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आइपीयू का दीक्षांत समारोह युवा ही विकसित भारत के संकल्प की शक्तिः रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सतत नवाचार जैसी तकनीकों के दुनिया को नया आकार देने के बीच युवाओं से अपनी शिक्षा को सिर्फ डिग्रियों और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखने की गुजारिश की। उपराज्यपाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में शिरकत की और विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संधू ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा एक ऐसे दौर में कदम रख रहा है, जहां एआई और सतत नवाचार जैसी तकनीकें दुनिया को नया आकार दे रही हैं, इसलिए इस बदलते दौर में अपनी शिक्षा केवल डिग्रियों और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि इसमें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अनुकूलनशीलता, तार्किक सोच और नवाचार का साहस होना अनिवार्य है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 26,649 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई, जिनमें 22,932 स्नातक, 3,582 स्नातकोत्तर, 11 एम.फिल. और 124 पीएचडी डिग्रियां शामिल हैं। इस वर्ष की पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में महिलाओं की 70 प्रतिशत भागीदारी रही।
इसके अतिरिक्त, 76 गोल्ड मेडल और छह मेमोरियल अवॉर्ड्स भी मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान किए गए। संधू ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में हजारों नई यात्राओं की शुरुआत है, इसलिए शिक्षा को केवल एक व्यक्तिगत अलब्धि न मानकर, इसे समाज और राष्ट्र के प्रति एक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह की महान शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि ज्ञान न्याय और सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और भारत का भविष्य इन प्रतिभाशाली युवाओं के हाथों में सुरक्षित है, जो अपने साहस, उद्देश्य और समर्पण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि छात्रों के वर्षों के कठिन परिश्रम, अटूट समर्पण और कड़े अनुशासन का प्रतिफल है। गुप्ता ने कहा कि आज स्नातक हो रहे युवा ही ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने वाले वास्तविक सारथी हैं तथा उनकी प्रतिभा और सामथ्र्य ही देश को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग न केवल व्यक्तिगत प्रगति के लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करें।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा एआई, रोबॉटिक्स, डेटा साइंस और डिजाइन नवाचार जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। गुप्ता ने विशेष रूप से ‘अटल इन्क्यूबेशन सेंटर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 170 से अधिक स्टार्टअप को समर्थन देकर विश्वविद्यालय युवाओं को ‘जॉब सीकर’ (नौकरी मांगने वालों) के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ (नौकरी सृजित करने वाला) बना रहा है। अपने संबोधन में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने जीजीएसआईपीयू की यात्रा को अभूतपूर्व और प्रभावशाली बताया, विश्वविद्यालय की लगातार शैक्षिक प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को अपने संबंधित क्षेत्रों में नेता बनने, सही दिशा में आगे बढ़ने और अपनी पेशेवर यात्रा में पहल और जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया। एक शक्तिशाली उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि “विमान हवा के विपरीत उड़ते हैं,” छात्रों से आग्रह किया कि वे चुनौतियों का सामना करते समय आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति का इंजन कभी बंद न करें। उन्होंने जोर दिया कि जबकि भारत को अपनी युवा शक्ति की आवश्यकता है, युवाओं को भी राष्ट्र के विकास और आकांक्षाओं से जुड़े रहना चाहिए।
शैक्षिक उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए, विश्वविद्यालय ने 76 गोल्ड मेडल 1 असाधारण प्रदर्शन पुरस्कार और 6 विशेष स्मारक पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार विजेताओं में, फिजा खान (बी.आर्च, यूएसएपी) ने गर्ल टॉपर के रूप में सिद्दार्थ खिटोलिया कैश प्राइज अवार्ड ₹22,000 प्राप्त किया। सूर्यांशु त्रिपाठी (बीए-एलएलबी, जीआईबीएस) को राज कुमार जैन मेमोरियल अवार्ड (गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट) से सम्मानित किया गया, जबकि साक्षी गर्ग (बी.एड, जीआईएएसटी) ने डॉ. पूनम मानशानी अवार्ड (गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट) प्राप्त किया। अर्चिता जैन (बी.टेक सीएसई, एडीजीआईटीएम) को टेक्नोलॉजी में उत्कृष्टता के लिए अशोक साहनी अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें ₹51,000 का नकद पुरस्कार शामिल है। रुचिका कौर (एमबीए, एमएआईटी) को शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए डॉ. भास्कर प्रकाश जोशी गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
मेडिकल स्ट्रीम में, अभिनव बंसल (एमडी – डर्मेटोलॉजी, एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल हॉस्पिटल) ने मेडिसिन में उत्कृष्टता के लिए सुमन साहनी अवार्ड प्राप्त किया, जिसमें ₹51,000 का नकद पुरस्कार शामिल है। इसके अलावा, नव्या पुरी (एम.एससी. फिजियोथेरेपी, आईआईपी) को 10 सीजीपीए प्राप्त करने के लिए असाधारण प्रदर्शन पुरस्कार (सर्टिफिकेट और सिल्वर प्लाक) से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा ने दीक्षांत समारोह को परिश्रम, अनुशासन और विकास का प्रतिबिंब बताया, विश्वविद्यालय के नवाचार, अनुसंधान और तेजी से विकसित हो रहे विश्व के लिए छात्रों को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करने को पुनः पुष्ट किया। उन्होंने स्नातकों को जिम्मेदारी, ईमानदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह का समापन पर डॉ. कमल पाठक, विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार ने स्नातक वर्ग की उपलब्धियों और भविष्य को आकार देने के लिए उनकी तैयारी को स्वीकार करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।
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