंधित नियम, पात्रता, भूखंड का विवरण, पंजीयन प्रक्रिया और भुगतान से जुड़ी शर्तों की जानकारी संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इन परियोजनाओं के शुरू होने से लखनऊ के सीतापुर रोड और आगरा एक्सप्रेस-वे से जुड़े क्षेत्रों में शहरी गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है। बड़े स्तर पर आवासीय विकास के साथ इन इलाकों में भविष्य में बाजार, परिवहन, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं की मांग भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी बड़े आवासीय क्षेत्र की सफलता केवल भूखंड या फ्लैट उपलब्ध कराने से नहीं, बल्कि सड़क, जल निकासी, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं के समयबद्ध विकास पर भी निर्भर करती है। ऐसे में इन परियोजनाओं का आगामी चरणों में होने वाला विकास महत्वपूर्ण रहेगा।
गुरुवार का कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें दो बड़ी भूखंड आधारित आवासीय योजनाओं के शुभारंभ के साथ-साथ कई बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
एक ओर नैमिष नगर और वरुण विहार में हजारों भूखंडों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होगी, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर विभिन्न क्षेत्रों में अपार्टमेंट परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा।
इस तरह राजधानी में एक ही दिन में प्लॉट और फ्लैट—दोनों श्रेणियों में बड़े पैमाने पर आवासीय विकास की शुरुआत होगी।
लखनऊ की आबादी और शहरी सीमा लगातार बढ़ रही है। पुराने आवासीय क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता सीमित होने के कारण शहर के बाहरी हिस्सों में नए नियोजित आवासीय क्षेत्रों का विकास महत्वपूर्ण हो गया है।
नैमिष नगर और वरुण विहार जैसी बड़ी योजनाओं के जरिए नए क्षेत्रों में व्यवस्थित तरीके से आवासीय विस्तार करने की योजना है। इन परियोजनाओं में बड़ी आबादी के बसने के बाद शहर की भौगोलिक सीमा और आर्थिक गतिविधियों के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
पहले चरण में करीब 4,600 भूखंडों की बुकिंग शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों के लिए अपना घर बनाने का अवसर उपलब्ध होगा। हालांकि वास्तविक आवंटन योजना के नियमों, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध भूखंडों के आधार पर होगा।
भूखंड खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए आवेदन करने से पहले योजना की आधिकारिक शर्तों, दरों, पात्रता, आरक्षण व्यवस्था, भुगतान कार्यक्रम और अन्य नियमों को ध्यान से पढ़ना महत्वपूर्ण होगा।
बड़े आवासीय क्षेत्र के विकास का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहता। निर्माण गतिविधियों, सामग्री आपूर्ति, परिवहन, खुदरा कारोबार, सेवाओं और अन्य स्थानीय व्यवसायों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
जब हजारों परिवार नए क्षेत्रों में बसते हैं तो स्कूल, अस्पताल, किराना बाजार, रेस्टोरेंट, बैंक, छोटे व्यवसाय और अन्य सेवाओं की जरूरत भी बढ़ती है। इस लिहाज से दोनों योजनाओं के पूर्ण विकास के बाद आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में भी विस्तार की संभावना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भूमि-पूजन और शिलान्यास के साथ नैमिष नगर और वरुण विहार की योजनाएं औपचारिक रूप से आगे बढ़ेंगी। गुरुवार से ही करीब 4,600 भूखंडों के लिए ऑनलाइन पंजीयन और बुकिंग की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है।
वरुण विहार में काशी खंड और कैलाश खंड तथा नैमिष नगर में ब्रह्म खंड और भूमि खंड के लॉन्च के साथ राजधानी के नए आवासीय विस्तार को गति मिलेगी। वहीं पांच प्रमुख अपार्टमेंट परियोजनाओं के शिलान्यास से फ्लैट आधारित आवासीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव इनके निर्माण, आधारभूत सुविधाओं और चरणबद्ध विकास की गति पर निर्भर करेगा। फिलहाल, हजारों भूखंडों और चार हजार से अधिक प्रस्तावित फ्लैटों के जरिए लखनऊ में बड़े पैमाने पर आवासीय विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।


