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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार अपना नौवां बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार अपना नौवां बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया। लोकसभा में उनका बजट भाषण कुल 85 मिनट का रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल से लेकर आयकर टैक्स के लिए कई एलान किए हैं।
*पूंजीगत व्यय में ₹1 लाख करोड़ की वृद्धि*
सरकार ने पूंजीगत व्यय ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा ‘पावर बूस्टर’ और विकास को ‘विटामिन’  नई सड़कें, पुल और रेलवे ट्रैक बनने से नए रोजगार मिलेंगे अर्थव्यवस्था में प्राइवेट निवेश को मिलेगा सहारा.
*बजट 2026 के 10 बड़ी घोषणाएं*
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे तीन रसायनिक पार्क, मेगा टेक्सटाइल पार्क सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के जरिये तैयार उपकरण एवं सामग्री के उत्पादन पर जोर एमएसएमई क्षेत्र में चैंपियन बनने के लिए कोष बनाने का प्रस्ताव ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में लगेंगी रेयर अर्थ इकाइयां वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी माहौल बनाने के लिए कंटेनर विनिर्माण योजना का प्रस्ताव स्टील और सीमेंट जैसे क्षेत्रों के लिए 20,000 करोड़ रुपए का प्रावधान नेचुरल यार्न स्कीम एवं रोजगार योजना और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का प्रस्ताव सरकारी वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी, पीएफसी के पुनर्गठन का प्रस्ताव.
*बजट की बड़ी बातें*
दिव्यांग जन कौशल योजना शुरू होगी दिव्यांग सहारा योजना लाई जाएगी नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट रांची में प्रस्तावित
बुद्धा सर्किट बनाया जाएगा खेल क्षेत्र में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें मंजूर, राज्यों को 41% टैक्स ट्रांसफर वेटरनरी कॉलेज और डायग्नोस्टिक लैब के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता.
*राजकोषीय घाटा 4.3% रहने का अनुमान*
घाटा कम होने का मतलब है कि सरकार कम ब्याज चुकाएगी पैसा जनहित की योजनाओं पर खर्च होगा जब सरकार बाजार से कम उधार लेती है, तो सिस्टम में पैसा बढ़ेगा बाजार में ब्याज दरों पर दबाव कम होगा निजी क्षेत्र के पास विस्तार के लिए सस्ता फंड उपलब्ध होगा भारत की ‘क्रेडिट रेटिंग’ के लिए सकारात्मक.
*कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6% रहने का प्रस्ताव*
भारत की ग्लोबल रेटिंग में सुधार होगा कर्ज अनुपात कम होने से सरकार के पास पैसा बचेगा स्वास्थ्य, शिक्षा और मनरेगा जैसी योजनाओं पर अधिक खर्च होगा घाटा पूरा करने के लिए बाजार से बहुत ज्यादा उधार नहीं लेना पड़ेगा लंबे समय में महंगाई को काबू में रखने में मदद मिलेगी.
*बजट में छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा*
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करते हुए छात्रों, तकनीकी पेशेवरों और स्थानांतरित एनआरआई जैसे छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पहले अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के लिए जुर्माने की राशि पर करदाताओं पर कोई ब्याज नहीं देना होगा, चाहे परिणाम कुछ भी हो। वित्त मंत्री ने 31 जनवरी, 2026 तक किए गए निवेश पर अधिसूचित सहकारी समितियों द्वारा प्राप्त लाभांश आय के लिए तीन साल की छूट का भी प्रस्ताव दिया। सरकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग विकसित करेगी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा आपात और आघात (ट्रॉमा) देखभाल केंद्र स्थापित करके जिला अस्पतालों की क्षमता में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। बजट में भारत में डेटा केंद्रों का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक कर छूट देने का प्रस्ताव।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों की लाभांश आय को कटौती के रूप में अनुमति, सरकार सभी तरह के शेयरधारकों द्वारा शेयर की पुनर्खरीद पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लेगी। बजट में जिंस वायदा पर प्रतिभूति लेनदेन कर को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव। सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान सामान (बैगेज) ले जाने से संबंधित प्रावधानों में संशोधन करेगी ताकि यात्रियों की वास्तविक चिंताओं का समाधान किया जा सके। बजट में भारत में विनिर्मित वस्तुओं या नगण्य आयात वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट को समाप्त करने का प्रस्ताव। सीतारमण ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे को आयकर से छूट देने का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने छात्रों, तकनीकी पेशेवरों और स्थानांतरित एनआरआई जैसे छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने अधिसूचित सहकारी समितियों के 31 जनवरी, 2026 तक किए गए निवेश पर प्राप्त लाभांश आय के लिए तीन साल की छूट का प्रस्ताव रखा। विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) की दर को पहले 20 प्रतिशत और फिर पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार मंदिरों और मठों को संरक्षित करने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए एक योजना शुरू करेगी। सरकार देश के प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक-एक छात्रावास बनाएगी। सरकार ने बजट में लोथल और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जबकि चालू वित्त वर्ष में इसके 4.4 प्रतिशत का अनुमान है। सरकार ने कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का प्रस्ताव किया जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत है। सरकार का कुल व्यय 2026-27 में 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का प्रस्ताव।
*यूपीआई लेनदेन जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर*
देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये होने वाला लेनदेन जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के मूल्य और 21.70 अरब की संख्या के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। एनपीसीआई ने बताया कि दिसंबर 2025 में लेनदेन का मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये रहा था। मासिक आधार पर लेनदेन के मूल्य में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में औसत दैनिक लेनदेन 70 करोड़ रहा जिसका औसत मूल्य 91,403 करोड़ रुपये था। वर्ल्डलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रमेश नरसिम्हन ने कहा, यूपीआई की वृद्धि की गति लगातार मजबूत हो रही है। केवल जनवरी 2026 में भारतीयों ने 28.33 लाख करोड़ रुपये के 21.7 अरब यूपीआई लेनदेन किए, जो दिसंबर की तुलना में अधिक है और सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।
*सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया*
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए कहा कि आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और 41 प्रतिशत कर हस्तांतरण का फार्मूला बरकरार रखा है। पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब के लिए ऋण-सम्बद्ध पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का बजट में प्रस्ताव।
*नगर निगम के बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव*
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को नगर निगम द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी लिमिटेड (पूर्व में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के पुनर्गठन की भी घोषणा की। मंत्री ने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बैलेंस शीट और ऐतिहासिक रूप से उच्च लाभप्रदता है। उन्होंने अपने बजट भाषण में विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की समीक्षा करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा सरकार नारियल, चंदन, अखरोट जैसी उच्च-मूल्य वाली फसलों को समर्थन देगी। वित्त मंत्री ने खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया।
*ऑरेंज अर्थव्यवस्था: भारत के एवीजीसी क्षेत्र को बढ़ावा*
भारत में एवीजीसी क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होने का अनुमान 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना के लिए इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीस, मुंबई को समर्थन देने के लिए प्रस्ताव वित्त मंत्री ने कहा भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) को ‘पोर्टफोलियो निवेश योजना’ के तहत भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश की अनुमति होगी। ऑरेंज अर्थव्यवस्था: भारत के एवीजीसी क्षेत्र को बढ़ावा भारत में एवीजीसी क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होने का अनुमान
15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना के लिए इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीस, मुंबई को समर्थन देने के लिए प्रस्ताव वित्त मंत्री ने कहा भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) को ‘पोर्टफोलियो निवेश योजना’ के तहत भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश की अनुमति होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से निकल चुके हैं बाहर। बजट में अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ बायोफार्मा ‘शक्ति’ का प्रस्ताव। वित्त मंत्री ने सरकार चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्रों की स्थापना में राज्यों की मदद करेगी। ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव किया, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जो चालू वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि आईसीएआई और आईसीएसआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूलर पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव। बजट 2026–27 में प्राकृतिक रेशा योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का प्रस्ताव।
वित्त मंत्री ने 2026-27 के बजट में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को फिर से शुरू करने की योजना का प्रस्ताव रखा। भारत एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में, अपनी विस्तारवादी व्यापारिक और पूंजीगत आवश्यकताओं के साथ, महत्वाकांक्षा और समावेशिता के बीच संतुलन बनाते हुए #विकसितभारत की दिशा में कदम उठाना जारी रखेगा। भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना चाहिए, अधिक निर्यात करना चाहिए और स्थिर, दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करना चाहिए।  वित्त मंत्री ने मझोले और छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) तथा मंदिर शहरों के विकास का प्रस्ताव किया। बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष की स्थापना का प्रस्ताव। बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष की स्थापना का प्रस्ताव। बजट 2026-27 में एकीकृत कपड़ा कार्यक्रम की घोषणा की, पांच उप-योजनाएं शामिल।
*विकसित भारत के लिए बैंकिंग रिफॉर्म के लिए हाई लेवल कमेटी बनेगी*
वित्त मंत्री ने कहा कि, विकसित भारत के लिए बैंकिंग रिफॉर्म के लिए हाई लेवल कमेटी बनेगी। वित्त मंत्री ने घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से तीन रसायनिक पार्क, वृहद कपड़ा पार्क के गठन का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने समुद्री विमान के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी माहौल बनाने के लिए कंटेनर विनिर्माण की योजना का प्रस्ताव रखा। सीतारमण ने बजट भाषण में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा। रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण का विस्तार भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण हब बनाने के लिए बायोफार्मा शक्ति योजना.
इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 का शुभारंभ जल्द
इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट विनिर्माण योजना के लिए परिव्यय बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये हो जाएंगे ओडि़शा, केरल, आन्ध्र प्रदेश और तमिलनाडु में समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर.
*सरकार का संकल्प गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों पर ध्यान देना*
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनिर्माण, स्वास्थ्य देखभाल और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, एमएसएमई समेत छह क्षेत्रों में कदम उठाने का प्रस्ताव किया। मजबूत वित्तीय क्षेत्र बचत जुटाने, पूंजी आवंटित करने और बेहतर शासन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण। सरकार का संकल्प गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों पर ध्यान देना। देश ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में कदम उठाना जारी रखेगा।
*टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी ट्रंप टैरिफ से लड़ने में मदद*
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें ट्रंप सरकार की ओर से लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ की मार झेल रही टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण ऐलान किए गए हैं. वित्त मंत्री ने बजट स्पीच में श्रम आधारित वस्त्र (टेक्सटाइल) क्षेत्र के लिए पांच मुख्य कंपोनेंट वाला एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम पेश किया. इसमें नेशनल फाइबर स्कीम और समर्थ 2.0 पहल शामिल हैं.
नेशनल फाइबर स्कीम का ऐलान
वित्त मंत्री ने बताया कि पहली पहल नेशनल फाइबर स्कीम है, जिसका मकसद रेशम, ऊन और जूट जैसे नेचुरल फाइबर के साथ-साथ मानव-निर्मित और नई पीढ़ी के औद्योगिक फाइबर में आत्मनिर्भरता हासिल करना है. दूसरी पहली टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम, जिसका उद्देश्य पारंपरिक क्लस्टर्स को आधुनिक बनाना है. इसके लिए मशीनरी, तकनीकी अपग्रेड और कॉमन टेस्टिंग तथा सर्टिफिकेशन सेंटर के लिए पूंजी समर्थन (कैपिटल सपोर्ट) दिया जाएगा.
*समर्थ 2.0 से बढ़ेगा कर्मचारियों की स्किल*
नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम  इस प्रोग्राम का तीसरा हिस्सा है, जिसे बुनकरों और कारीगरों को सहायता देते हुए मौजूदा योजनाओं को इंटीग्रेट और मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है. अन्य कंपोनेंट की बात करें तो इसमें टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 शामिल हैं. टेक्सटाइल क्षेत्र में कौशल (स्किलिंग) बढ़ाने के लिए समर्थ 2.0 का ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने का भी प्रस्ताव है.
*ट्रंप टैरिफ के बीच टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा*
यह बजट वैश्विक व्यापार तनाव के बीच भारत की निर्यात क्षमता को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगा दिया, जिसमें 25 फीसदी शुल्क रूस से कच्चे तेल खरीदने के लिए लगाया गया है. ट्रंप के भारी-भरकम शुल्क से जिन श्रम निर्भर क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, उनमें से टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर एक है.  इन टैरिफ से ऑर्डर में गिरावट की खबरें आई हैं. यही नहीं, कई फैक्टरियों के  बंद होने और लाखों रोजगार खतरे में पड़ गए हैं.
*बायोफार्मा शक्ति का ऐलान, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्र्रॉनिक्स विनिर्माण पर भी खास ध्यान*
वित्त मंत्री ने खास तौर पर स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए बड़े ऐलान किए. देश में तैयार होगा बायोफार्मा का समर्पित नेटवर्क बजट में बायोफार्मा और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ नामक नई योजना शुरू की गई है, जिसके तहत कुल 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इस योजना के अंतर्गत देश में बायोफार्मा क्षेत्र को समर्पित एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसमें तीन नए विश्वस्तरीय बायोफार्मा संस्थान स्थापित किए जाएंगे. ये संस्थान अनुसंधान, ड्रग डेवलपमेंट, वैक्सीन प्रोडक्शन और बायोसिमिलर तकनीकों पर फोकस करेंगे, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर बायोफार्मा हब बन सके.
इस कारण महत्वपूर्ण है बायोफार्मा वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद से बायोफार्मा सेक्टर में भारत की क्षमता और महत्व बढ़ा है. ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना से न केवल घरेलू दवा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि निर्यात क्षमता भी मजबूत होगी और महत्वपूर्ण दवाओं में आत्मनिर्भरता हासिल होगी. तीन नए संस्थानों के अलावा, मौजूदा बायोटेक रिसर्च सेंटर्स को अपग्रेड किया जाएगा और स्टार्टअप्स, एमएसएमई तथा प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप को बढ़ावा दिया जाएगा. यह कदम मेक इन इंडिया और विकसित भारत @2047 के विजन से जुड़ा हुआ है.
*सेमीकंडक्टर के लिए आईएसएम 2.0*
प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को अब आईएसएम 2.0 के रूप में विस्तार दिया जाएगा. पहले चरण में सेमीकंडक्टर फैब्स और असेंबली यूनिट्स पर फोकस था, जबकि आईएसएम 2.0 में डिजाइन, टेस्टिंग, पैकेजिंग और उन्नत चिप मैन्युफैक्चरिंग पर ज्यादा जोर होगा. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में 40,000 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है. यह राशि घरेलू उत्पादन बढ़ाने, इनोवेशन को प्रोत्साहन देने और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगी.
*भारत को इस तरह होगा लाभ*
ये घोषणाएं भारत को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और बायोटेक्नोलॉजी में अगले स्तर पर ले जाएंगी. सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा दोनों ही क्षेत्र रणनीतिक महत्व के हैं, जहां वैश्विक निर्भरता कम करना और स्वदेशी क्षमता विकसित करना जरूरी है. बजट के इन प्रावधानों से रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और निर्यात में भी तेजी आएगी.
*केंद्र सरकार के तीन कर्तव्यों को किया स्पष्ट*
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  सरकार के तीन मुख्य कर्तव्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह बजट पीएम मोदी के नवोन्मेषी दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें विशेष रूप से युवा शक्ति और विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बजट में गरीब, शोषित और वंचित वर्गों के लिए सरकार के संकल्प को भी प्रमुखता से रखा गया है। यह बजट कर्तव्य भवन में प्रस्तुत होने वाला पहला बजट है, जो सरकार के प्रतिबद्ध दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है।
*सरकार के तीन कर्तव्य*
निर्मला सीतारमण ने बजट प्रस्तुत करते हुए सरकार के तीन महत्वपूर्ण कर्तव्यों का उल्लेख किया:
हमारा पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा
सरकार का पहला कर्तव्य-* यह है कि वह आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखे। यह वृद्धि न केवल तात्कालिक हो, बल्कि भविष्य के लिए भी स्थिरता सुनिश्चित करने वाली हो।
*हमारा दूसरा कर्तव्य-* अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण विकसित करना है। वित्त मंत्री ने कहा सरकार अपने नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके विकास की क्षमता भी बनाए। यह लक्ष्य समग्र विकास की ओर अग्रसर करेगा।
*हमारा तीसरा कर्तव्य-* सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप विकास है। निर्मला सीतारमण ने बताया सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के दृष्टिकोण को लागू करती रहे, जिससे हर वर्ग के नागरिक को विकास के समान अवसर मिल सकें।
*आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह प्रमुख पहलें*
सीतारमण ने कहा कि सरकार ने आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव किया है, जिनसे उद्योग, रोजगार और समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा:
*सात प्रमुख क्षेत्रों में पहल शुरू करने का प्रस्ताव:* रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करने के लिए कदम उठाए जाएंगे, जिससे रोजगार और उद्योग में गति आएगी।
*विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प:* पुरानी औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार और आधुनिकीकरण की दिशा में पहल की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों से अधिक उत्पादन और रोजगार सृजन हो सके।
*चैंपियन एमएसएमई का निर्माण:* छोटे और मंझले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि ये उद्योग न केवल आर्थिक वृद्धि में योगदान करें, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी मजबूत बन सकें।
*अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन:* सरकारी योजनाओं में अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत सड़क, रेल, एयरपोर्ट, और अन्य आधारभूत ढांचे में सुधार किए जाएंगे।
*दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व:* सरकार का लक्ष्य दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विस्तार किया जाएगा और ऊर्जा के स्थायित्व को प्राथमिकता दी जाएगी।
*शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना:* शहरी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
*पीएम मोदी का नवोन्मेषी दृष्टिकोण*
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार का प्राथमिक उद्देश्य नवाचार, विकास और समग्र समृद्धि है। यह बजट विशेष रूप से युवा शक्ति को प्रोत्साहित करने और भविष्य के लिए स्थिर आर्थिक ढांचे को स्थापित करने पर आधारित है।
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन)।
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