नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो का दायरा 2026 के अंत तक राजधानी के हर कोने-कोने तक होगा. गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद से भी साउथ दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली या किसी भी कोने तक सीधी आवाजाही संभव हो सकेगी. दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तीन प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है. फरवरी तक इनका करीब 70 से 80 फीसदी तक निर्माण कार्य हो चुका है. जबकि प्रायोरिटी कॉरिडोर के अलावा तीन नई लाइनों को मंजूरी मिल चुकी है. फेज-4 पूरा होने से दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या 29 से बढ़कर 40 से अधिक हो जाएगी.. फेज 4 में जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन पर ट्रायल या आंशिक शुरुआत हो चुकी है. बाकी लाइनें 2026 के अंत तक चालू होने का लक्ष्य है.
*1. जनकपुरी वेस्ट- आरके आश्रम*
दिल्ली मेट्रो फेज-4 का सबसे लंबा और महत्वपूर्ण कॉरिडोर जनकपुरी-आरके आश्रम कॉरिडोर है. यह मौजूदा मैजेंटा लाइन का विस्तार है. इसके प्रमुख स्टेशन जनकपुरी पश्चिम, कृष्णा पार्क एक्सटेंशन (यह चालू हो चुका है). जबकि पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, पीतमपुरा, प्रशांत विहार, हैदरपुर बादली मोड़, आजादपुर, अशोक विहार, नबी करीम को आरके आश्रम से जोड़ा जा रहा है.कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक का हिस्सा खुल चुका है. बाकी बचे हिस्से को जून-जुलाई 2026 तक चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा. कुल लंबाई: 28.92 किमी कुल स्टेशन: 22 (7 अंडरग्राउंड, 15 एलिवेटेड).
*2. मजलिस पार्क – मौजपुर (पिंक लाईन एक्सटेंशन)*
यह कॉरिडोर पिंक लाइन के विस्तार को पूरा करेगा. इसके पूरा होते ही पिंक लाइन दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो बन जाएगी. इसके प्रमुख स्टेशन बुराड़ी क्रॉसिंग, झरोदा माजरा, जगतपुर गांव, सूरघाट, सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा और यमुना विहार हैं. इसका निर्माण लगभग 80-85% पूरा हो चुका है. भजनपुरा और यमुना विहार के बीच मेट्रो का पहला डबल-डेकर वायाडक्ट (नीचे फ्लाईओवर ऊपर मेट्रो) तैयार है. ये 2026 के अगले कुछ महीनों में चालू हो जाएगा.
*3. एरोसिटी-तुगलकाबाद (गोल्डन लाईन)*
दिल्ली मेट्रो की इस लाइन को पहले सिल्वर लाइन कहा जाता था. अब बदलावों के साथ इसका नाम गोल्डन लाइन किया गया है. यह साउथ दिल्ली के कई इलाकों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सीधा जोड़ेगी. एयरोसिटी, महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, इग्नू, नेब सराय, साकेत जी-ब्लॉक, अंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार और तुगलकाबाद इसके मेट्रो स्टेशन होंगे.तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी और वसंत कुंज जैसे स्टेशनों पर टनलिंग का काम पूरा हो चुका है. करीब 24 किमी की इस मेट्रो लाइन के मार्च 2026 तक चालू होने की उम्मीद है.
*तीन और मेट्रो कॉरिडोर मंजूर*
केंद्र सरकार ने मार्च 2024 और उसके बाद दिल्ली मेट्रो कुछ और कॉरिडोर को मंजूरी दी है, जिन पर काम शुरू हो चुका है या टेंडर प्रक्रिया में है.
*4. इंदरलोक – इंद्रप्रस्थ (ग्रीन लाईन एक्सटेंशन):* यह लगभग 12.37 किमी लंबा कॉरिडोर है, जिसमें 10 स्टेशन होंगे. यह पुरानी दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाएगा. अब इसे मैजेंटा लाइन के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है.
*5. लाजपत नगर – साकेत जी ब्लॉक (गोल्डन लाईन एक्सटेंशन):* इसकी लंबाई 8.38 किमी है. इसमें 8 स्टेशन होंगे और यह दक्षिण दिल्ली के महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगा
*6. रिठाला – नरेला – कुंडली (रेड लाईन एक्सटेंशन):* यह कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा (सोनीपत) से जोड़ेगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 26.5 किमी प्रस्तावित है.
*दिल्ली मेट्रो फेज-4 की चार खूबियां*
*ड्राइवरलेस तकनीक:* फेज-4 के नए कॉरिडोर पर भी मैजेंटा और पिंक लाइन की तरह ‘ड्राइवरलेस’ तकनीक का इस्तेमाल होगा. यानी बिना ड्राइवर मेट्रो चलेगी.
*डबल-डेकर फ्लाईओवर:* उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सड़क और मेट्रो एक ही पिलर पर होंगे, जिससे जमीन की बचत होगी.
*बेहतर ट्रांजिट हब:* मेट्रो फेज-4 के बाद आजादपुर, जनकपुरी पश्चिम, लाजपत नगर और साकेत जैसे स्टेशन बड़े ट्रांजिट हब होंगे
*इंटरचेंज हब:* फेज-4 पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या 29 से बढ़कर 40 से अधिक हो जाएगी, जिससे यात्रा का समय घटेगा.
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।







