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केंद्रीय बजट 2026: कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने बताया एमएसएमई-और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 को उच्च आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला दस्तावेज बताते हुए चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के संकल्प को मजबूत करता है। आज नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि यह पहली बार है जब एमएसएमई क्षेत्र को बजट के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बजट को विकसित भारत @2047 के लिए एक साहसिक, विकासोन्मुख और व्यापार-अनुकूल रोडमैप बताया, जो आत्मनिर्भर, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप है।
उन्होंने सरकार द्वारा एमएसएमई को ‘विकास के चैंपियन’ के रूप में मान्यता दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि छोटे व्यवसाय और व्यापारी अब भारत की विकास रणनीति के केंद्र में हैं। खंडेलवाल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वदेशी’ आह्वान को मजबूत करते हुए देश में निर्माण, मूल्य संवर्धन और भारतीय उत्पादों की ब्रांडिंग को बढ़ावा देता है, साथ ही निर्यात की संभावनाओं को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा, “स्वदेशी और वैश्विक बाजारों के बीच यह तालमेल भारतीय उत्पादों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ पहुंचने में मदद करेगा।” ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा का स्वागत करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि इससे सरकार की यह मंशा साफ झलकती है कि वह एमएसएमई को देश की दीर्घकालिक विकास और निर्यात योजनाओं से जोड़ना चाहती है।उन्होंने कहा कि यह योजना तीन मजबूत आधारों—इक्विटी सहयोग, बेहतर तरलता और पेशेवर मार्गदर्शन पर आधारित है, जो एमएसएमई को आगे बढ़ने में पूरी मदद करेगी।
उन्होंने बताया कि इक्विटी सहयोग, कर्ज के विपरीत, उद्यमों को बिना तत्काल किस्तों के दबाव के तकनीक में निवेश, उत्पादन विस्तार और निर्यात बाजार तलाशने का अवसर देता है।“यह एमएसएमई को केवल नकदी सहायता से आगे बढ़ाकर दीर्घकालिक क्षमताओं से सशक्त करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने यह भी कहा कि जब वैश्विक मांग अस्थिर है और वित्तीय लागत अधिक है, तब ऐसे कदम एमएसएमई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ₹2,000 करोड़ की आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त राशि से तेजी से बढ़ने वाले एमएसएमई बिना बैलेंस शीट दबाव के विस्तार कर सकेंगे।
एमएसएमई के लिए पूंजी प्रवाह को तेज करने वाले सुधार को रेखांकित करते हुए खंडेलवाल ने पूंजी प्रवाह को तेज करने के लिए किए गए कई सुधारों का स्वागत किया, जिनमें शामिल हैं सीपीएसई द्वारा एमएसएमई से खरीद के लिए टीआरईडीएस को अनिवार्य करना, इनवॉइस डिस्काउंटिंग के लिए क्रेडिट गारंटी, जैम को टीआरईडीएस से जोड़ना, टीआरईडीएस के रिसीवेबल्स का सेक्यूरिटाइजेशन।
उन्होंने कहा, “इन उपायों से एमएसएमई को सस्ती, तेज और भरोसेमंद कार्यशील पूंजी उपलब्ध होगी। कॉरपोरेट मित्र योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना अनुपालन को आसान बनाकर व्यापारिक माहौल में बड़ा बदलाव लाएगी।इसके तहत पेशेवर संस्थान छोटे-छोटे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेंगे, जिनसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रमाणित ‘कॉरपोरेट मित्र’ तैयार होंगे।ये प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स एमएसएमई को कम लागत पर अनुपालन संबंधी सहायता देंगे, जिससे छोटे व्यवसायों का समय और खर्च दोनों कम होगा। एमएसएमई के लिए मजबूत वित्तीय समर्थन हेतु बजट प्रस्तावों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने एमएसएमई के लिए बढ़ाए गए बजटीय प्रावधानों का स्वागत किया, जिनमें टीआरईडीएस – ₹9,000 करोड़,फंड ऑफ फंड्स – ₹1,900 करोड़, रैंप – ₹1,500 करोड़,पीएम विश्वकर्मा – ₹3,861 करोड़, तथा आत्मनिर्भर भारत फंड – ₹4,000 करोड़ के ज़रिए प्रचुर मात्रा में वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।उन्होंने कहा कि इससे व्यापार वित्त श्रृंखला को मजबूती मिलेगी और एमएसएमई को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
कस्टम ड्यूटी में कमी का जिक्र करते हुए खंडेलवाल ने कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में कटौती और युक्तिकरण की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी, भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ₹5,98,520 करोड़ का लॉजिस्टिक क्षेत्र में आवंटन माल ढुलाई को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाएगा। इसमें हरित माल गलियारे, तेज क्लीयरेंस और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े लॉजिस्टिक्स पर विशेष जोर है। साथ ही ₹10,000 करोड़ की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना से घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और रेल, सड़क व जलमार्ग से माल ढुलाई सुगम होगी।उन्होंने कहा, “लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धा की छिपी हुई ताकत है। ये सुधार भारतीय सप्लाई चेन को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाएंगे। खंडेलवाल ने कहा, की “केंद्रीय बजट 2026 एक निर्णायक, सुधारोन्मुख और भविष्य के लिए तैयार दस्तावेज है, जो घरेलू व्यापार को मजबूत करता है, एमएसएमई को सशक्त बनाता है और भारत को वैश्विक निर्माण व व्यापार का भरोसेमंद केंद्र बनाता है—यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है।
*कैट करेगा 1 मई से 4 मई तक भारत मंडपम में “भारतीय व्यापार महोत्सव” का आयोजन*
इस महोत्सव का उद्देश्य भारतीय व्यापार और उद्योग, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र की ताकत को प्रदर्शित करना है। देशभर से 2,000 से अधिक एमएसएमई इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।
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