नई दिल्ली। सदन का तीन दिन का विशेष सत्र शुरू हो गया है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा मे तीन संशोधन विधेयक पेश किए. ताकि इन संशोधन के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल यानी महिला आरक्षण बिल को लागू किया जा सके. यह बिल 2023 में पास हुआ था. इसी सिलसिले में पीएम मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया. यह तीन संशोधन विधेयक केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन के पटल पर रखे. इनमें महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल शामिल है. लोकसभा में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विधेयकों पर चर्चा करते हुए कहा कि हम सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें. मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वो देश की दशा और दिशा भी तय करने वाला है. पीएम ने कहा, ’21वीं सदी में भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. विश्व में भी आज भारत की स्वीकृति महसूस कर रहे हैं. ये हमारे पास गौरव का पल है. विकसित भारत के नीति निर्धारण में सबका साथ सबका विकास समाहित है.
पीएम ने कहा, ‘देश की 50 फीसदी जनसंख्या नीति निर्धारण का हिस्सा बने, ये समय की मांग है. जो राजनीतिक दिशा में ही सोचते हैं उन्हें सलाह देना चाहता हूं कि हमारे देश में जबसे महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब जब चुनाव आए, महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को देश की महिलाओं ने माफ नहीं किया. उनका हाल बुरे से बुरा किया है.’
पीएम ने कहा, ‘2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ क्योंकि 2024 में सबने इसे सहमति से पारित किया तो ये विषय ही नहीं रहा. किसी को फायदा किसी को नुकसान नहीं हुआ. जिनको राजनीति की बू आ रही है, उनका भी फायदा इसी में है कि जो नुकसान हो रहा है, उससे बच जाओगे.
पीएम ने कहा, ‘इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है. एक चर्चा सुनने को मिलती थी कि ये कैसे लोग हैं कि पंचायतों में आरक्षण देना है तो आराम से दे देते हैं क्योंकि उसमें उनको खुद का पद जाने का डर नहीं लगता है. आज से पहले जिसने भी विरोध किया, वो राजनीतिक सतह से नीचे नहीं गया. पिछले 25-30 साल पहले महिलाएं बोलती नहीं थीं, आज वो वोकल हैं.’
पीएम ने कहा, ‘महिलाएं कहती हैं कि झाड़ू पोंछा वाले काम में तो जोड़ देते हो, अब हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ो. राजनीतिक जीवन में जो लोग प्रगति चाहते हैं, उनको ये मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25-30 सालों में लाखों बहनें ग्रास रूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं.
पीएम ने कहा, ‘जो आज विरोध करेंगे, उसे लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी. महिलाओं को आने तो दो (मुलायम और उनके परिवार को निशाने पर लेते हुए) धर्मेंद्र यादव को संबोधित करते हुए – ये बात सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं. पीएम ने कहा, ‘अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी कभी मदद कर देते हैं. मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं, लेकिन संविधान ने रास्ता दिखाया है कि सबको साथ लेकर चलूं. देश की नारी शक्ति हमारे निर्णय के साथ साथ हमारी नीयत को देखेगी. पीएम ने कहा, ‘पिछले दिनों जब 2023 में हम चर्चा कर रहे थे, तब हर कोई कह रहा था कि जल्दी करो। 2024 में लागू करना संभव नहीं था. 2029 में अवसर है.समय की मांग है कि हम ज्यादा विलंब न करें.’ पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।







