बागपत। अंतिम मतदाता सूची की प्रकाशन तिथि की घोषणा से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी की प्रबल संभावना अब ग्रामीणों व पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे नेताओं को खलने लगी है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट पहुंचकर देरी की संभावना पर विरोध प्रदर्शन किया गया व अपर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर जल्द चुनाव कराने की मांग की।
इस दौरान ग्रामीणों ने संविधान के अनुच्छेद 243 ई का भी हवाला दिया, जिसमें पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित है। आरोप लगाया कि, इस संवैधानिक प्रावधान के बावजूद समय पर चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि चुनाव में हो रही देरी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य ठप्प पड़ गए हैं। साथ ही जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भी भटकना पड़ रहा है। वहीं विकास से संबंधित सरकारी योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे उनका लाभ पात्र लोगों तक सही ढंग से नहीं पहुंच रहा है।
इस अवसर पर सौंपे गए ज्ञापन में राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया कि, पंचायत चुनाव में देरी से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था भी कमजोर हो रही है। चेतावनी दी कि, यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को बड़े स्तर पर करेंगे तथा विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |







