हरिद्वार। सीएम धामी ने आज हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन, बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सम्मेलन में उपस्थित देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं।
वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि सत्संग से विवेक जागृत होता है। संतों ने सिखाया है कि परमपिता परमेश्वर एक है और सर्वत्र व्याप्त है। हम सब मानव हैं। हमें सामाजिक समरसता कायम रखने और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करना आवश्यक है। पर्यावरण व जल संरक्षण पर जोर देते हुए प्लास्टिक को नियंत्रित करने का भी आह्वान किया। बैसाखी महोत्सव के उपलक्ष्य में ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर मानव सेवा उत्थान समिति परिवार की अमृता रावत, सुयश जी महाराज, विभू जी महाराज, आराध्या, मोहना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया







